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काम की खबर: ICMR ने जारी की कोरोना टेस्टिंग के लिए नई गाइडलाइन्स, इन लोगों को नहीं पड़ेगी RTPCR टेस्ट की जरुरत
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (IMCR) ने कोरोना टेस्टिंग के लिए नए गाइडलाइन्स जारी किए हैं। इन गाइडलाइन्स में आरटी-पीसीआर टेस्टिंग (RTPCR) को लेकर कुछ नए नियम लागू किए हैं, जिसमें स्पष्ट तरीके से बताया गया है कि किसेआरटी-पीसीआर टेस्ट की जरूरत है और किसे नहीं। तो, आइए जानते हैं इन गाइडलाइन्स के बारे में विस्तार से। कोरोना टेस्टिंग के लिए ICMR की नई गाइडलाइन्स के अनुसार इन 5 स्थितियों में RT-PCR टेस्ट न करवाने की बात कही गई है। आइए जानते है अब किन लोगों के लिए RT-PCR टेस्ट करवाना जरुरी नहीं है।

इन 5 स्थितियों में नहीं होगा RT-PCR टेस्ट
- ऐसा व्यक्ति जिसका एंटीजन टेस्ट पहले पॉजिटिव आया हो।
- ऐसा व्यक्ति जिसका RT-PCR टेस्ट पॉजिटिव आया हो।
-उस व्यक्ति का जिसे पिछले तीन दिनों से बुखार न हुआ हो और जिसने 10 दिनों का होम क्वारंटाइन पूरा किया हो।
- वे लोग जिन्हें कोरोना के इलाज के बाद हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया गया हो।
- एक स्वस्थ व्यक्ति जो कि अंतरराज्यीय घरेलू यात्रा कर रहा हो।

टेस्टिंग के लिए लैब्स पर है भारी दबाव
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (IMCR) ने मंगलवार को जारी अपने नए परीक्षण दिशानिर्देश में, मौजूदा प्रयोगशालाओं से लोड कम करने के लिए आरटी-पीसीआर परीक्षणों को कम करने के बारे में बताया है। अभी भारत में 2,506 लैब हैं जहां टेस्ट किए जा रहे हैं। नई गाइडलाइन जारी करने का उद्देश्य ये है कि लोग बिना वजह टेस्ट न कराए, जिससे की लैब्स पर बोझ नहीं बढ़ेगा। आईसीएमआर ने कहा, अभी लैब में काम कर्मचारियों के संक्रमित होने की वजह से ज्यादा लोड है। ऐसे में टेस्टिंग के टारगेट को पूरा करने में मुश्किल आ रही है। इस स्थिति को देखते हुए आरटी-पीसीआर टेस्ट उन लोगों को कराने की हिदायत दी गई है, जिन्हें जरुरत है।

कब आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना चाहिए?
आईसीएमआर ने कहा, अगर रैपिड एंटीजन में कोई व्यक्ति कोरोना निगेटिव आता है, लेकिन उसमें कोरोना के लक्षण दिख रहे हैं तो उसे कोरोना का आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना चाहिए।



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