हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं है आंवला, इन 5 बीमारियों में भूलकर भी न करें सेवन

Who Should Not Eat Amla: भारतीय आयुर्वेद में आंवला (Amla) को 'अमृत फल' और 'धात्री' (मां के समान पोषण देने वाला) माना गया है। विटामिन-सी, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होने के कारण इसे बालों, आंखों और इम्यूनिटी के लिए रामबाण औषधि कहा जाता है। लेकिन, सिक्के का दूसरा पहलू यह है कि हर किसी की तासीर एक जैसी नहीं होती। जी हां, यही आंवला कुछ लोगों के लिए फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है? आयुर्वेद के अनुसार, कुछ विशेष स्वास्थ्य स्थितियों में आंवले का सेवन फायदे की जगह शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

आज के आर्टिकल में हम यही जानने वाले हैं कि किन लोगों के लिए आवंला अमृत नहीं बल्कि जहर बन सकता है। अगर आप भी उस कैटेगिरी में आते हैं तो आज ही आंवले से परहेज कर लें वरना फायदे की जगह नुकसान हो सकता है।

1. लो ब्लड शुगर (Hypoglycemia)

मधुमेह (Diabetes) के मरीजों के लिए आंवला फायदेमंद होता है, लेकिन उन लोगों के लिए नहीं जिनका शुगर लेवल अक्सर सामान्य से कम रहता है। आंवला प्राकृतिक रूप से ब्लड शुगर को कम करता है। अगर आप पहले से ही एंटी-डायबिटिक दवाएं ले रहे हैं या आपको लो ब्लड शुगर की समस्या है, तो आंवला खाने से अचानक चक्कर आना या बेहोशी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

2. एसिडिटी और सीने में जलन (Hyperacidity)

आंवला प्रकृति में अम्लीय (Acidic) होता है। जिन लोगों को अक्सर सीने में जलन, खट्टी डकारें या गंभीर एसिडिटी की समस्या रहती है, उन्हें खाली पेट आंवला बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से पेट की परत में जलन और गैस्ट्रिक अल्सर का खतरा बढ़ सकता है।

3. सर्जरी से पहले या बाद में (amla before surgery)

अगर आपकी कोई छोटी या बड़ी सर्जरी होने वाली है, तो कम से कम 2 हफ्ते पहले आंवला खाना छोड़ दें। आंवला खून को पतला करने (Anti-platelet प्रभाव) का काम करता है। सर्जरी के दौरान या बाद में इसका सेवन करने से ब्लीडिंग (रक्तस्राव) का खतरा काफी बढ़ सकता है, जिससे रिकवरी में दिक्कत आती है।

4. किडनी की बीमारी और पथरी (Kidney Stone)

आंवले में ऑक्सालेट (Oxalate) की मात्रा पाई जाती है। यदि किसी को किडनी में पथरी की समस्या है या किडनी ठीक से काम नहीं कर रही है, तो आंवला खाने से कैल्शियम ऑक्सालेट स्टोन बनने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। ऐसे मरीजों को डॉक्टर की सलाह के बिना आंवले का जूस या चूर्ण नहीं लेना चाहिए।

5. डिहाइड्रेशन और रूखी त्वचा (Dryness Issue)

आंवला शरीर से टॉक्सिन्स निकालने के लिए 'ड्यूरेटिक' (मूत्रवर्धक) का काम करता है। यदि आप पानी कम पीते हैं या आपकी त्वचा और स्कैल्प बहुत ज्यादा ड्राई है, तो आंवला शरीर में पानी की कमी (Dehydration) पैदा कर सकता है। इससे त्वचा में खुजली, रूखापन और समय से पहले झुर्रियां पड़ने की संभावना बढ़ जाती है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Saturday, January 17, 2026, 10:00 [IST]
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