Latest Updates
-
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी के दिन झाड़ू लगाना शुभ या अशुभ? बसौड़ा पर भूलकर भी न करें ये गलतियां -
Sheetala Ashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है शीतला अष्टमी? जानिए सही डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
Sheetala Ashtami Vrat Katha: शीतला अष्टमी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, घर में आएगी सुख-समृद्धि -
Sheetala Ashtami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद बना रहे...इन संदेशों के साथ अपनों को दें बसौड़ा की बधाई -
कौन हैं संजू सैमसन की पत्नी चारुलता रमेश? टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद क्रिकेटर ने लिखा भावुक पोस्ट -
रणदीप हुड्डा बने पापा, लिन लैशराम ने बेटी को दिया जन्म, इंस्टाग्राम पर शेयर की क्यूट फोटो -
Kalashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है कालाष्टमी का व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद
बथुआ का साग खाने के है फायदे, मिलते है कई लाभ
बथुआ के साग में कई स्वास्थय लाभ होते है इसमें पाया जाने वाले पोषक तत्वों में विटामिन ए, आयरन, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, विटामिन सी, फास्फोरस और पोटैशियम जैसे तत्व भी होते हैं जो इस साग को और हेल्दी और पौष्टिक बनाते है इसके अलावा इसका टेस्ट भी काफी अच्छा होता है। कई स्वास्थय समस्याओ में इसके सेवन की सलाह दी जाती है इसके सेवन से पेट, यूरीनरी ट्रैक्ट से जुड़ी परेशानियों से आराम मिलता है। इस हरी पत्तेदार सब्ज़ी में कई मिनरल्स होते हैं। आइये इसके अन्य लाभ के बारे में जाने.........

दांतो की समस्या से राहत
ओरल केयर खासकर दांतों के दर्द से राहत पाने के लिए बथुए का सेवन अच्छा माना जाता है। इसके, बीज़ों का पाउडर दंतमंजन की तरह इस्तेमाल किया जाता रहा है। जब, दांतों में दर्द या मसूड़ों में सूजन हो तो यह नुस्खा आज़माया जा सकता है। इसी तरह बथुआ के पत्तों को पानी के साथ उबाल कर इससे गरारे करने से भी आराम मिलता है।

कब्ज का अचूक उपाय
जिन लोगों को ख़राब डायजेशन या लाइफस्टाइल की वजह से कब्ज़ की परेशानी होती है। उन्हें बथुआ ज़रूर खाना चाहिए। इससे, कॉन्स्टिपेशन से राहत मिलती है। इससे, एसिडिटी, लो एपेटाइट यानि भूख ना लगने की परेशानी, डकारें और गैस जैसी परेशानियों से भी आराम मिलता है।

खून साफ करे
बथुए को 4-5 नीम की पत्तियों के रस के साथ खाया जाए तो खून अंदर से शुद्ध हो जाता है। साथ ही ब्लड सर्कुलेशन भी ठीक रहता है।
खत्म करता है कीड़े
बच्चों को कुछ दिनों तक लगातार बथुआ खिलाया जाए तो उनके पेट के कीड़े मर जाते हैं। बथुआ पेट दर्द में भी फायदेमंद है।

चर्म रोग दूर करे
बथुए को उबालकर इसका रस पीने और सब्जी बनाकर खाने से चर्म रोग जैसे सफेद दाग, फोड़े-फुंसी, खुजली में भी आराम मिलता है। इसके अलावा बथुए के पत्तों को पीसकर इसका रस निकालें। अब 2 कप रस में आधा कप तिल का तेल मिलाएं और इसे धीमी आंच पर पकाएं। इसके पानी को पिएं।



Click it and Unblock the Notifications











