Latest Updates
-
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख -
कौन हैं 'हनुमान अंश' की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर? विदेश की नौकरी छोड़ बनाई ब्लॉकबस्टर फिल्म
Triple E : मच्छर के काटने से इस देश में फैली ये खतरनाक बीमारी, लॉकडाउन के बने हालात, जानें लक्षण और बचाव
Triple E Virus: मच्छरों के काटने की वजह से होने वाली बीमारी डेंगू , मलेरिया, चिकनगुनिया के बारे में तो हम सब वाकिफ हैं लेकिन अमेरिका में मच्छरों के काटने से होने वाली एक नई बीमारी सामने आई है। जिसे ट्रिपल ई (EEE) के नाम से जाना जाता है। यह बीमारी मच्छर के काटने से फैलती है। हाल ही में अमेरिका के अधिकारियों ने ट्रिपल ई के कारण व्यक्ति की मौत की घोषण की। सालभर में अमेरिका में इस वायरस के 5 मामले सामने आ चुके हैं।
जानकारी के मुताबिक अमेरिका राज्य के कई इलाकों में मच्छर इस वायरस से संक्रमित हैं जबकि आस-पास के इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वह शाम को 6 बजे के बाद घर के अंदर ही रहें, ताकि EEE का प्रकोप कम किया जा सके।

आइए इसी बीच जानते हैं कि आखिर ये मच्छर जनित वायरस क्या है और यह कितना खतरनाक हैं?
ट्रिपल ई वायरस क्या है?
अमेरिका में मच्छरों की वजह से फैलने वाली इस बीमारी को ईस्टर्न इक्वाइन इंसेफेलाइटिस (eastern equine encephalitis) वायरस (ईईईवी) कहा जाता है जिसे ट्रिपल ई के नाम से भी जाना जाता है। दुर्लभ लेकिन गंभीर इसे पहली बार 1938 में मैसाचुसेट्स में घोड़ों में पहचाना गया था। तब से लेकर आज तक में इस वायरस की वजह से राज्य में 118 इंसान संक्रमित हुए और 64 मौतें हुई हैं।
ट्रिपल ई बीमारी के लक्षण क्या हैं?
ईस्टर्न इक्वाइन इंसेफेलाइटिस या ट्रिपल ई बीमारी के लक्षण आमतौर पर 10 दिन के बाद ही दिखाई देते हैं। आम बुखार या मौसमी बुखार से मिलते-जुलते हैं।
- ठंड लगना
- बुखार
- जोड़ों में दर्द
- मांसपेशियों में दर्द
- भ्रम की स्थिति
- दस्त
क्यों हैं खतरनाक
यह वायरस इंसान के नर्वस सिस्टम पर अटैक कर दिमाग में सूजन बढ़ा देता है जिसके बाद व्यक्ति की मौत हो जाती है।
कैसे फैलता है?
ये वायरस तब फैलता हैं जब संक्रमित मच्छर किसी मनुष्य को काटता है। तब यह वायरस रक्तप्रवाह में इंजेक्ट होकर मनुष्य को संक्रमित कर देता है। है। यूएस के CDC के मुताबिक, ट्रिपल ई-संक्रमित मच्छर के काटे गए लगभग 30% लोगों में इंसेफेलाइटिस की समस्या होने लगती है और संक्रमण से उनकी जान भी चली जाती है।
ये है इस बीमारी से बचाव
- मच्छर भगाने वाली क्रीम लगाएं।
- मच्छरों के ज़्यादा सक्रिय होने वाले इलाकों से बचें।
- शाम के समय मच्छर ज़्यादा सक्रिय होते हैं, तो बाहर जाने से बचें।
- कीचड या दलदल के पास न जाएं।
- रात के समय मच्छरदानी का यूज करें।
- फूल कपड़े पहनें, जैसे कि लंबी पैंट और फूल हाथों वाली शर्ट। - घर और घर के पानी इक्ट्ठा न होने दें। बाहर जाते समय बग स्प्रे का यूज करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
