Latest Updates
-
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख -
कौन हैं 'हनुमान अंश' की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर? विदेश की नौकरी छोड़ बनाई ब्लॉकबस्टर फिल्म -
दुआ के दूसरे बर्थडे पर दीपिका-रणवीर ने कराया मैटरनिटी फोटोशूट, बेबी बंप फ्लॉन्ट करते हुए शेयर की तस्वीरें -
Laddu Gopal Chatthi 2026: 9 या 10 सितंबर, कब है लड्डू गोपाल की छठी? नोट करें सही तिथि, पूजा विधि और भोग -
Krishna Chhathi 2026 Wishes: माखन-मिश्री का भोग...कृष्ण जी की छठी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट -
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ के बाद निमिषा सजयन ने ऐसे घटाया 14 किलो वजन, एक्ट्रेस ने शेयर की वेट लॉस जर्नी -
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर
Pitru Paksha 2023 Trayodashi Tithi: कब है त्रयोदशी श्राद्ध की तिथि? जानें तेरस श्राद्ध पूजन का शुभ मुहूर्त
Pitru Paksha 2023 Trayodashi Tithi: हमारे पूर्वजों को देवता के समान माना गया है। पितृ पक्ष के समय में पितृ लोक के दरवाजे खोल दिए जाते हैं। इस अवधि में पितर अपने परिवार व अपनी संतानों को देखने के लिए पृथ्वी लोक में आती हैं। इस अवधि को पितृ पक्ष कहते हैं जो 29 सितम्बर से शुरू हुआ और 14 अक्टूबर 2023 तक चलेगा।
पितृ पक्ष के दौरान पितृ लोक से पूर्वज अपनी संतानों का हालचाल जानने और उन्हें आशीर्वाद देने आती हैं। ये एक मौका होता है जब संतान अपने पितृ का सम्मान करके उन्हें प्रसन्न कर सकते हैं। इसके लिए जिस तिथि को पूर्वज की मृत्यु हुई हो उस तिथि को श्राद्ध तर्पण और पिंडदान करना चाहिए।

त्रयोदशी तिथि पर किन लोगों का श्राद्ध किया जाता है?
त्रयोदशी तिथि को उन पितरों का श्राद्ध या तर्पण करते हैं जिनकी मृत्यु त्रयोदशी तिथि को हुई हो, चाहे वो शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि हो या कृष्ण पक्ष की। आइये जानते हैं सही मुहूर्त ताकि आप द्वादशी तिथि का श्राद्ध या तर्पण सही समय पर कर पाएं। त्रयोदशी श्राद्ध को बारस श्राद्ध के नाम से भी जाना जाता है।
त्रयोदशी श्राद्ध तिथि मृत बच्चों के श्राद्ध के लिये उपयुक्त माना जाता है। इस तिथि को गुजरात में काकबली एवं बालभोलनी तेरस के नाम से भी जाना जाता है।त्रयोदशी श्राद्ध को तेरस श्राद्ध के नाम से भी जाना जाता है।
त्रयोदशी तिथि श्राद्ध का मुहूर्त
त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 11 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 37 मिनट से
त्रयोदशी तिथि का समापन 12 अक्टूबर 2023 को शाम 7 बजकर 53 मिनट तक।
त्रयोदशी तिथि का श्राद्ध बृहस्पतिवार 12 अक्टूबर 2023 को होगा। इसमें कुतुप मुहूर्त 46 मिनट का है जो सुबह 11 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।
रौहिण मुहूर्त - 12:31 PM से 01:17 PM,
अपराहन काल - 01:17 PM से 03:36 PM
परिवारजनों को अपने पितरों का सम्मान करें। इस दिन दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके पितरों का श्राद्ध या तर्पण करें। इस दिन सादगी भरी जीवन शैली अपनानी चाहिए। तामसिक भोजन और नशीले पदार्थो से दूर रहें। दान दें। किसी का अपमान न करें और न ही अपशब्द कहें। भूल से भी किसी जीव जंतु को न सताएं। इस बात का ध्यान रखें कि अपराहन काल समाप्त होने तक श्राद्ध कर्म से जुड़े अनुष्ठान पूर्ण कर लिए जाएं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
