World Health Day 2025 : गर्मी में बाहर खाने से हो सकती है ये 5 भंयकर बीमारियां, एक्सपर्ट ने बताया बचाव

गर्मी का मौसम आते ही तापमान तेजी से बढ़ने लगता है, जिससे शरीर पर इसका प्रभाव पड़ना शुरू हो जाता है। इस दौरान न केवल गर्मी से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, बल्कि खानपान की कुछ गलतियां भी आपकी सेहत बिगाड़ सकती हैं। इस मौसम में अक्सर ठंडी चीजों की तलब बढ़ जाती है - जैसे आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, गन्ने का रस या बाजार में मिलने वाले फ्रूट जूस। लेकिन कई बार ये ठंडक देने वाली चीजें शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं, क्योंकि गर्मी के मौसम में बैक्टीरिया और अन्य रोगाणु बहुत तेजी से पनपते हैं, जो खाने-पीने की चीजों को दूषित कर देते हैं।

ऐसे में बहुत ज़रूरी है कि हम समझदारी से खानपान चुनें, खासतौर पर जब हम बाहर हों। इसलिए जरूरी है कि हम सही खानपान और साफ-सफाई का ध्यान रखें। आइए एक्‍सपर्ट से जानते हैं उन बीमारियों के बारे में, जो गर्मी के मौसम में अधिक होती हैं और जिनसे हम थोड़ी सी सावधानी बरतकर बच सकते हैं।

World Health Day 2025

1. फूड प्वाइजनिंग

गर्मी के मौसम में फूड प्वाइजनिंग सबसे सामान्य समस्या है। यह आमतौर पर दूषित खाना या गंदा पानी पीने से होती है। इस मौसम में गर्मी और नमी के कारण बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जिससे खाने की चीजें जल्दी खराब हो जाती हैं। इसका असर पेट दर्द, मिचली, उल्टी और दस्त के रूप में सामने आता है। इससे बचाव के लिए सड़क किनारे मिलने वाले खुले खाने और अधपके मांस से बचें। घर का बना ताजा खाना ही खाएं।

2. टायफॉयड

गर्मियों में टायफॉयड का खतरा भी बढ़ जाता है। यह बीमारी दूषित पानी और भोजन से होती है। इसके लक्षणों में लगातार बुखार, सिरदर्द, कमजोरी और भूख न लगना शामिल हैं। टायफॉयड से बचाव के लिए साफ पानी पीएं और बाहर का बासी या खुला खाना न खाएं।

3. लेप्टोस्पायरोसिस

यह बीमारी दूषित पानी से फैलती है, जिसमें चूहे के मूत्र से संक्रमित पानी पीने पर संक्रमण हो सकता है। गर्मी में जब हम बाहर निकलते हैं, तो कई बार प्यास लगने पर कहीं भी पानी पी लेते हैं, जो सुरक्षित नहीं होता। इस बीमारी के लक्षण अन्य बीमारियों जैसे दिखते हैं, इसलिए इसकी पहचान करना मुश्किल होता है। समय पर इलाज न हो तो इससे किडनी डैमेज, लिवर फेलियर या सांस लेने में तकलीफ जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

4. फंगल इंफेक्शन

गर्मी और पसीने के कारण फंगल संक्रमण की समस्या भी आम हो जाती है। कई बार हम गन्ने के जूस या अन्य ठंडी चीजें पीते हैं, जो साफ-सफाई के बिना तैयार की जाती हैं। गन्ने के जूस में अगर कीड़ा लगा गन्ना प्रयोग किया गया हो, या जूस बनाते समय मक्खियां और गंदे बर्तन इस्तेमाल किए गए हों, तो यह पेट में संक्रमण का कारण बन सकता है। इससे डायरिया, पेट दर्द और फंगल इंफेक्शन हो सकता है।

5. डायरिया

गर्मियों में पाचन क्रिया धीमी हो जाती है क्योंकि इस मौसम में खाना जल्दी खराब होता है और भूख भी कम लगती है। कम भोजन और दूषित खाने के कारण पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, डायरिया, पेट दर्द और ऐंठन हो सकती हैं। गर्मी में शरीर कमजोर महसूस करता है, जिससे खाना ठीक से नहीं पचता। इसलिए इस मौसम में ताजा, हल्का और सुपाच्य भोजन लेना जरूरी है ताकि पाचन तंत्र सही बना रहे।

सावधानी ही बचाव है

जयपुर स्थित सवाई मानसिंह अस्‍पताल के सीन‍ियर फ‍िजिशि‍यन डॉक्‍टर पुन‍ित शर्मा की सलाह है क‍ि गर्मी के मौसम में बाहर खाने-पीने से पहले साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें। पानी केवल उबालकर या फिल्टर किया हुआ पिएं। अगर बाहर जाना पड़े, तो घर से पानी और हल्का-फुल्का खाना लेकर जाएं। जूस, आइसक्रीम या कोल्ड ड्रिंक्स बाहर से न लें, खासकर अगर वो सड़क किनारे बिक रहे हों। शरीर को हाइड्रेट रखें और हल्का, सुपाच्य भोजन करें। गर्मी के मौसम में थोड़ी सी सावधानी और सतर्कता आपको कई गंभीर बीमारियों से बचा सकती है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Sunday, April 6, 2025, 21:10 [IST]
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