विटामिन डी को अब्जार्ब करने के लिए जरूरी है दूध में पानी मिलाना, जानिए क्या कहती है स्टडी

शरीर की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए कई तरह के विटामिन की जरूरत होती है। इन्हीं में से एक है विटामिन डी। यह एक ऐसा विटामिन है, जो शरीर के लिए बेहद ही आवश्यक है। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। ऐसा कहा जाता है कि यह विटामिन कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ने में भी मदद करता है। साथ ही, यह विटामिन हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए भी उतना ही आवश्यक है। जब शरीर में विटामिन डी की कमी होती है, तो व्यक्ति बार-बार बीमार पड़ता है। इतना ही नहीं, इससे कोविड-19 होने की संभावना भी बढ़ जाती है, क्योंकि इससे इम्युन सिस्टम कमजोर हो जाता है।

अनुमान बताते हैं कि यूरोप की 40 प्रतिशत आबादी विटामिन डी की कमी से पीड़ित हो सकती है। इतना ही नहीं, 13 प्रतिशत संभावित रूप से गंभीर विटामिन डी की कमी से पीड़ित हो सकते हैं। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि डाइट में कुछ ऐसी चीजों को शामिल किया जाए, जिससे शरीर में विटामिन डी के अवशोषण में मदद मिले। हाल ही में हुई एक स्टडी के अनुसार विटामिन डी का गहरा कनेक्शन दूध और पानी के साथ है। तो चलिए जानते हैं विस्तारपूर्वक इस विषय में-

विटामिन डी की महत्ता व सोर्स

विटामिन डी की महत्ता व सोर्स

विटामिन डी और दूध व पानी के बीच कनेक्शन जानने से पहले आपको यह भी समझना होगा कि यह शरीर के लिए क्यों आवश्यक है और इसके सोर्स क्या हैं।

• विटामिन डी शरीर में कैल्शियम से अब्जॉर्बशन को बेहतर बनाता है, जिससे आपको मजबूत हडिड्यां व स्वस्थ दांत मिलते हैं।

• यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बूस्टअप करने में मदद करता है। जिससे कोविड-19 से लेकर अन्य कई वायरस व बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है।

• विटामिन डी को शरीर के नर्वस सिस्टम के लिए भी काफी अच्छा माना जाता है।

• विटामिन डी की शरीर में पर्याप्त मात्रा होने से बालों के झड़ने की समस्या कम हो जाती है।

• यह व्यक्ति करे डिप्रेशन व अन्य मेटल हेल्थ प्रॉब्लम्स को भी मैनेज करने में मदद करता है।

अगर विटामिन डी के स्त्रोतों की बात की जाए तो सूरज की किरणों को इसका मुख्य स्त्रोत माना गया है। इसके अलावा अंडे, मशरूम, गाय का दूध, मछली, विटामिन डी के सप्लीमेंट आदि को डाइट में शामिल करके भी शरीर में विटामिन डी की मात्रा को बढ़ाया जा सकता है।

स्टडी में आया सामने

स्टडी में आया सामने

विटामिन डी के अवशोषण का दूध और पानी से क्या संबंध है, यह जानने के लिएडेनमार्क में आरहूस विश्वविद्यालय के डॉ रासमस एस्पर्सन और उनके सहयोगियों ने 60-80 आयु वर्ग की 30 पोस्टमेनोपॉज़ल महिलाओं पर एक परीक्षण किया। यह महिलाएं विटामिन डी की कमी के साथ जूझ रही थी। निष्कर्ष इटली के मिलान में एंडोक्रिनोलॉजी के 24 वें यूरोपीय कांग्रेस में प्रस्तुत किए गए थे।

कुछ इस तरह की गई स्टडी

कुछ इस तरह की गई स्टडी

अध्ययन का उद्देश्य 200 ग्राम डी3 युक्त विभिन्न खाद्य पदार्थों की खपत के जवाब में ब्लड कंसन्ट्रेशन में तत्काल परिवर्तन को मापना था। मसलन, 500 एमएल पानी, दूध, जूस, विटामिन डी व विटामिन डी के बिना पानी से शरीर में होने वाले परिवर्तन को इस अध्ययन में जांचा व परखा गया। प्रत्येक अध्ययन के दिन 0h, 2h, 4h, 6h, 8h, 10h, 12h, और 24h पर रक्त के नमूने एकत्र किए गए।

यह निकला निष्कर्ष

यह निकला निष्कर्ष

अध्ययन के अनुसार, दूध और पानी विटामिन डी को अवशोषित करने के लिए सबसे कुशल वाहन के रूप में काम करते हैं। निष्कर्ष में पाया गया कि पानी और दूध के ग्रुप में देखे गए परिणाम समान थे। इस तथ्य को देखते हुए यह काफी अप्रत्याशित था कि दूध में पानी की तुलना में अधिक वसा होता है। अध्ययन से यह भी पता चला कि सेब के रस में व्हे प्रोटीन आइसोलेट डी3 की अधिकतम कंसन्ट्रेशन को नहीं बढ़ाता है।

यह तो हम सभी जानते हैं कि शरीर में कैल्शियम के अब्जॉर्बशन के लिए विटामिन डी आवश्यक होता है। शायद यही कारण है कि मजबूत हड्डियों के लिए कैल्शियम के साथ-साथ विटामिन डी रिच फूड का सेवन करने की सलाह दी जाती है। लेकिन यहां आपको यह भी ध्यान रखना होगा कि विटामिन डी युक्त भोजन लेने के बाद वह आपकी बॉडी में बेहतर तरीके से अब्जॉर्ब हो। इसके लिए आपको दूध और पानी का भी पर्याप्त मात्रा में सेवन करना चाहिए। स्टडी बताती है कि विटामिन डी फोर्टिफिकेशन जूस की तुलना में पानी या दूध में बेहतर काम करता है।

Desktop Bottom Promotion