दिलीप कुमार को था एडवांस्ड प्रोस्टेट कैंसर, जानें इस बीमारी के बारे में सबकुछ

अभिनेता दिलीप कुमार का बुधवार की सुबह न‍िधन हो गया। इसी के साथ पूरे देशभर में दुख का सैलाब छा गया। दिलीप कुमार को सांस लेने में काफी समय से दिक्‍कत हो रही थी, जिसके वजह से बीते 3 से 4 माह में कई मर्तबा अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। लेक‍िन इस दफा तबीयत में ज्‍यादा सुधार नहीं होने की वजह से द‍िलीप कुमार ने दुन‍िया को अलव‍िदा कह द‍िया।

Dilip Kumar suffered from advanced prostate cancer, All you need to know about this cancer

द‍िलीप कुमार का इलाज करने वाले डॉक्टर ने बताया है कि दिलीप कुमार एडवांस्ड प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित थे और ये शरीर के बाकी अंगों में फैल गया था। इस वजह उनके प्यूरल कैविटी में पानी भर गया था, जिसे कई बार न‍िकाला भी गया इसके बावजूद उनकी क‍िडनी फेल हो गई थी। आइए जानते है क्‍या होता है एडवांस्‍ड प्रोस्‍टेट कैंसर और इसमें मरीज को क‍िन बातों का विशेष ध्‍यान रखना होता है।

जान‍िए क्‍या होता है एडवांस्‍ड प्रोस्‍टेट कैंसर

जान‍िए क्‍या होता है एडवांस्‍ड प्रोस्‍टेट कैंसर

पुरुषों में यूरिनल ब्लैडर के नीचे के हिस्से में नींबू के आ‍कार का ग्लैंड होता है। इसे प्रोस्टेट ग्लैंड या पीयूष ग्रंथि भी कहते। ये पुरुषों के जननांगों का ह‍िस्‍सा होता है। जैसे-जैसे पुरूषों की उम्र बढ़ती है, वैसे वैसे इस ग्लैंड का साइज़ भी बढ़ने लगता है। लेकिन जब इस ग्‍लैंड का साइज़ सामान्‍य आकार से ज्‍यादा बढ़ जाए तो सचेत होने की जरुरत होती है।

प्रोस्‍टेट कैंसर के दो स्‍टेज होते है, पहला अर्ली स्‍टेज जिसमें कैंसर का पता करके इसे रेडिएशन, एंड्रोजन डिप्राईवेशन थैरेपी और सर्जरी की मदद से इसका इलाज संभव है। दूसरी एडवांस्‍ड स्‍टेज होती है, जिसमें इलाज थोड़ा मुश्किल होता है। इसमें रेडिएशन, एंड्रोजन डिप्राईवेशन थैरेपी और सर्जरी की मदद से बस बेहतर क्‍वॉल‍िटी ऑफ लाइफ दी जा सकती है।

क्‍या है इसके लक्षण

क्‍या है इसके लक्षण

- इसमें पेशाब करने में रुकावट सा महसूस होता है।

- बार-बार यूरीन आना।

- मरीजों को हड्डियों में दर्द, कमर दर्द और फिर कमर में दर्द भी हो सकता है

-इनमें से कोई भी लक्षण प्रोस्टेट कैंसर का स्पेसिफिक लक्षण नहीं है। ये लक्षण कई दूसरी बीमारियों में भी पाए जाते हैं।

- इस कैंसर की वजह से सीमन में भी खून नजर आता है।

क‍िन्‍हें है ज्‍यादा खतरा

क‍िन्‍हें है ज्‍यादा खतरा

उम्र बढ़ने के साथ प्रोस्टेट कैंसर होने की संभावना भी बढ़ जाती है। ज्यादातर पुरुषों में 50 की उम्र के बाद प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण नजर आने लगते है। अमूमन प्रोस्टेट कैंसर होने की औसत उम्र 65 साल देखी गई है। 40 से कम उम्र के पुरुषों में दुलर्भ स्थिति में ही प्रोस्टेट कैंसर की संभावना रहती है।

कैसे पहचान कर सकते है प्रोस्टेट कैंसर का

कैसे पहचान कर सकते है प्रोस्टेट कैंसर का

50 साल से ऊपर पुरुषों को PSA (Prostate Specific Antigen) यानी प्रोस्टेट स्पेसिफ़िक एंटीजन का टेस्ट करवाना बहुत ज़रूरी होता है। इसमें ब्लड टेस्ट किया जाता है। अगर PSA की वैल्यू बढ़ गई है तो मतलब प्रोस्टेट कैंसर होने की संभावना होती है।

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