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Ram Navami 2026 Sanskrit Wishes: 'अस्तु शुभं रामनवमी', अपनों को भेजें ये खास संस्कृत श्लोक और संदेश
Ram Navami 2026 Sanskrit Wishes: चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि... वह पावन घड़ी जब अयोध्या के राजमहल में साक्षात विष्णु के अवतार प्रभु श्री राम ने जन्म लिया। 27 मार्च 2026 को मनाया जा रहा यह राम जन्मोत्सव अधर्म पर धर्म और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। 'भये प्रगट कृपाला दीनदयाला' की गूंज के बीच, जब पूरा विश्व राममय है, तो क्यों न हम भी देववाणी संस्कृत के दिव्य मंत्रों और श्लोकों के जरिए इस उत्सव की बधाई दें?
श्री राम का चरित्र जीवन जीने की कला सिखाता है और संस्कृत के ये शब्द उस आदर्श को और भी गहरा बनाते हैं। आइए, इस राम नवमी पर साझा करें प्रभु राम की स्तुति में ये विशेष संस्कृत शुभकामना संदेश, श्लोक और मंगलकामनाएं।

प्रभु श्री राम की दिव्य स्तुति और मंत्र
रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे।
(अर्थ: राम, रामभद्र, रामचंद्र और विधाता स्वरूप प्रभु को नमस्कार है।)
रघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः॥
(अर्थ: रघुनाथ, सबके स्वामी और माता सीता के पति श्री राम को प्रणाम।)
लोकाभिरामं रणरङ्गधीरं राजीवनेत्रं रघुवंशनाथम्।
(अर्थ: संसार में सबसे सुंदर, युद्ध में धीर, कमल नयन रघुवंश के नाथ की जय हो।)
कारुण्यरूपं करुणाकरं तं श्रीरामचन्द्रं शरणं प्रपद्ये॥
(अर्थ: करुणा के सागर और साक्षात करुणा स्वरूप श्री रामचंद्र की शरण में हूँ।)
श्रीराम जय राम जय जय राम।
(अर्थ: प्रभु राम की जय हो, जय हो, सदा जय हो।)
आपदामपहर्तारं दातारं सर्वसम्पदाम्।
(अर्थ: सभी विपत्तियों को हरने वाले और सभी सुख-संपत्ति प्रदान करने वाले प्रभु।)
लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो भूयो नमाम्यहम्॥
(अर्थ: संसार के प्रिय श्री राम को मैं बार-बार नमस्कार करता हूँ।)
रामं स्कन्धं धनुर्धरं जयतु जयतु मर्यादा पुरुषोत्तमम्।
(अर्थ: कंधे पर धनुष धारण करने वाले मर्यादा पुरुषोत्तम राम की जय हो।)
यन्मङ्गलं रामचन्द्रस्य तन्मङ्गलं अस्तु मे सदा।
(अर्थ: जो मंगल रामचंद्र का है, वही मंगल सदा मेरे जीवन में हो।)
नमस्ते रघुवंशाय नमस्ते भक्तवत्सला।
(अर्थ: रघुवंश शिरोमणि और भक्तवत्सल प्रभु को नमस्कार है।)
राम नवमी शुभकामना संदेश
रामनवमी पावनपर्वणि सर्वेभ्यः शुभाशयाः!
(अर्थ: राम नवमी के पावन पर्व की सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ!)
अस्तु शुभं रामनवमी!
(अर्थ: आपकी राम नवमी शुभ और मंगलमय हो!)
प्रभु श्रीराम: तव जीवनं सुखमयं करोतु।
(अर्थ: प्रभु श्री राम आपका जीवन सुखमय बनाएं।)
मर्यादा पुरुषोत्तमस्य जन्मोत्सवस्य शुभाशयाः।
(अर्थ: मर्यादा पुरुषोत्तम के जन्मोत्सव की बहुत-बहुत बधाई।)
तव गृहे रामराज्यं भवतु।
(अर्थ: आपके घर में हमेशा रामराज्य (सुख-शांति) बना रहे।)
जय श्री रामः! सर्वदा विजयं भवतु।
(अर्थ: जय श्री राम! आपकी हमेशा विजय हो।)
रामनवम्याः कोटि-कोटि मङ्गलकामनाः।
(अर्थ: राम नवमी की करोड़ों-करोड़ मंगलकामनाएं।)
रामनामं सदा जपेत, सर्वबाधा विनिर्मुक्तः।
(अर्थ: सदा राम नाम जपें, सभी बाधाओं से मुक्ति मिलेगी।)
धर्मो रक्षति रक्षितः, रामनवम्याः शुभकामनाः।
(अर्थ: धर्म की रक्षा करने वालों की राम रक्षा करते हैं, शुभकामनाएँ।)
श्रीराम कृपा तव सदा अस्तु।
(अर्थ: श्री राम की कृपा आप पर हमेशा बनी रहे।)
भक्तिमय श्लोक और 'शायरी' भाव
रामं लक्ष्मण पूर्वजं रघुवरं सीतापतिं सुन्दरम्।
(अर्थ: लक्ष्मण के बड़े भाई, रघुकुल के श्रेष्ठ और सीता के सुंदर पति राम।)
कौसल्यानन्दनं रामं वन्दे रघुकुलभूषणम्।
(अर्थ: कौशल्या के आनंद और रघुकुल के आभूषण श्री राम की वंदना करता हूँ।)
रामनामं विना मुक्तिः न कदापि भविष्यति।
(अर्थ: राम नाम के बिना मुक्ति कभी संभव नहीं है।)
सकल मङ्गल निलयं रामं नमामि।
(अर्थ: समस्त मंगलों के धाम श्री राम को मैं नमन करता हूँ।)
सीताराम चरणौ भजे, सर्व सुखं लभे।
(अर्थ: सीता-राम के चरणों का भजन करें, सभी सुख प्राप्त होंगे।)
दशरथ सुताय विद्महे सीता वल्लभाय धीमहि।
(अर्थ: राजा दशरथ के पुत्र और सीता के प्रिय राम का हम ध्यान करते हैं।)
रामनामं सत्यं अस्ति, जगत् सर्वं मिथ्या।
(अर्थ: राम का नाम ही सत्य है, बाकी सब नश्वर है।)
मङ्गल भवन अमङ्गल हारी, द्रवउ सो दशरथ अजिर बिहारी।
(अर्थ: मंगल करने वाले और अमंगल हरने वाले प्रभु, जो दशरथ के आंगन में खेलते हैं।)
रामो विग्रहवान् धर्मः।
(अर्थ: श्री राम साक्षात धर्म के मूर्त स्वरूप हैं।)
शाश्वतं विष्णुमव्ययं रामं नमामि।
(अर्थ: अविनाशी और शाश्वत विष्णु स्वरूप राम को नमस्कार है।)
अध्यात्म रामायणं नित्यं पठेत, राम भक्तिं लभे।
(अर्थ: नित्य राम कथा का पाठ करें और राम भक्ति प्राप्त करें।)



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