Latest Updates
-
कौन हैं संजू सैमसन की पत्नी चारुलता रमेश? टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद क्रिकेटर ने लिखा भावुक पोस्ट -
रणदीप हुड्डा बने पापा, लिन लैशराम ने बेटी को दिया जन्म, इंस्टाग्राम पर शेयर की क्यूट फोटो -
Kalashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है कालाष्टमी का व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले
कोविड के कारण अब खसरा एक वर्ल्डवाइड खतरा बना, सीडीसी और डब्ल्यूएचओ ने चेताया
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने चेतावनी दी है कि कोरोना वायरस महामारी शुरू होने के बाद से खसरे के वैक्सिनेशन में काफी गिरावट आई है। जिसकी वजह से पिछले साल लगभग 40 मिलियन बच्चों को टीके की खुराक नहीं मिल पाई। डब्ल्यूएचओ और सीडीसी ने एक ज्वाइंट रिपोर्ट में कहा, "अब दुनिया भर के कई एरिया में खसरे के फैलने का इमनेंट खतरा है क्योंकि कोविड-19 के कारण वैक्सिनेशन कवरेज में लगातार गिरावट आई है और बीमारी की निगरानी कमजोर हुई है।

डब्ल्यूएचओ और सीडीसी ने कहा कि दुनिया के सबसे इनफेक्शन डिजीज में से लाखों बच्चे अब खसरे के प्रति सेंसटिव हैं। 2021 में, अधिकारियों ने कहा कि दुनिया भर में लगभग 9 मिलियन खसरे के संक्रमण और 128,000 मौतें हुईं।

साइंटिस्टों का अनुमान है कि एपिडेमिक से बचाव के लिए कम से कम 95% आबादी को अम्यून करने की जरूरत है। डब्ल्यूएचओ और सीडीसी ने बताया कि केवल लगभग 81 फीसदी बच्चों को खसरे के टीके की पहली खुराक मिलती है जबकि 71 प्रतिशत को दूसरी खुराक मिलती है, जो 2008 के बाद से पहली खसरे की खुराक की सबसे कम वर्ल्डवाइड कवरेज दर को मार्क करता है। सीडीसी के निदेशक डॉ. रोशेल वालेंस्की ने एक बयान में कहा, प्रतिरक्षित और खसरे के लिए अतिसंवेदनशील होने से पता चलता है कि कोविड-19 महामारी के दौरान टीकाकरण प्रणाली को कितना नुकसान हुआ है।

बता दें कि खसरा ज्यादातर सीधे संपर्क या हवा में फैलता है। बुखार, मांसपेशियों में दर्द और चेहरे और ऊपरी गर्दन पर त्वचा पर दाने जैसे लक्षण होते हैं। अधिकांश खसरे से संबंधित मौतें मस्तिष्क की सूजन और डिहाईड्रेशन सहित कॉम्प्लिकेशन्स के कारण होती हैं। WHO का कहना है कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों और 30 साल से अधिक उम्र के वयस्कों में गंभीर जटिलताएं सबसे गंभीर हैं। खसरे से होने वाली 95 फीसदी से अधिक मौतें विकासशील देशों में होती हैं, ज्यादातर अफ्रीका और एशिया में। खसरे का कोई विशिष्ट उपचार नहीं है, लेकिन इसके खिलाफ दो-खुराक वाला टीका गंभीर बीमारी और मृत्यु को रोकने में लगभग 97 फीसदी प्रभावी है। यूनाइटेड नेशन ने कहा कि 25 मिलियन बच्चे डिप्थीरिया सहित बीमारियों के खिलाफ डेली वैक्सिनेशन से चूक गए हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











