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सपनों को याद रखने में विटामिन बी6 सप्लीमेंट करते हैं मदद
शोधकर्ताओं ने बताया कि विटामिन बी6 सपनों को याद रखने में लोगों की मदद कर सकता है। ये स्टडी 'परसेपचुअल एंड मोटर स्किल्स’ जर्नल में प्रकाशित हो चुकी है। इसमें ऑस्ट्रेलिया के 100 लोगों को शामिल किया गया था। इल्हें लगातार पांच दिनों तक सोने से पहले विटामिन बी6 सप्लीमेंट दिए गए।
यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ साइकोलॉजी के शोधकर्ता और इस रिसर्च के लेखक डॉ. डेनहोल्म एस्पी का कहना है कि “उनके अध्ययन के निष्कर्षों में सामने आया है कि प्लेसेबा लेने वाले लोगों की तुलना में विटामिन बी6 लेने वाले लोगों की सपनों को याद रखने की क्षमता बढ़ी।”

विटामिन बी6 सपनों के रंग, स्पष्टता और गंभीरता को प्रभावित नहीं करता है और ना ही सोने के पैटर्न के अन्य पहलुओं पर असर डालता है।
इस तरह की स्टडी पहली बार हुई है जिसमें सपनों पर विटामिन बी6 और अन्य विटामिन का असर देखा गया है।
प्लेसिबो नियंत्रित अध्ययन में देखा गया कि प्रतिभागी बिस्तर से ठीक पहले 240 मिलीग्राम विटामिन बी6 लेते हैं। वैसे तो इनमें से अधिकतर प्रतिभागियों को सपनों को याद रखने में मुश्किल हुई लेकिन इन लोगों ने बताया कि स्टडी के अंत तक इस क्षमता में सुधार आया।
इससे पता चलता है कि धीरे-धीरे सपने स्पष्ट होते गए। स्टडी में शामिल होने वाले अन्य प्रतिभागी ने बताया कि मेरे सपने सच थे। मैं दोबारा सोने और सपने देखने का इंतजार नहीं कर सकता हूं।

डॉ. एस्पि कहते हैं कि हर व्यक्ति अपनी जिंदगी के लगभग 6 साल सपने देखने में बिताता है। यदि हम अपने सपनों को स्पष्ट और नियंत्रित करने में सक्षम हैं, तो हम अपने सपने देखने के समय का उपयोग अधिक उत्पादक रूप से कर सकते हैं।
स्वप्नदोष में हमें पता होता है कि हम सपना देख रहे हैं और सपना उस दौरान भी चलता रहता है, इसके कई संभावित लाभ हैं।
उदाहरण के लिए, बुरे सपने देखना, फोबिया का इलाज करना, रचनात्मक समस्या को हल करना, मोटर स्किल्स को निखारना और यहां तक कि शारीरिक ट्रॉमा से बाहर निकलने में मदद साफतौर पर दिखने वाले सपने मदद कर सकते हैं।
इसके लिए आपको नियमित रूप से सपनों को याद करने में सक्षम होना सबसे जरूरी है। इस अध्ययन ने सुझाव दिया कि विटामिन बी6 लोगों को सपने देखने में मदद करने का एक तरीका हो सकता है।
विटामिन बी 6 विभिन्न खाद्य पदार्थों में स्वाभाविक रूप से होता है, जिसमें साबुत अनाज, फलियां, फल (जैसे केला और एवोकैडो), सब्जियां (जैसे पालक और आलू), दूध, पनीर, अंडे, लाल मांस, लिवर और मछली शामिल हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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