Latest Updates
-
Putrada Ekadashi 2026: 23 या 24 अगस्त, कब है पुत्रदा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
कौन हैं क्रिकेटर मेधावी बिधूड़ी? ‘6-7’ सेलिब्रेशन के बाद इंटरनेट पर हुईं वायरल, खूबसूरती के दीवाने हुए फैंस -
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, जानें बच्चों में H1N1 के लक्षण और बचाव के उपाय -
53 की उम्र में दूल्हा बने अर्जुन रामपाल, गोवा में 14 साल छोटी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला संग रचाई शादी -
IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में सीरीज जीत की दहलीज पर भारत, बारिश और पिच का क्या है हाल? -
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार
covid-19: बच्चें लौटने लगे हैं स्कूल, इन बातों का ध्यान रखकर कोरोना संक्रमण से मिलेगी सुरक्षा
कोरोना के मामलों में कमी आने के वजह से देशभर में स्कूल खुलने लगे हैं। कोरोना महामारी के शुरू होने के बाद से लगातार स्कूलों को बंद रखा जा रहा था और बच्चे ऑनलाइन क्लास की मदद से पढ़ाई कर रहे थे। लेकिन, अब कई राज्यों में स्कूलों को खोला जा रहा है तो बच्चे एक बार फिर स्कूल जाने के लिए तैयार हो चुके हैं उन्हें महामारी में सुरक्षित रहने की ट्रेनिंग कैसे दी जाए? इसलिए ज़रूरी है कि हम अपने बच्चों को स्कूल जानें के लिए तैयार करें ताकि उनके लिए भी इस बदलाव में ढलना आसान हो।
Johns Hopkins Medicine की रिसर्च के मुताबिक ज्यादातर बच्चे साल में 7-8 बार सर्दी-जुकाम के शिकार होते हैं जबकि बड़े सिर्फ 2-3 बार ही सर्दी-जुकाम से ग्रसित होते हैं। बच्चों का इम्यून सिस्टम उतना स्ट्रॉन्ग नहीं होता जिस कारण वह जल्दी वायरस या अन्य बीमारियों के शिकार बन सकते हैं। ऐसे में हम आपको कुछ टिप्स बताने वाले हैं जिससे आप अपने बच्चों को स्कूल में कोरोना संक्रमण से बचा सकते हैं। आइए जानते हैं उन टिप्स के बारे में-

स्कूल में क्या करें और क्या ना करें
- बच्चों को हाइजिन से जुड़ी अच्छी आदतों को अपनाने में मदद करें। उन्हें बताएं कि कोविड-19 संक्रमण से बचाने के लिए हाथों को अच्छी तरह से धोना की जरूरत को समझाना जरूरी है। इसके साथ ही साबुन से हाथ धोते समय हाथों को 20-3 सेकेंड्स तक मलने और उसके बाद साफ पानी से हाथ धोना सिखाएं।
- कुछ भी खाने-पीने से पहले हाथों को साबुन से धोना चाहिए या हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना चाहिए।
- छोटे बच्चों को रूमाल और टिश्यू पेपर इस्तेमाल करना सिखाएं। ताकि, जब वे खांसने या छींकने के बाद अपने हाथों की बजाय टिश्यू पेपर और रूमाल का इस्तेमाल कर सकें।
- बच्चों को सिखाएं कि संक्रमण से बचाव के लिए उन्हें अपने दोस्तों के साथकुछ समय के लिए अपनी चीजें शेयर नहीं करती हैं। एक ही बोतल से पानी पीना या एक-दूसरे का झूठा खाने की आदतें भी बच्चों में काफी अधिक होती हैं, उन्हें ऐसा करने से मना करें।
घर पर रखें इन बातों का ध्यान
- स्कूल से घर लौटने के बाद बच्चे को छूने से बचें और पहले उन्हें अच्छे से सेनिटाइज करें। उन्हें पहले हाथ-पैर धोने ( हो सके तो नहाने) के लिए कहें। बच्चें के कपड़े या स्कूल का सामान हाथ लगाने के बाद पैरेंट्स खुद को सेनिटाइज करें।
- बच्चों के काफी समय के बाद स्कूल लौटने पर उसे कई नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इसलिए उसे ऐसे प्रोबायोटिक युक्त भोजन दें जो उसकी इम्यूनिटी को मजबूत करें।
- कपड़े बदलने के बाद ही बच्चे को कुर्सी या बिस्तर पर बैठने के लिए कहें।
- हाथों का साफ-सफाई के बाद बच्चे को खाना खाने के लिए परोसें।
स्कूल जाने वाले बच्चों की सेहत का खास ख्याल रखें। उनका रेगुलर चेकअप कराएं। बॉडी टेम्परेचर के अलावा, सर्दी-जुकाम और खांसी जैसे लक्षण दिखने पर बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाएं।
- बच्चों के वैक्सीनेशन का ट्रैक रखें और फ्लू जैसी मत्वपूर्ण बीमारियों के वैक्सीन लगवाएं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications