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कहीं आप नकली-मिलावटी हरे रंग की सब्जियां तो नहीं खा रहे हैं, FSSAI ने बताया कैसे मालूम करें
यह पता लगाना बहुत ही टेढ़ी खीर का काम है कि आप बाजार से जो "ताजी, हरी सब्जियां" खरीदी हैं, वे मिलावटी हैं या नहीं। लेकिन यह पता लगाना उतना ही जरुरी है क्योंकि मिलावटी सब्जियों के सेवन से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं और कैंसरकारी प्रभाव भी हो सकते हैं।
यदि आप अपने लिए पौष्टिक भोजन बनाने के लिए हरी सब्जियां खरीद रहे हैं और इसे खरीदते समय आपके दिमाग में ये भी चल रहा है कि ये सब्जियां फ्रेश है या नहीं कहीं इन पर नकली रंग तो नहीं चढ़ा हुआ है? और सब्जियों की मिलावट पता कैसे लगाया जाए, तो हम यहां आपको एक सरल तरकीब के बारे में बताने जा रहे है जो खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिक भारत (FSSAI)ने ट्वीट करके शेयर की है। इस ट्रिक से हरी सब्जियों में मैलाकाइट ग्रीन यानी हरे रंग की मिलावट का पता लगाया जा सकता है।

क्या है मैलाकाइट ग्रीन?
मैलाकाइट ग्रीन एक ऐसा कैमिकल है जिसे सब्ज़ियों को हरा, ताज़ा और चमकदार दिखाने के लिए यूज में लिया जाता है। सब्ज़ियों को फ्रेश दिखाने के लिए मुनाफाखोर सब्ज़ियों को मैलाकाइट ग्रीन के मिश्रण में डुबोते हैं फिर इनको बेचते हैं। जानकारी के अनुसार इस कैमिकल का इस्तेमाल एंटी-फंगल और एंटी-प्रोटोजोअल दवा के तौर पर परजीवी नाशक के रूप में किया जाता है। ये एक कैंसरजनित कैमिकल है।
ऐसे करें सब्ज़ियों पर मैलाकाइट ग्रीन होने की पहचान
सब्ज़ियों पर मैलाकाइट ग्रीन का इस्तेमाल किया गया है या नहीं, इस मालूम करने के लिए आप एक कॉटन बॉल यानी रुई को लिक्विड पैराफिन में भिगो लें। फिर इस रुई को सब्ज़ियों की बाहरी सतह पर कुछ देर रगड़ें। अगर रुई के रंग में कोई बदलाव नहीं होता है तो सब्ज़ियां शुद्ध हैं। लेकिन रुई का रंग अगर हरा होने लगता है तो आप ये समझने में देर नहीं लगाइए कि सब्ज़ियो पर मैलाकाइट ग्रीन इस्तेमाल किया गया है। मिलावटी रंग की सब्जियां खाने से सेहत को नुकसान पहुंच सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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