Latest Updates
-
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो -
कौन हैं Aditi Hundia? T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद Ishan Kishan के साथ डांस Video Viral -
काले और फटे होंठों से हैं परेशान? तो पिंक लिप्स पाने के लिए आजमाएं ये घरेलू नुस्खे -
Chaitra Navratri 2026: 8 या 9 दिन जानें इस बार कितने दिन के होंगे नवरात्र? क्या है माता की सवारी और इसका फल -
Gangaur Vrat 2026: 20 या 21 मार्च, किस दिन रखा जाएगा गणगौर व्रत? नोट करें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त -
घर में लाल चीटियों का दिखना शुभ है या अशुभ? जानें शकुन शास्त्र के ये 5 बड़े संकेत -
गर्दन का कालापन दूर करने के लिए रामबाण हैं ये 5 देसी नुस्खे, आज ही आजमाएं -
आपके 'नन्हे कान्हा' और 'प्यारी राधा' के लिए रंगों जैसे खूबसूरत और ट्रेंडी नाम, अर्थ सहित
Chandra Grahan के समय खाने-पीने की चीजों में तुलसी क्यों डाली जाती है? जानें हैरान करने वाले कारण
Why Use Tulsi During Chandra Grahan 2026: आज साल का पहला सबसे बड़ा पूर्ण चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। इससे पहले 17 फरवरी को साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण लगा था, जो भारत में दिखाई नहीं दिया था। 2026 खगोलीय घटनाओं के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है। भारत सहित दुनिया के कई हिस्सों में ग्रहण का साया दिखेगा। वहीं घरों में एक पुरानी परंपरा बड़े जोर-शोर से निभाई जाती है वह है खाने-पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते (Tulsi Leaves) डालना। बचपन से ही हम अपनी दादी-नानी को यह कहते सुनते आए हैं कि ग्रहण के दौरान भोजन को अशुद्ध होने से बचाना है तो उसमें तुलसी डाल दो।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसके पीछे का वास्तविक कारण क्या है? क्या यह केवल एक अंधविश्वास है या इसके पीछे कोई ठोस वैज्ञानिक आधार (Scientific Reason) भी छिपा है? सूतक काल लगते ही रसोई में तुलसी का प्रवेश क्यों अनिवार्य हो जाता है? आइए, इस लेख में हम चंद्र ग्रहण, सूतक काल और तुलसी के पत्तों के उस अनूठे संबंध की गहराई से पड़ताल करते हैं, जहां धर्म और विज्ञान एक ही धरातल पर खड़े नजर आते हैं।

1. तुलसी को क्यों माना जाता है ग्रहण का 'सुरक्षा कवच'?
शास्त्रों के अनुसार, तुलसी को भगवान विष्णु का प्रिय और 'पापनाशिनी' माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल में नकारात्मक शक्तियां प्रभावी होती हैं, जिनसे भोजन को सुरक्षित रखने के लिए पवित्र तुलसी का उपयोग किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि तुलसी को खाने व पीने की चीजों में डालने से खाना शुद्ध रहता है।
2. क्या कहता है विज्ञान?
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो ग्रहण के समय वायुमंडल में हानिकारक पराबैंगनी (Ultraviolet) किरणों का प्रभाव बढ़ जाता है। तुलसी में पाए जाने वाले विशिष्ट पारा (Mercury) और एंटी-बैक्टीरियल गुण भोजन को दूषित होने से बचाने में मदद करते हैं। ऐसे में खाने और पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डालने से उसकी शुद्धता बनी रहती है।
3. कब और कैसे डालें तुलसी के पत्ते?
3 मार्च 2026 को लगने वाले ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि सूतक लगने से पहले ही दूध, दही और पके हुए भोजन में तुलसी डाल देनी चाहिए। इस बात का भी ध्यान रखें कि धार्मिक नियमों के अनुसार, ग्रहण के दौरान या सूतक काल में तुलसी के पौधे को छूना या उसके पत्ते तोड़ना अशुभ माना जाता है। इसलिए, आपको यह काम ग्रहण शुरू होने से पहले ही कर लेना चाहिए।



Click it and Unblock the Notifications









