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आपके कान से भी बहता है पानी, तो यहां जानिए इसका कारण और उपाय
कई बार लोग कानों से पानी निकलने की शिकायत करते हैं। जिसे लोग हल्के में लेते हैं लेकिन कई बार इसे गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। कई मामलों में कान बहने के कारण कान का पर्दा फट सकता है और बहरेपन की शिकायत भी हो सकते है। कान के बाहर या भीतर पानी जैसे तरल पदार्थ या मवाद या खून के रिसाव को ही कान बहना कहते हैं। आइए जानते है कान बहने पर क्या करना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

क्यों होता है कान से पानी लीक
हमारा कान एक ट्यूब के जरिए नाक के पिछले और गले के ऊपरी हिस्से से जुड़ा हुआ होता हैं। कई बार नाक और गले में होने वाली समस्याओं के कारण हमारा कान प्रभावित होता है। ऐसा होने पर कान में सूजन आने के साथ ये ट्यूब बंद हो जाती है जिसके कारण कान के मध्य भाग में एक तरह का तरल पदार्थ जमा होने लगता है। दबाव बढ़ने पर यह तरल पदार्थ बाहर निकल आता है और इससे कान के पर्दे को नुकसान होता है।

कान बहने के लक्षण-
- कान से सफेद, पीला या खून युक्त पदार्थ निकलना
- ईयर डिस्चार्ज के साथ तेज दर्द होना
- कान बहने के साथ ही बुखार या सिरदर्द होना
- सुनने की क्षमता में कमी
- एयर कैनाल में सूजन और रेडनेस होना
- चेहरे की कमजोरी

कान बहने के कारण
- किसी प्रकार का वायरल, बैक्टीरियल या फंगल इंफेक्शन
- बाहरी कान में चोट लगने, फोड़ा-फुंसी होने या फफूंद लगना
- वायु प्रदूषण
- गले में संक्रमण
- बुखार
- कुपोषण
- दांतों में इंफेक्शन
- कान में लम्बे समय तक ईयर फोन लगाकर रखना
- कान खुजाने के लिए नुकीली चीज डालना
- साइनस
- धूम्रपान
- हमेशा कान दबाकर सोना

बरतें ये सावधानियां
- कान में किसी तरह की चीज ना डालें और कान से छेड़खानी न करें।
- बाहर कान की सफाई करने वालों से कान साफ ना करवाने से बचें।
- कानों में गर्म तेल डालने से बचें।
- स्विमिंग करते वक्त ईयर प्लग्स जरुर पहनें।
- अगर पहले कभी ईयर इंफेक्शन हो चुका है, तो कानों में मोटी रुई या फिर ईयर प्लग्स का इस्तेमाल करें।
- अगर बार-बार फंगल इंफेक्शन होता है, तो डायबीटीज जरूर चेक करवाएं ।



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