शिल्पा शेट्टी की बहन शमिता शेट्टी को है ये बीमारी, नहीं खा सकती हैं नॉर्मल खाना

बिग बॉस ओटीटी के अब तक केवल तीन एपिसोड ही स्ट्रीम हुए हैं और शमिता शेट्टी ने इन दिनों सबसे ज्‍यादा दर्शकों का ध्‍यान खींचा हुआ है। राज कुंद्रा के कथित पोर्न मामले के बीच रियलिटी शो में मोहब्बतें फेम एक्‍ट्रेस ने इस शो में पार्टीसिपेट करके सबको हैरान कर दिया है। इसके अलावा, बिग बॉस के ओटीटी हाउसमेट्स के साथ उनके झगड़े के कारण लोगों ने सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना की।

हाल ही में शमिता शेट्टी ने इस शो में अपनी बीमारी के बारे में खुलासा किया है। उन्‍हें कोलाइटिस नाम की बीमारी से जूझ रही हैं जिस वज‍ह से वो अन्‍य लोगों की तरह सामान्‍य खाना नहीं खा सकती हैं। आइए जानते हैं क्या है कोलाइटिस और क्‍या है इसके लक्षण-

 क्‍या होती है कोलाइटिस

क्‍या होती है कोलाइटिस

कोलाइटिस, पेट से जुड़ी एक जुड़ी समस्‍या होती है। जो कोलन यानी मलाशय में सूजन की वजह से होती है। ये समस्‍या कुछ समय के ल‍िए भी हो सकती है या लंबी भी चल सकती है। इसके वजह से डिजेस्टिव सिस्‍टम पर असर पड़ता है। इस समस्‍या में कोलन की आंतरिक परत में सूजन के साथ दर्द, मल में रक्‍त आना, ब्‍लोटिंग और पेट के निचले हिस्‍से में दर्द की समस्‍या होती है।

इसकी कई वजह हो सकती है

इसकी कई वजह हो सकती है

कोलाइटिस होने के पीछे कई वजह हो सकती है-

- कोलोन तक ब्‍लड सप्‍लाई में कमी जिसे इस्किमिया भी कहते हैं।

- आंतो में सूजन आना जिसे अल्सरेटिव कोलाइटिस भी कहते हे।

- एलर्जी

- लिम्फोसाइटिक श्वेत रक्त कोशिकाओं या कोलेजन के साथ मलाशय की दीवार पर जलन

ये होते है लक्षण

ये होते है लक्षण

- मलाशय (रेक्टल) का दर्द

- दस्त, अक्सर खून या मवाद के साथ

पेट में दर्द और ऐंठन

- मलाशय से खून निकलना

- शौच की तीव्र इच्छा

- शौच करने में असमर्थता

- वेटलॉस

- थकान

- बुखार

कोलाइटिस के प्रकार

कोलाइटिस के प्रकार

कोलाइटिस इनकी स्थिति के आधार पर बांटा जाता है।

अल्सरेटिव प्रोक्टाइटिस : कोलन यानी मलाशय के आसपास सूजन होती है और मलाशय से खून निकलता रहता है।

इस्केमिक कोलाइटिस:इस्केमिक कोलाइटिस, यह कोलन में कम रक्त प्रवाह के कारण होता है। इस कोलाइटिस में एक व्यक्ति को पेट में ऐंठन और दर्द का अनुभव हो सकता है। इस दर्द के 24 घंटों के मल में खून आना ही इसका लक्षण है।

बाएं तरफ कोलाइटिस :इसमें मलाशय में सूजन शुरु होती है और मलाशय के बाईं ओर जारी रहती है। इसमें प्रोक्टोसिग्मोइडाइटिस भी हो सकता है, जो मलाशय के ऊपर और कोलन के निचले हिस्से यानी सिग्मॉइड को प्रभावित करता है। इस तरह के कोलाइटिस में वजन घटना, भूख न लगना,पेट के बाईं ओर दर्द और खूनी दस्त जैसे लक्षण होते हैं।

माइक्रोस्कोपिक कोलाइटिस :यह शरीर में लिम्फोसाइटों बढ़ने की वजह से होती है। इसकी जांच केवल माइक्रोस्कोप के जरिए होती है। जो लोग लंबे समय एनएसएआईडी जैसी दवाईयों का सेवन करते हैं उन्हें ये कोलाइटिस होने की अधिक संभावना रहती

क्‍या खाएं

क्‍या खाएं

कोलाइटिस की वजह मालूम होने के आधार पर ही डाइट का ध्‍यान रखा जाता है। क्‍योंक‍ि कई बार डाइट का ध्‍यान नहीं रहने से भी कोलाइ‍टिस के लक्षण ज्‍यादा बिगड़ सकते हैं। क्रॉन्स एंड कोलाइटिस फाउंडेशन ऑफ अमेरिका,कोलाइटिस के मरीजों को निम्नलिखित खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह देता है:

  • चिकना या तला हुआ भोजन
  • दूध या दूध युक्त उत्पाद
  • उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थ जैसे पॉपकॉर्न, बीज, नट्स, और कॉर्न
  • जिन लोगों को लैक्‍टोज इंटोलेरेंस की समस्‍या है उन्‍हें खासतौर पर लैक्टोज युक्त डेयरी उत्पादों से बचना चाहिए। दूध, दही, आइसक्रीम और पनीर जैसे लैक्टोज-मुक्त उत्पादों के सेवन से बचना चाह‍िए।

     इलाज

    इलाज

    इस बीमारी का इलाज इसके प्रकार पर निर्भर करता है। डॉक्‍टर कोलाइटिस के अलग-अलग प्रकार के अनुसार इसका इलाज करते हैं। वैसे तो कई सारे मामलों में दवाईयों से ही इलाज हो जाता है। लेक‍िन दवाईयों का असर नहीं होने पर ही डॉक्‍टर सर्जरी की सलाह देते हैं।

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