Latest Updates
-
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी पर चाय पी सकते हैं या नहीं? जानें व्रत से जुड़े सभी जरूरी नियम -
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी के दिन झाड़ू लगाना शुभ या अशुभ? बसौड़ा पर भूलकर भी न करें ये गलतियां -
Sheetala Ashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है शीतला अष्टमी? जानिए सही डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
Sheetala Ashtami Vrat Katha: शीतला अष्टमी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, घर में आएगी सुख-समृद्धि -
Sheetala Ashtami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद बना रहे...इन संदेशों के साथ अपनों को दें बसौड़ा की बधाई -
कौन हैं संजू सैमसन की पत्नी चारुलता रमेश? टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद क्रिकेटर ने लिखा भावुक पोस्ट -
रणदीप हुड्डा बने पापा, लिन लैशराम ने बेटी को दिया जन्म, इंस्टाग्राम पर शेयर की क्यूट फोटो -
Kalashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है कालाष्टमी का व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि
फेस्टिवल स़ीजन खत्म होने के बाद भी बनी हुई है थकान, तो डाइट में करें ये जरूरी बदलाव
फेस्टिव सीजन भले ही खत्म हो चुका है। लेकिन इसके बाद भी थकान का एहसास बना हुआ है। यही कारण है कि आजकल जो कोई भी मिलता है वो ये ही कहता है कि बहुत थकान महसूस हो रही है। देखा जाए, तो घर की साफ-सफाई और मेहमानों के आगमन में इतना व्यस्त हो जाते है कि अपने शरीर पर ध्यान ही नहीं दे पाती। और जब फेस्टिव सी़जन खत्म होता है तब हमें थकान महसूस होने लगती है। इसलिए ये जरूरी है कि दिवाली के बाद हम फिर से वो तरीके अपनाएं जिससे हममें एक बार फिर से अपनी खोई सेहत पा सकें। यहां हम आपको दिवाली के बाद वापस ट्रेक पर लौटने के उपाय बताने जा रहे है।

ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर सही समय पर :
ये बात पूरी तरह से सही है कि शरीर की स्थिति तब ज्यादा बिगड़ जाती है, जब हमारे खाने का रूटीन बिगड़ जाता है। अगर हम ठीक समय पर ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर करते हैं तो इससे पाचन क्रिया ठीक रहती है। दोपहर और रात के भोजन के बीच कम से कम 4-6 घंटे का समय होना आवश्यक है। अगर बीच में आपको भूख लगती है तो आप ड्राई फ्रूट्स, फल आदि ले सकते हैं। इससे शरीर को आवश्यक न्यूट्रीशंस भी मिल जाएंगे और आपकी भूख भी शांत हो जाएगी।

मसालेदार खाना खाने से बचें:
मसालेदार खाना हमारी जीभ के स्वाद को तो बढ़ाता है, लेकिन मसालों से भरपूर खाना हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाता है। और चूंकि दिवाली में हम तरह-तरह के मसालेदार पकवान बनाकर खाते है, इसलिए ये जरूरी है कि दिवाली के बाद कुछ दिनों तक ज्यादा मसाले युक्त खाना खाने से बचा जाए।

लाइट भोजन करें :
घी-तेल के पकवान खाने के बाद जरूरी है कि कुछ समय पेट को आराम दिया जाए। यानि फेस्टिव स़ीजन के बाद ऐसा खाना खाना चाहिए, जो लाइट हो और जिससे पेट पर ज्यादा दबाव ना पड़ें। और इसके लिए चावल, दलिया और खिचड़ी आपके लिए बेस्ट ऑप्शंस होंगे। इसके साथ ही आप पेय पदार्थ में कांजी और छाछ जैसे प्रोबायोटिक पेय को शामिल कर सकते हैं। ये आपको पाचनतंत्र दुरस्त रखने में मदद करेंगे।

मिठाई से बना लें दूरी:
फेस्टिव स़ीजन मिठाईयों के बिना अधूरा है। लेकिन अधिक मिठाई का सेवन आपका शुगर लेवल बढ़ा सकती है। इसलिए ये जरूरी है कि दिवाली के बाद धीरे-धीरे करके मिठाई से दूरी बना ली जाए। याद रखें एकदम कोई भी चीज खाना ना छोड़ें। जैसे अगर हर दिन आप पांच पीस मिठाई के खा रहे थे तो उन्हें एक-एक करके कम करते रहे। इससे आपकी ये आदत अपने आप बदल जाएगी।

प्रोटीनयुक्त खाना खाए
प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है। प्रोटीन से पेट लंबे समय तक भरे रहने का अहसास होता है और प्रोटीन खाने से संतुष्टि भी जल्दी होती है, इसलिए अपनी डाइट में खूब सारा प्रोटीन शामिल करें। आपको बतादें कि एक सामान्य स्वस्थ व्यक्ति की रोज़ाना प्रोटीन की जरूरत 0.8 ग्राम/किलोग्राम होती है, जो कि हर व्यक्ति को स्वस्थ रहने के लिए लेनी ही चाहिए।

माइंडफुल इटिंग करें, ओवर इटिंग नहीं
खाने को धीरे-धीरे और चबाचबाकर खाएं। इससे संतुष्टि महसूस होती है और कम खाने में भी पेट भर जाता है। दिवाली के बाद पैकेज्ड फूड जैसे चिप्स, नाचोस, क्रैकर्स आदि न ही खाएं तो बेहतर है। इनकी जगह जब भूख लगे तो घर के बने क्रैकर, नट्स, मखाने, सब्जियां आदि खा लें। सेंसिबल ईटिंग करें, यानि सोच-समझकर पूरा ध्यान खाने पर केंद्रित करके भोजन करें। ऐसा करने से आपको पता चलता है कि पेट कब भर गया। कोशिश करें कि खाना कितना भी टेस्टी क्यों न हो लेकिन ओवर ईटिंग न करें।



Click it and Unblock the Notifications











