स्‍टडी: स्मोकिंग करने वाली महिलाओं में ब्रेन हैमरेज का खतरा ज्यादा

By Super Admin

स्मोकिंग करने वाली महिलाओं में मस्तिष्क की परत के नीचे ब्लीडिंग होने का खतरा ज्यादा रहता है, इसे सबएरक्नोइड हैमरेज कहते हैं। सबएरक्नोइड हैमरेज वह स्थिति है जिसमें मस्तिष्क की परत और मस्तिष्क की अंदर के टिशूज के बीच खून फैल जाता है।

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हालांकि सिगरेट स्मोकिंग से सबएरक्नोइड हैमरेज का खतरा पुरुष और महिला दोनों में रहता है लेकिन महिलाओं में ये खतरा ज्यादा है। फिनलैंड की हेलसिंकी युनिवेर्सिटी के फिजीशियन ब्लादिमीर लिंडबोहम के अनुसार महिलाओं में सबएरक्नोइड हैमरेज का खतरा ज्यादा है, स्मोकिंग की अतिसंवेदनशीलता पर अध्ययन से इस बात की पुष्टि हो चुकी है।

दिन में 1 से 10 सिगरेट पीने वाली महिलाओं में सिगरेट नहीं पीने वाली महिलाओं की तुलना में 2.95 गुना सबएरक्नोइड हैमरेज अधिक पाया गया जब कि पुरुषों में यह प्रतिशत 1.93 गुना था।

 Female Smokers Are At A Higher Risk Of Brain Bleed

जो महिलाएं 11 से 20 सिगरेट रोजाना पीती हैं उनमें सबएरक्नोइड हैमरेज का खतरा 3.89 गुना बढ़ जाता है, इतनी ही सिगरेट यदि पुरुष पीते हैं तो उनमें यह खतरा 2.13 गुना बढ़ जाता है। ऐसे ही जो महिलाएं 21 से 30 सिगरेट रोजाना पीती हैं उनमें सबएरक्नोइड हैमरेज का खतरा 8.35 गुना बढ़ जाता है, इतनी ही सिगरेट यदि पुरुष पीते हैं तो उनमें यह खतरा 2.76 गुना बढ़ता है।

लिंडबोहम कहते हैं कि हमारे रिसर्च के परिणामों के अनुसार उम्र, सेक्स, जीवनशैली आदि का भी सबएरक्नोइड हैमरेज होने की संभावना पर प्रभाव पड़ता है और इसी अनुसार स्मोकिंग की लत छोडने पर ज़ोर दिया जाता है। पहले जो लोग सिगरेट पीते थे उन्होने यदि सिगरेट छोड़ दी है तो उनमें यह खतरा कम हो जाता है।

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उनके अनुसार स्मोकिंग का कोई सुरक्षित तरीका नहीं है, अच्छा तरीका यही है कि आप कभी स्मोकिंग न करें। स्मोकिंग छोडना पुरुष और महिला दोनों में ही सबएरक्नोइड हैमरेज के खतरे को कम करता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार सभी स्ट्रोक्स में सबएरक्नोइड हैमरेज का हिस्सा तीन प्रतिशत है। आज एक बहुत बड़ी आबादी सबएरक्नोइड हैमरेज का खतरा ले कर जी रही है ऐसे में स्मोकिंग छोडना ही इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका है।
quit smoking

स्ट्रोक जनरल में छपी स्टडी में फिनिश नेशनल सर्वेज़ से 61,521 वयस्क युवाओं ने भाग लिया। इसमें आधे प्रतिभागी महिलाएं थी जिनकी उम्र 45 वर्ष थी। स्टडी में नामांकन के बाद 21 वर्ष बाद तक पहला स्ट्रोक या मृत्यु आदि का फॉलोअप किया गया। यह स्टडी 31, दिसंबर 2011 को पूरी हुई। (आईएएनएस के अनुसार)

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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