Latest Updates
-
कर्नाटक में 18-25 साल के 7 हजार से ज्यादा छात्र HIV पॉजिटिव, अब सभी कॉलेजों में टेस्टिंग होगी अनिवार्य -
Sawan 2026: सावन में शिवलिंग की पूजा के दौरान भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां, नाराज हो सकते हैं भगवान शिव -
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर करिश्मा तन्ना के घर गूंजी किलकारी, इस शुभ दिन जन्मे बच्चों के लिए चुनें ये खास नाम -
30 जुलाई या 2 अगस्त, फ्रेंडशिप डे कब है? जानें International Friendship Day और Friendship Day में फर्क -
Happy Sawan 2026 Wishes: ...इन संदेशों के जरिए अपने प्रियजनों को दें सावन की शुभकामनाएं -
कांवड़ यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? जानिए कौन था पहला कांवड़िया, जिसने सबसे पहले चढ़ाया था शिवलिंग पर जल -
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम -
Guru Purnima 2026 Speech: गुरु पूर्णिमा पर दें ये सरल और दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा पूरा हॉल -
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश
Noise Pollution: नॉइस पॉल्यूशन से फिजिकल और मेंटल हेल्थ की बजी बैंड, तनाव और कार्डियोवैस्कुलर का बढ़ा खतरा
आज के वक्त में जैसे-जैसे दुनिया आगे बढ़ रही हैं उसकी दोगुनी रफ्तार से पॉल्यूशन भी बढ़ता जा रहा है। चाहे वो एयर पॉल्यूशन हो या वॉटर या फिर नॉइस पॉल्यूशन हो, इन सभी ने लोगों की फिजिकल हेल्थ के साथ ही मेंटल हेल्थ को भी बुरी तरह से प्रभावित किया है। घर में होने वाला शोर, टेक्नोलॉजी से उभरा शोर, लोगों की भीड़भाड़, ट्रैफिक का नॉइस, कंट्रक्शन की वजह से हो निकले वाला पॉल्यूशन ये सब मिलकर लोगों की हेल्थ की बैंड बजा रहे हैं। इसकी वजह से लोगों में कई नई तरह की बीमारियां भी दिखाई देने लगी हैं। साथ ही नींद का पूरा ना होना, ब्लड प्रेशर, स्ट्रेस, एंजाइटी, डिप्रेशन, बहरापन ये काफी कॉमन हो चुका है। लाउड म्यूजिक, कॉन्सर्ट, आसपास लोगों द्व्रारा बोले जाना वाला शोर ये सारे कारण है लोगों की मेंटल और फिजिकल हेल्थ को खराब करने के लिए। आइये जानते हैं, नॉइस पॉल्यूशन की वजह से और क्या क्या आप को झेलना पड़ता है-

Noise Pollution से मेंटल हेल्थ पर होने वाले नेगेटिव इफेक्ट्स
नॉइस पॉल्यूशन आपकी मेंटल हेल्थ को काफी ज्यादा प्रभावित कर सकता है। जहां पर नॉइस पॉल्यूशन अधिक होता है वहां के लोग काफी तनाव में, स्ट्रेस, एंजाइटी से ग्रस्त हो सकते हैं। तेज साउंड की वजह से सही ना सुन पाने की वजह से लोगों में चिल्ला कर बोलने की आदत भी विकसित हो जाती है।

Noise Pollution से फिजिकल हेल्थ इस तरह से होती है प्रभावित
ध्वनि प्रदूषण की वजह से आपकी फिजिकल हेल्थ पर काफी निगेटिव इफेक्ट पड़ता है। लाउड म्युजिक, ट्रैफिक का शोर, तेजी से निकलती और तेज आवाज वाली बाइक्स की नॉइस ये सब मिलकर लोगों में कई तरह की बीमारियां पैदा कर देते हैं। जिसमें हार्ट अटैक भी शामिल है। इसके साथ ही सुनने की क्षमता पर तो प्रभाव पड़ता ही हैं।

430 मिलियन से अधिक लोग बहरेपन के शिकार
WHO के अनुसार, विश्व में करीब 430 मिलियन से ज्यादा लोग बहरेपन का शिकार हैं। वहीं एक स्टडी के मुताबिक, आने वाले समय में 1 अरब से अधिक युवा सुनने की क्षमता को गंवा देगे। ये स्टडी बीएमजे जर्नल में पब्लिश हुई है। स्टडी के अनुसार, दुनियाभर में करीब 0.67-1.35 अरब युवा आबादी लाउड म्युजिक सुनने की वजह श्रवण हानि हो सकती है। इससे पहले हुई रिसर्च के मुताबिक, करीब 23 प्रतिशत वयस्क और 27 फीसदी नाबालिग रोज बहुत ज्यादा नॉइस पॉल्यूशन के संपर्क में रहते हैं।

Noise Pollution की वजह से कार्डियोवैस्कुलर बीमारी का खतरा
जब आप नॉइस पॉल्यूशन के आसपास के क्षेत्रों में बने रहते हैं तब आपमें हाई ब्लड प्रेशर, कार्डियोवैस्कुलर बीमारी की खतरा बढ़ जाता है। वहीं तेज म्यूजिक और आवाज के कारण आपके शरीर में हार्मोन्स स्ट्रेस बढ़ता है जो आपकी बॉडी में नर्वस सिस्टम के लिए काफी गंभीर स्थिति बना देता है।
(Reference- https://www.ncbi.nlm.nih.gov/)



Click it and Unblock the Notifications