महिलाओं के लिये क्‍यों जरुरी ओमेगा-3 फैटी एसिड?

अब इस बात को हर किसी ने मान लिया है कि ओमेगा-3 फैटी एसिड गुड कोलेस्‍ट्राल को बढाने और दिल की बीमारी को दूर रखने में बहुत मददगार होता है। यही नहीं अगर आप मोटापे का शिकार हैं तो भी यह ओमेगा 3 फैटी एसिड उसे कम करने, झुरियां रोकने और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को दूर रखने में मददगार होता है। तो ऐसे में इस पोषक तत्‍व के कई सारे स्‍वास्‍थ्‍य वर्धक गुण हैं।

हांलाकि आपको इस बारे में कोई जानकारी नहीं होगी कि यह पौष्‍टिक तत्‍व महिलाओं के स्‍वास्‍थ्‍य के लिये बहुत अच्‍छा होता है। महिलाओं के आहार में ओमेगा-3 फैटी एसिड होना बहुत जरुरी है क्‍योंकि यह कई हेल्‍थ प्रॉब्‍लम को दूर करता है। उदाहरण के तौर पर मासिक धर्म के दर्द को कम करने के लिये ओमेगा-3 मौजूद आहारों को खाया जा सकता है। यही नहीं जानलेवा बीमारियां जैसे स्‍तन कैंसर की रोकथाम ओमेगा 3 के सही डोज को खा कर बचा जा सकता है।

महिलाओं को आखिर ओमेगा-3 फैटी एसिड क्‍यों खाना चाहिये, आज हम इसी पर आपको जानकारी देंगे, जिससे आप समय रहते ही संभल जाएं और ब्रेस्‍ट कैंसर, पॉलिसिस्‍टिक ओवरी, पीरियड्स के समय दर्द, झुर्रियों आदि को दूर करने के लिये सेवन कर सकती हैं।

 मासिक दर्द

मासिक दर्द

यह माना गया है कि मासिक के समय भयंकर दर्द केवल ओमेगा 3 फैटी एसिड की कमी से होता है, तो ऐसे में अपने आहार में ओमेगा-3 फैटी एसिड वाले आहारों को शामिल कीजिये।

ब्रेस्‍ट कैंसर की रोकथाम

ब्रेस्‍ट कैंसर की रोकथाम

ओहियो स्‍टेट यूनीवर्सिटी दृारा स्‍टडी में कहा गया है कि वह मछली जिसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है, खाने से ब्रेस्‍ट कैंसर का रिस्‍क कम होता है।

पोलिसि‍स्‍टिक ओवरी

पोलिसि‍स्‍टिक ओवरी

इस बीमारी में समय से पीरियड्स नहीं होते तथा बच्‍चा जनने की शक्‍ति कम हो जाती है। ज्‍यादातर यह समस्‍या ट्रांस फैट की वजह से होती है। तो ऐसे में गुड कोलेस्‍ट्राल जो कि ओमेगा-3 फैटी एसिड में पाया जाता है, उसे खाने से घातक चर्बी निकल जाती है और पीरियड्स भी समय पर होने लगते हैं।

इनफर्टिलिटी

इनफर्टिलिटी

ओमेगा-3 फैटी एसिड यूट्रस के अंदर की एंडोमेट्रियल परत में ब्‍लड क्‍लाट कम करता है,‍ जो कि भ्रूण को अपने आप ही मजबूती से बनने में मदद करता है।

शिशू के दिमागी विकास के लिये

शिशू के दिमागी विकास के लिये

गुड फैट प्रेगनेंट महिलाओं के लिये अच्‍छा होता है क्‍योंकि इसका सीधा सबंध पेट में पल रहे बच्‍चे की ब्रेन सेल से जुड़ा होता है।

समय से पहले जन्‍म रोके

समय से पहले जन्‍म रोके

जो गर्भवती महिलाएं प्रेनेंसी के दौरान ओमेगा-3 फैटी एसिड की गोलियां खाती हैं उनमें 50 प्रतिशत तक का समय से पहले बच्‍चे को जन्‍म देने का खतरा टल जाता है।

ऑस्टियोपोरोसिस

ऑस्टियोपोरोसिस

हम सोचते हैं कि ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी कैल्‍शियम की कमी की वजह से होती है। हांलाकि यदि आप गुड फैट जो कि ओमेगा-3 फैटी एसिड में पाया जाता है, उसे भी खाने से आपकी हड्डियां मजबूत बनेगी।

दिमाग बढाए

दिमाग बढाए

ओमेगा- 3 फैटी एसिड से दिमाग तेज बनता है। यह व्यक्ति में अवसाद, उदासी, चिंता, व्याकुलता, मानसिक थकान, तनाव, आदि मानसिक रोगों को दूर करता है

हार्मोनल मूड स्‍विंग

हार्मोनल मूड स्‍विंग

मूड का खराब होना शायद मासिक या मेनोपॉज की वजह से हो सकता है। देानों की केसों में ओमेगा 3 फैटी एसिड सकारात्मक विचारों को पैदा करता है और डिप्रेशन को आराम से भगाता है।

रजोनिवृत्ति के बाद हार्ट अटैक से बचाव

रजोनिवृत्ति के बाद हार्ट अटैक से बचाव

महिलाओं में रजोनिवृत्ति हो जाने के बाद उन्‍हें हार्ट अटैक का खतरा ज्‍यादा बना रहता है। ऐसा इसलिये क्‍योंकि उनका इस्‍ट्रोजेन हार्मोन का लेवल गिर जाता है, जो कि दिल को बचाने का कार्य करता है। इसलिये ओमेगा-3 फैटी एसिड इस खतरे को कम करता है।

Story first published: Monday, February 4, 2013, 13:30 [IST]
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