Year Ender 2025: साल 2025 में इन 5 बीमारियों ने मचाई दुनियाभर में तबाही, कई लोगों ने गंवाई जान

Year Ender 2025: साल 2025 अपनी कुछ अच्छी-बुरी यादों के साथ समाप्त होने को है। दिसंबर माह के शुरुआती दिन चल रहे हैं और यह महीना भी जल्दी खत्म हो जाएगा। ऐसे में, आज हम बात करेंगे कि कौन सी बीमारियों ने इस साल तबाही मचाई। जी हां, साल 2025 में ऐसी कई बीमारियां थीं, जिन्होंने न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया था। इन बीमारियों की वजह से कई लोगों की जान गई। इनमें से कुछ बीमारियां नई थीं, जबकि कुछ पुराने वायरस के घातक वेरिएंट के रूप में सामने आईं। आज इस लेख में हम आपको 5 ऐसी बीमारियों के बारे में बताने वाले हैं, जो 2025 में फैलीं और सुर्ख़ियों में रहीं। तो आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

H5N1

निपाह वायरस

भारत में कोरोना वायरस के बाद जिस बीमारी ने हाहाकार मचाया, वो है निपाह वायरस। यह वायरस मुख्य रूप से चमगादड़ और फल खाने से फैलता है, लेकिन यह अन्य जानवरों से भी फैल सकता है। आपको बता दें कि इस वायरस में संक्रमित जानवर की लार या मूत्र से यह वायरस भोजन तक पहुंच जाता है। यह संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी सीधे फैल सकता है। इसके लक्षणों में बुखार सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, गले में खराश, चक्कर आना और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं। इस बीमारी में पूरी न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में हाहाकार मचाया है।

H5N1

भारत में 2025 में H5N1 से 2 लोगों की मौत हुई, जिसमें एक बच्चा और एक वयस्क व्यक्ति शामिल थे। भले ही इस बीमारी से मौतें कम हुईं, लेकिन इसके लक्षण इतने आम थे कि हर किसी के मन में यह डर था कि कहीं उन्हें भी H5N1 वायरस तो नहीं हो गया। इसके लक्षणों की बात करें, तो इसमें अक्सर तेज बुखार आना, खांसी, मांसपेशियों में दर्द, कंजक्टिवाइटिस। गंभीर सांस की बीमारी,गले में खराश और तंत्रिका संबंधी बदलाव शामिल हैं।

एम पॉक्स

मंकीपॉक्स, जिसे एम-पॉक्स के नाम से भी जाता है, साल 2024 में कुछ देशों में तेजी से फैला। यह एक वायरस है, जो चेचक के समान है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार, केवल अफ्रीका में ही 6 हफ्तों के अंदर 17 लोगों की जान चली गई थी। यह वायरस 2022 में भारत में भी पाया गया था। आपको बता दें कि यह वाइरस बहुत ज्यादा खतरनाक है। इसकी वजह से कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इसके लक्षण की बात करें तो इसमें बुखार, सिरदर्द, शरीर पर चकत्ते और सूजन दिखाई देना शामिल हैं। यह मानव-से-मानव संपर्क और संक्रमित सतहों से फैल सकता है।

डेंगू

साल 2025 में डेंगू के 1136 मामले सामने आए और 2 मौतें भी हुईं। आपको बता दें कि डेंगू मच्छरों के काटने से फैलता है। इसमें ऐसा बुखार होता है कि व्यक्ति का पूरा बदन टूटने लगता है, जिसकी वजह से उसके शरीर में प्लेटलेट्स कम हो जाती है। इसके अलावा, व्यक्ति को सिरदर्द, जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द, चकत्ते और थकान महसूस होती है।

रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस (RSV)

रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस (RSV) नाक, गले और फेफड़ों को संक्रमित करने वाला एक आम वायरस है, जो ज्यादातर बच्चों को होता है। 2025 में RSV के मामलों में अप्रत्याशित उछाल देखने को मिला। ठंडे देशों के साथ-साथ गर्म इलाकों में भी संक्रमण तेजी से फैलता दिखा। बच्चों और बुजुर्गों में तेज बुखार, सांस लेने में दिक्कत और खांसी जैसी समस्या बढ़ने के कारण कई देशों को इमरजेंसी वार्ड्स बढ़ाने पड़े।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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