भगवान शिव से जानें जीवन जीने का तरीका

Posted By: Staff
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शिव को देवों के देव कहते हैं, इन्हें महादेव, भोलेनाथ, शंकर, महेश, रुद्र, नीलकंठ के नाम से भी जाना जाता है। हिन्दू धर्म के प्रमुख देवताओं में से एक हैं । वेद में इनका नाम रुद्र है। शिव के 108 नाम हैं, तथा उनके भी अपने महत्व हैं। सालों से हम शिव की पूजा करते आ रहें हैं। क्या कभी आपने सोचा है कि इन्हें महादेव क्यों कहा गया है। और इन्हें अन्य भगवानों से ज्यादा क्यों पूजा जाता है। इसका भी बहुत बड़ा कारण है। आपको पता है भगवन शिव कैलाश पर्वत पर रहते थे, अपनी पत्नी पार्वती और दो पुत्र गणेश और कार्तिकेय के साथ । आइये दर्शन करते हैं भारत के प्रसिद्ध शिव मंदिरों के

यह कभी किसी महल में नहीं रहे। शायद यही वजह है कि ये और देवताओं से अलग हैं। और यही इनकी वेशभूशा से भी पता चलता है। और देवताओं कि तरह ये आभूषण नहीं पहनते थे। बल्कि उनके सिर में चंद्रमा तथा जटाओं में गंगा जी का वास है। क्या है महाशिवरात्रि का महत्व?

दुनिया को बचाने के लिए शिव जी ने विष पी लिया था जिसके बाद इनका नाम नीलकंठ पड़ा। इनके गले में नाग लिपटा हुआ है, हाथों में डमरू और त्रिशूल लिए हुए हैं। तो आज हम इन्हीं की वेशभूषा के बारे में ही बात करते हैं। क्योंकि इनके भी अपने ही महत्व हैं।

 शिव जी की जटा जो कि शरीर और आत्मा का सामंजस्य दिखाता है

शिव जी की जटा जो कि शरीर और आत्मा का सामंजस्य दिखाता है

अगर आपको एक अच्छा विद्यार्थी बनाना है तो उसके लिए आपके दिमाग और आत्मा का स्वस्थ होना बहुत जरुरी है। और उसके लिए अपने मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन रखना होगा। जिससे आप किसी भी बीमारी से लड़ सकते हैं।

 तीसरी आंख- मन की आंखों से देखे

तीसरी आंख- मन की आंखों से देखे

अगर हमे ज़िन्दगी में कुछ बनना है तो जो सोचा है उसे पूरा करना होगा। यही हमे ज़िन्दगी जीना सिखाता है। जो हमे लग रहा है कि यह हम नहीं कर पायेंगे और उसे पाने के लिए जी जान से कोशिश कर के हासिल कर लें तो शयद आपको को भी अपने ऊपर आश्चर्य हो। यही सिख हमे मिलती है भगवन शिव से जो हो रहा है उसके परे की सोचें और उसे हासिल करने में लग जाएँ।

त्रिशूल- मन, बुद्धि और अहंकार पर नियंत्रण

त्रिशूल- मन, बुद्धि और अहंकार पर नियंत्रण

अगर आपको ज़िन्दगी बहुत सारी परेशानियों के बाद या सिर्फ हार के डर से आपने कुछ पाया है, तो यहीँ से आपके अंदर अहंकार आने लगता है। और अगर आपको ज़िन्दगी में आगे सफल होना है तो इसे नियंत्रण में रखना जरुरी है। जिस इंसान में अहंकार नहीं होता है उसकी बुद्धि और मन बेहतर तरीके से काम करते हैं।

 ध्यान मुद्रा- मन की शांति

ध्यान मुद्रा- मन की शांति

दिमाग की शांति का बहुत बड़ा महत्व है हमारी ज़िन्दगी में। यह हमे रोज़मरा की परेशानियों से लड़ने की ताकत देता है और हमारे दिमाग को स्वस्थ रहने में मदद करता है।

शरीर पर राख - सब कुछ अस्थायी है, यहां तक ​​कि हमारा शरीर भी

शरीर पर राख - सब कुछ अस्थायी है, यहां तक ​​कि हमारा शरीर भी

आज कल औरतें ही नहीं बल्कि आदमी भी अपनी खूबसूरती के लिए ना जाने कितने पैसे खर्च करते हैं। क्या यह सही है। यह जानेते हुए भी कि सब कुछ अस्थायी। पर इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप अपने स्वास्थ को नज़रंदाज़ करें। बाहरी सुंदरता से नहीं अपनी अंदर की सुंदरता को बहार निकलने की कोशिश करें।

नीलकंठ- बुराई (गुस्से) को ख़त्म करना

नीलकंठ- बुराई (गुस्से) को ख़त्म करना

गुस्सा हम सब का सबसे बड़ा दुश्मन है, इसे खत्म या नियंत्रण करना भी हमारी ही ज़िमेदारी है। गुस्सा अगर अंदर रहा जाये तो ज़हर है और बहार निकले तो दुसरो के लिए हानिकारक हो सकता है। तो अगली बार गुस्सा आये तो बहार टहलने चले जाये या गुस्से को नियंत्रण रखने के लिए मार्शल आर्ट सीखे।

डमरू-शरीर की सभी इच्छाओं से मुक्ति

डमरू-शरीर की सभी इच्छाओं से मुक्ति

भगवन शिव का डमरू यह दिखाता की आप कि इच्छा शक्ति मजबूत हो जिससे आप अपनी सारी बुराईयों पर काबू पा सके। और यह सब आपको हासिल होगा सही खान पान और सही व्यायाम से।

 गंगा- अज्ञानता का अंत और ज्ञान तथा शांति की सुबह

गंगा- अज्ञानता का अंत और ज्ञान तथा शांति की सुबह

सही ज्ञान ही इंसान को एक बेहतर मनुष्य बनाता है। और अपने ऊपर विश्वास करना सिखाता है। जिससे आप ज़िन्दगी उन सारी समस्यों से लड़ सकते है और अपनी ज़िन्दगी को और बेहतर बना सकते हैं।

 कमंडल- शरीर से सब बुराइयों को हटाना

कमंडल- शरीर से सब बुराइयों को हटाना

अपने मन और शरीर दोनों से बुरे विचार, नकारात्मकता और गन्दगी को बहार निकल देना ही अच्छी और बेहतर सोच को जन्म देता है। इसे आपका दिमाग अच्छे से काम और नयी सोच को विकसित करने में मदद करता है।

 गले में नाग-अहंकार पर नियंत्रण

गले में नाग-अहंकार पर नियंत्रण

अहंकार आपका सबसे बड़ा दुश्मन है, और यह क्रोध को जन्म दे कर आपका स्वास्थ ख़राब करता है। तो अपने अहंकार को खत्म करें और मानसिक और शारीरिक रूप से शांत रहने की कोशिश करें।

English summary

10 things Lord Shiva teaches you about your health

There is more to Lord Shiva than simply being the only ascetic God. His entire demeanor indicates certain key principles that we all would do well to incorporate into our daily lives. Here are the 10 things Lord Shiva symbolizes.
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