रोने से होने वाले कुछ स्वास्थ्य लाभ

By Super

बहुत से लोग आँसुओं को भावनात्मक कमज़ोरी की निशानी मानते हैं, पर वे यह नहीं जानते कि रुदन हमारे शरीर के लिए तनाव को बाहर निकालने का एक तरीका है। रुदन हमारे मन में दबी भावनाओं को बाहर निकालने में मदद करता है चाहे वह निराशा की हो या खुशी की| इतना ही नहीं ठीक इसी तरह रुदन से कई स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं। मनोवेज्ञानिकों का कहना है कि जब भी इंसान को रोना आए उसे उसी समय रो लेना चाहिये, रोकना नहीं चाहिये। रोने से आपकी कोई हानि नहीं होगी बल्‍कि फायदा ही फायदा होगा। चलिए हम रोने के विभिन्न प्रकारों और कुछ स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानते हैं।

आसुओं के प्रकार

रुदन को तीन श्रेणियों में बांटा गया हैं ऐसा पाया गया है कि विभिन्न प्रकार के आसुओं के बीच रासायनिक अंतर होता है|

  1. भावनात्मक आंसू: जब कभी आप भावनात्मक रूप से संवेदनशीलता महसूस करते हैं तब आपकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं| ये आंसू दुःख के, निराशा के, तनाव के और कभी-कभी तो खुशी के भी होते हैं|
  2. आधारीय आँसू: यह वो तरल है जो लैक्राइमल (अश्रु) ग्रंथियों के निकलता है जो आँखों को बैक्टीरिया के आक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक है|
  3. आँख का पानी: यह विदेशी कणों और जलन से स्वयं को बचाने के लिए आँख की एक अनैच्छिक क्रिया है|

अब, आपको आंसुओं के विभिन्न प्रकारों के बारे में स्पष्ट रूप से जानकारी हो चुकी है अब इनके बहने से होने वाले स्वास्थ्य लाभ पर एक नजर डालते हैं|

1. दृष्टि में सुधार

1. दृष्टि में सुधार

आँसू आपकी दृष्टि में सुधार लाने में मदद करते हैं| कई बार आपकी आँखों की निर्जलीकृत झिल्ली के कारण, आप अपनी दृष्टि में थोड़ा सा धुंधलापन महसूस कर सकते हैं| जब आप रोते हैं तब आपके आँसू आपकी आँख की झिल्ली को जलीकृत कर देते हैं और आपकी दृष्टि को सुधारने में मदद करते हैं|

2. आपकी आँखों को साफ़ करते हैं

2. आपकी आँखों को साफ़ करते हैं

शरीर के अन्य हिस्सों की तरह आपकी आँखों में भी बैक्टीरिया पाए जा सकते हैं| पर आँसुओं में स्वाभाविक जीवाणुरोधी गुण होता है| आँसुओं में ‘लाइसोजोम' नामक द्रव्य होता है जो पाँच मिनट में आँख के 90 से 95 प्रतिशत बैक्टीरिया को ख़त्म कर सकता है|

3. तनाव से राहत

3. तनाव से राहत

जब आप परेशान या तनाव में होते हैं तब रासायनों का असंतुलन और कुछ रासायनों का निर्माण होता है, रुदन इन्हें कम करने में मदद करते हैं "कहा भी जाता है कि जो व्यक्ति तनावग्रस्त स्थितियों में रोता है उसमें अवसाद का स्तर निचला होता है|" भावनात्मक आँसू एड्रीनोकॉर्टिकोट्रॉपिक और ल्यूसीन एन्सीफेलीन जैसे हॉर्मोन्स भी मुक्त करते हैं जो तनाव से आपके शरीर को राहत देते हैं|

4. विषाक्त पदार्थों से मुक्ति

4. विषाक्त पदार्थों से मुक्ति

यह पाया गया है कि सामान्य आँसुओं में 98 प्रतिशत पानी होता है पर भावनात्मक आँसुओं में तनाव के हॉर्मोन्स होते हैं जो आपके शरीर के द्वारा आपको तनाव से राहत देने के लिए मुक्त किये जाते हैं| यह भी पता चला है कि इन आँसुओं में कई विषाक्त पदार्थ होते हैं जो हमारे शरीर में भावनात्मक दबाव के कारण बन जाते हैं|.

5. जलन से सुरक्षा

5. जलन से सुरक्षा

आपने कभी सोचा है कि प्याज काटते वक्त आपकी आँखों से पानी क्यों आने लगता है? ऐसा इसलिए होता है क्योंकि प्याज में कुछ एंजाइम होते हैं जो आँखों में जलन पैदा करते हैं| इसी तरह जब धूल के कण हमारी आँखों में जाते हैं तो आँखों से पानी आने लगता है| इस तरह का रुदन आपकी आँखों को सुरक्षा देता है और यह सुनिश्चित करता है कि कण आँसुओं के साथ आँख से बाहर निकल जाएँ|

6. सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए रुदन

6. सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए रुदन

भावनात्मक कारणों से निकलने वाले आँसुओं में 24 प्रतिशत उच्च एल्ब्यूमिन प्रोटीन होता है जो शरीर की चयापचय प्रणाली को नियंत्रित करने में मदद करता है| रुदन उच्च रक्तचाप, मोटापा, मधुमेह जैसी बीमारियों से लड़ने में मदद करता है जो ज्यादा तनाव के कारण होती हैं|

7. शान्ति महसूस करने के लिए

7. शान्ति महसूस करने के लिए

हो सकता है कि आप बहुत सारी परेशानियों से गुज़र रहे हों, रोने से आपको राहत महसूस होगी| आपके आँसू बहा लेने के बाद, आपका मस्तिष्क, हृदय और लिम्बिक सिस्टम बेहतर कार्य करना शुरू करता है और आपको बहुत राहत महसूस होती है, आपका मन हल्का हो जाता है|

आंसू कमजोरी कि निशानी नहीं

आंसू कमजोरी कि निशानी नहीं

तो, अगली बार जब आपका दिल भारी होने लगे और आपकी आँखें गीली होने लगे तब यह मत सोचिये कि यह कमजोरी की निशानी है| इससे बहुत सारे फायदे जुड़े हुए हैं, आँसू बहाने का इरादा कुछ बुरा नहीं है|

Story first published: Wednesday, August 21, 2013, 16:34 [IST]
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