फैटी लीवर से जुड़े इन मिथ्स को ना मानें सच

लीवर शरीर का एक बेहद ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह शरीर का दूसरा सबसे बड़ा अंग है, जो हानिकारक और विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है।इतना ही नहीं, लीवर आपके शरीर में विटामिन, फैट व अन्य कई पोषक तत्वों के पाचन में मददगार है। लेकिन जब लीवर में फैट जमा हो जाता है तो इसे फैटी लीवर की समस्या हो सकती है।

आमतौर पर, फैटी लीवर अल्कोहलिक व नॉन-अल्कोहलिक होता है। फैटी लीवर की बीमारी के बारे में अमूमन लोगों को पूरी तरह से जानकारी नहीं होती है। इसलिए वे इससे जुड़े कई मिथ्स को सच मान बैठते हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको फैटी लीवर से जुड़े कुछ मिथ्स और उनकी वास्तविक सच्चाई के बारे में बता रहे हैं-

मिथक 1- केवल शराब पीने वालों में फैटी लीवर विकसित होता है

मिथक 1- केवल शराब पीने वालों में फैटी लीवर विकसित होता है

सच्चाई- अमूमन लोग यह मानते हैं कि जो लोग अल्कोहल का सेवन करते हैं, सिर्फ उन्हें ही फैटी लीवर होने की संभावना है। यह सच है कि शराब पीने से फैटी लीवर होने का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन इसके अलावा अन्य किसी को भी फैटी लीवर की समस्या हो सकती है। शराब के अलावा अधिक वजन, मोटापा, अनहेल्दी फूड हैबिट्स, दवाएं, हाई कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह, थायरॉयड और कभी-कभी अनुवांशिक कारणों से भी फैटी लीवर की समस्या हो सकती है।

मिथक 2- केवल मोटे लोगों में ही फैटी लीवर की समस्या होती है।

मिथक 2- केवल मोटे लोगों में ही फैटी लीवर की समस्या होती है।

सच्चाई- कुछ लोग यह भी सोचते हैं कि फैटी लीवर की समस्या केवल मोटे लोगों में ही होती है। हालांकि, यह भी सच नहीं है। मोटापा फैटी लीवर के रिस्क फैक्टर में से है। लेकिन दुबले-पतले लोगों को भी फैटी लीवर की समस्या हो सकती है।

मिथक 3- रेग्युलर ब्लड टेस्ट से लीवर कंडीशन का पता लगाया जा सकता है

मिथक 3- रेग्युलर ब्लड टेस्ट से लीवर कंडीशन का पता लगाया जा सकता है

सच्चाई- यह एक मिथ है। रेग्युलर ब्लड टेस्ट के दौरान लीवर से जुड़ी वास्तविक समस्या का पता लगा पाना काफी कठिन हो सकता है। विशेष अंतर्निहित समस्या का पता लगाने के लिए एएसटी अर्थात् एस्पर्टेट एमिनोट्रांसफ़रेस और एएलटी अर्थात् एलानिन एमिनोट्रांस्फरेज मार्कर टेस्ट की जरूरत हो सकती है। यह लीवर के भीतर सेलुलर के नुकसान के लक्षणों के बारे में बताता है।

मिथक 4- लीवर की समस्याओं के कारण येलो स्किन और दर्द होता है

मिथक 4- लीवर की समस्याओं के कारण येलो स्किन और दर्द होता है

सच्चाई- कुछ लोग मानते हैं कि लीवर की समस्या के कारण येलो स्किन और दर्द की समस्या होती है। हालांकि, कई बार लीवर प्रॉब्लम होने पर कोई विशेष संकेत और लक्षण नजर नहीं आते हैं। कभी-कभी फैटी लीवर होने पर कुछ अन्य लक्षण जैसे चक्कर आना, मतली और पेट के दाहिने हिस्से में दर्द जैसे लक्षणों का अनुभव भी कर सकते हैं।

मिथक 5- फैटी लीवर की बीमारी एक बेहद ही दुर्लभ स्थिति है।

मिथक 5- फैटी लीवर की बीमारी एक बेहद ही दुर्लभ स्थिति है।

सच्चाई- कुछ लोग यह मानते हैं कि फैटी लीवर की बीमारी बेहद ही दुर्लभ है और इसलिए उन्हें यह बीमारी नहीं हो सकती है। हालांकि, यह भी एक मिथ है। पिछले कुछ समय से फैटी लीवर दुनिया भर में अधिक आम होता जा रहा है। कई देशों में अनहेल्दी डाइट, अत्यधिक शराब पीने के कल्चर और मोटापे के कारण कई लोगों में इसका रिस्क बढ़ता जा रहा है। वास्तव में, फैटी लीवर की समस्या अब एक नई महामारी बनकर उभर रही है। अब सिर्फ विदेशों में ही नहीं, बल्कि भारत में भी फैटी लीवर की समस्या बढ़ रही है।

मिथक 6- फैटी लीवर होने पर प्रोफेशनल कंसल्टेशन की जरूरत नहीं है

मिथक 6- फैटी लीवर होने पर प्रोफेशनल कंसल्टेशन की जरूरत नहीं है

सच्चाई- बहुत से लोग फैटी लीवर की समस्या को बहुत अधिक सीरियसली नहीं लेते हैं। इसलिए, यह समस्या होने पर प्रोफेशनल कंसल्टेशन की जरूरत नहीं है। जबकि वास्तव में ऐसा नहीं है। आप इसे मैनेज करने के लिए डॉक्टर से सलाह अवश्य लें और उनकी सलाह अनुसार ही कार्य करें।

Story first published: Saturday, December 3, 2022, 10:00 [IST]
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