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एक्ट्रेस नुसरुत को आया वर्टिगो अटैक, जानें क्या है ये बीमारी और इसके लक्षण
बिना ब्रेक के लगातर काम करने से बॉलीवुड एक्ट्रेस नुसरत की तबीयत सेट पर ही खराब होने की वजह से एक्ट्रेस को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसके बाद नुसरत ने एक इंटरव्यू में बताया है कि डॉक्टर्स का कहना है कि उन्हें वर्टिगो अटैक आया था। शरीर में एनर्जी नहीं होने की वजह से उनका ब्लड प्रेशर 65/55 तक गिर गया था। जिसकी वजह से उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। वैसे आपको बता दें कि वर्टिगो एक आम समस्या है, जिसमें चक्कर आना और ब्लड प्रेशर गिरने जैसी समस्याएं होती है। वर्टिगो किसी को भी हो सकता है, ये एक आम समस्या है, खासतौर पर बुजुर्गों में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगो में वर्टिगो आम बात है।15 %से 40 % लोग अपने जीवन में वर्टिगो और चक्कर से पीड़ित होते है। आइए जानते है इसके बारे में-

क्या होता है वर्टिगो
वर्टिगो एक प्रकार की मेडिकल कंडीशन है जिसमें ब्लड प्रेशर गिरने के वजह से कमजोरी आ जाती है। वैसे वर्टिगो का मतलब का घूमना या चक्कर आना होता है। इस कंडीशन में मरीज को चक्कर आता है। सिर दर्द के साथ ही चक्कर आते है जिससे बैलेंस बिगड़ने लगता है और आंखों के सामने अंधेरा छाने लगता है। इसमें ब्लड प्रेशर गिरने की समस्या भी होती है। वर्टिगो का असर लंबे समय तक रहता व थोड़ी देर भी रहता है। मस्तिष्क रोगी व्यक्तियो को वर्टिगो अधिक प्रभावित करता है।

वर्टिगो के लक्षण
अस्थिर या असंतुलित महसूस करना
ऊंचाई से डरना।
कम सुनाई देना।
गिरने का अहसास होना।
अधिक आवाज आने से सिरदर्द होना।
चक्कर आना।

ये वजह होती है वर्टिगो की
वर्टिगो का आमतौर पर साधारण व्यायाम या प्रक्रियाओं के साथ इलाज किया जाता है। आइए जानते है किन वजहो से वर्टिगो की समस्या होती है और तुरंत क्या करना चाहिए
BPPV - बिनाइन पैराऑक्सीमल पॉजिशनल वर्टिगो यानी BPPV इसमें कान की शिराओ में कैल्शियम कार्बोनेट का कचरा जमा हो जाता है। बुजुर्गो रोगियों में BPPV कारण अत्यधिक होता है।

मेनियार्स –
मेनियार्स वर्टिगो कान के भीतरी भाग में होता है, यह सुनने की शक्ति को प्रभावित करता है और कान के अंदर आवाजे आती रहती है जिसके कारण कुछ घंटो में चक्कर आने की संभावना होती हैं। यह कान के भीतर बहने वाले तरलपदार्थो के कारण होता है।

वेस्टीब्यूलर माइग्रेन –
वेस्टीब्यूलर वर्टिगों के कारण सामान्य है। चक्कर आना, सिर में दर्द होना यह सामान्य लक्षण है जो सब में दिखाई देते है। इसमें मरीज अक्सर तेज रोशनी और आवाज को सेहन नहीं कर पाते है।

लेब्रिथीनाइटिस :
यह एक आंतरिक कान की समस्या है जो आमतौर पर संक्रमण (आमतौर पर वायरल) से संबंधित होती है। संक्रमण नसों के आसपास के भीतरी कान में सूजन का कारण बनता है। इसकी वजह से कानों में बहरापन भी आ सकता है।

इलाज
यदि व्यक्ति को कमजोरी, चक्कर या सिरदर्द की समस्या होती है, तो तुरंत चिकिस्तक की सलाह देते लेनी चाहिए। थेरेपी की मदद से मरीज की चक्कर की समस्या को ठीक किया जाता है।



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