कोरोना वायरस: क्या है रैपिड एंटीजन टेस्ट, अमिताभ और अभिषेक बच्‍चन का भी हुआ था ये टेस्‍ट

देश में कोरोना वायरस की जांच के ल‍िए RT-PCR टेस्ट किया जाता है। कोरोना वायरस की पहचान के ल‍िए इस टेस्‍ट को सबसे विश्वसनीय माना गया है। लेकिन पिछले महीने से देश में रैपिड एंटीजन टेस्ट की भी शुरुआत हुई है। इसकी प्रक्रिया बहुत जल्दी पूरी हो जाती है और रिजल्ट भी आ जाता है।, जबकि RT-PCR टेस्ट में समय लगता है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने कोरोनो वायरस के लिए एंटीजन टेस्ट को मंजूरी दी जो सिर्फ 15 मिनट में परिणाम दे सकता है। जहां हम रैपिड एंटीजन टेस्ट के बारे में जानेंगे। हाल ही में कई शहरों में कोरोना के मामले बढ़ने की वजह से रैपिड एंटीजन टेस्‍ट करवाए जानें लगे हैं।

कैसे होता है रैपिड एंटीजन टेस्ट?

कैसे होता है रैपिड एंटीजन टेस्ट?

इस टेस्ट के लिए नाक में एक पतली से नली से सैंपल लिया जाता है। नाक से लिए गए उस लिक्विड को टेस्ट किट में डाला जाता है। ये किट थोड़ी ही देर में बता देती है कि जिसका सैंपल डाला गया है वो कोरोना वायरस से संक्रमित है कि नहीं। ये किट उसी तरह होती है, जैसे प्रेग्नेंसी टेस्ट किट होती है। सैंपल डालने के बाद अगर 2 रेड लाइन आती है तो इसका मतलब है कि कोरोना पॉजिटिव है। एक लाइन आती है तो वो कोरोना नेगेटिव है।

जो भी व्यक्ति इस टेस्ट के माध्यम से पॉजिटिव पाया जाता है, उसका इलाज तुरंत शुरू हो जाता है। उस टेस्ट की पॉजिटिव रिपोर्ट को पुख्ता माना जाता है। लेकिन किसी का टेस्ट नेगेटिव आया है और उसमें कोरोना के लक्षण हैं तो फिर उसका RT-PCR टेस्ट किया जाता है।

अब तक किट का उपयोग कंटेनमेंट जोन या हॉटस्पॉट्स और हेल्थकेयर सेटिंग्स में किया जा रहा है। ICMR ने सलाह दी है कि परीक्षण मेडिकल सुपरविजन के तहत किया जाएगा और किट का तापमान 2 से 30 डिग्री सेल्सियस बनाए रखना होगा।

नेगेटिव और पॉज‍िट‍िव र‍िपोर्ट आने पर जानें क्‍या करते हैं?

नेगेटिव और पॉज‍िट‍िव र‍िपोर्ट आने पर जानें क्‍या करते हैं?

अगर रैपिड टेस्ट पॉजिटिव आता है तो हो सकता है कि वह व्यक्ति कोविड-19 का मरीज हो, ऐसे में उसे घर में ही आइसोलेशन में रहने या फिर अस्पताल में रखने की सलाह दी जाती है। वहीं अगर ये टेस्ट निगेटिव आता है तो फिर उसका रियल टाइम पीसीआर टेस्ट किया जाता है। रियल टाइम पीसीआर टेस्ट में पॉजिटिव आने पर अस्पताल या घर में आइसोलेशन में रखा जाता है। वहीं रियल टाइम पीसीआर टेस्ट निगेटिव आने पर माना जाता है कि उसमें कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं हैं।

अगर किसी शख्स का पीसीआर टेस्ट नहीं हो पाता है तो उसे होम क्वारंटीन में रखा जाता है और 10 दिन बाद दोबारा से एंटीबॉडी टेस्ट किया जाता है। यानी दोनों ही मामलों में ये पूरी तरह से कंफर्म नहीं होता कि मरीज कोरोना पॉजिटिव है या नहीं, कनफर्म रिपोर्ट के लिए रियल टाइम पीसीआर टेस्ट ही करना होता है। हालांकि, ये पता चल जाता है कि व्यक्ति का शरीर कोविड-19 से लड़ने के लिए एंटीबॉडी बना रहा है या नहीं।

ये है RT-PCR TEST?

ये है RT-PCR TEST?

इस टेस्ट को कोरोना की पहचान के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने गोल्ड स्टैंडर्ड फ्रंटलाइन टेस्ट कहा है। RT-PCR TEST में संभावित मरीज के नाक के छेद या गले से स्वाब लिया जाता है। ये टेस्ट लैब में ही किया जाता है। इस टेस्ट में Ribonucleic acid यानी कि RNA की जांच की जाती है। RNA वायरस का जेनेटिक मटीरियल है।

अगर मरीज से लिए गए सैंपल का जेनेटिक सीक्वेंस SARS-CoV-2 वायरस के जेनेटिक सीक्वेंस से मेल खाता है तो मरीज को कोरोना पॉजिटिव माना जाता है। इस टेस्ट में निगेटिव रिजल्ट तभी आता है जबकि मरीज के शरीर में वायरस मौजूद नहीं रहते हैं।

अमिताभ और अभिषेक का हुआ रैपिड एंटीजन टेस्ट?

अमिताभ और अभिषेक का हुआ रैपिड एंटीजन टेस्ट?

बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन और उनके बेटे अभिषेक बच्चन कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। दोनों का पहले रैपिड एंटीजन टेस्ट ही हुआ था, जो कि पॉजिटिव आया था।

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