Latest Updates
-
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय -
दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह ने किया दूसरी बेटी के नाम का खुलासा, दशहरे पर दिखाई पहली झलक -
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
क्या है दांतों की स्केलिंग, जानें क्यों लोग इसे करवाते हैं?
दांतों की स्केलिंग आमतौर पर रूट प्लानिंग के साथ ही की जाती है। आम भाषा में इसे दांतों की सफाई के रूप में भी जाना जाता है। इसमें दांत की मैल , प्लाक (बैक्टीरिया से बनने वाली हल्के पीले रंग की परत) और दाग-धब्बे जैसे दांतों की समस्या का इलाज किया जाता है। टीथ स्केलिंग और रूट प्लानिंग से पुरानी पीरियोडॉन्टल बीमारी (मसूड़ों की बीमारी) के इलाज में मदद मिलती है।

टीथ स्केलिंग क्यों जरूरी है?
यह प्रक्रिया आपके मुंह को हेल्दी रखती है। अगर आपके मुंह में गंभीर पीरियोडॉन्टल बीमारी के लक्षण हैं, तो डेंटिस्ट दांतों की स्केलिंग और रूट प्लानिंग की सलाह देते हैं। यूं तो हम अपने दांत ब्रश से साफ करते हैं पर टूथब्रश से दांत के हर कोने की सफाई नहीं हो पाती है। स्केलिंग की मदद से दांतों के चारों तरफ जमी हुई सख्त गंदगी को हटाया जाता है और यदि यह गंदगी समय के साथ साफ न की जाए, तो दांतों की अन्य बीमारियां होने की आशंका बढ़ जाती है।

टीथ स्केलिंग कैसे की जाती है?
दांतों में जमी जिद्दी गंदगी को बाहर निकालने का ‘स्केलिंग' एक टेक्निकल और साइंटिफिक जरिया है। दांतों की स्केलिंग के लिए दो विधियां अपनाई जाती हैं। एक विधि में डॉक्टर हाथ से उपकरण के द्वारा प्लाक को साफ करता है, दूसरी विधि में डेंटिस्ट एक अल्ट्रासोनिक उपकरण के द्वारा दांतों की सफाई करता है। यह एकदम दर्दरहित प्रक्रिया है।

टीथ स्केलिंग के फायदे
टीथ स्केलिंग से डेंटिस्ट आपके मुंह की अच्छे से जांच कर पाता है क्योंकि ज्यादातर शारीरिक बीमारियों के लक्षण मुंह में दिखाई देते हैं, इसीलिए उन बीमारियों को समय से पहले पता लगाने का मौका भी मिलता है। टीथ स्केलिंग से दांतों और मसूड़ों के बीच गैप भी कम किया जा सकता है। मसूड़े में सूजन और मसूड़ों की बीमारी इंसान के दिल तथा रक्त वाहिकाओं संबंधी हेल्थ पर सीधा प्रभाव डालती है। टीथ स्केलिंग की सहायता से दांतों के मैल को हटाकर स्ट्रोक, हाई बीपी, हार्ट डिजीज, डायबिटीज और कई अन्य स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों के जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

सांसों की बदबू दूर करती है टीथ स्केलिंग
अगर आप भी लम्बे समय से सांस की बदबू ( हैलिटोसिस) या मुंह की दुर्गंध से पीड़ित हैं, तो इससे निजात पाने के लिए भी डेंटल स्केलिंग प्रभावी है। इससे ओरल हाइजीन को मेंटेन करके कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के होने की संभावना कम की जा सकती है।

टीथ स्केलिंग के बाद सावधानियां
टीथ स्केलिंग, रूट प्लानिंग के बाद हो सकता है। आप हल्का-सा दर्द मुंह के आसपास महसूस कर सकते हैं। कुछ लोगों में प्रक्रिया के कुछ दिनों बाद तक सूजन या ब्लीडिंग भी देखने को मिलती है, जिसको कम करने के लिए डेंटिस्ट मेडिकेटेड टूथपेस्ट और माउथवॉश का उपयोग करने की सलाह देते हैं।



Click it and Unblock the Notifications
