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Chhathi Maiya Ki Aarti Lyrics: छठी मैया की कृपा पाने के लिए छठ परब में जरूर पढ़ें ये आरती
Chhathi Maiya Ki Aarti: छठ पूजा भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो विशेष रूप से बिहार, झारखंड, और उत्तर प्रदेश में बड़े श्रद्धा भाव से मनाया जाता है। यह पूजा सूर्य देवता और छठी मैया को समर्पित होती है। छठी मैया को संतान और परिवार की संरक्षिका देवी माना जाता है, और सूर्य देवता के साथ उनकी पूजा करने से स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
छठ पूजा चार दिनों का कठिन व्रत होता है, जिसमें व्रती निर्जला उपवास करते हैं और पूरी श्रद्धा के साथ शुद्धता का पालन करते हैं। पहले दिन "नहाय-खाय," दूसरे दिन "खरना," तीसरे दिन संध्या अर्घ्य, और चौथे दिन उषा अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है।

छठ पूजा में छठी मैया और सूर्य देव को अर्घ्य देकर उनकी कृपा की कामना की जाती है, जिससे परिवार में सुख-शांति बनी रहे और मनोकामनाएं पूरी हों। छठ पूजा के दौरान छठी मैया की आरती से उनका विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।
।।छठ माता की आरती।। (Chhathi Maiya Ki Aarti)
जय छठी मईया ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए।
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥जय॥
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।
ऊ जे नारियर जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए॥जय॥
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥जय॥
अमरुदवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए।
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥जय॥
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।
शरीफवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए॥जय॥
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥जय॥
ऊ जे सेववा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए।
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥जय॥
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।
सभे फलवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए॥जय॥
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥जय॥
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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