Latest Updates
-
DHT: क्या है डायरेक्ट हेयर ट्रांसप्लांटेशन? जानें बालों की रिग्रोथ के लिए कितनी कारगर है यह तकनीक -
Captain Smit Machchhar: कैप्टन 'स्मित मच्छर' के सरनेम का क्या है मतलब? जानें इसके पीछे की दिलचस्प कहानी -
नुसरत भरूचा की रीढ़ की हड्डी में हुआ फ्रैक्चर, एयरलिफ्ट कर बाली से लाई गईं मुंबई, वीडियो देख फैंस हुए परेशान -
Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं? जानें जरूरी नियम और पारण का समय -
Jitiya Vrat Katha: जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत में जरूर करें इस कथा का पाठ, पूरे साल सुरक्षित रहेगी संतान -
Jitiya Vrat 2026 Wishes: संतान की लंबी उम्र...जितिया व्रत के अवसर पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम
जानें, सूर्यदेव को जल चढ़ाने से कैसे बदल सकती है आपकी जिंदगी

यदि आप सनातन धर्म को मानते हैं तो आपको यह पता होगा कि हमारे यहाँ कई सारे देवी देवताओं को पूजा जाता है। इसी में अगर हम सब से पहले अगर किसी को पूजते हैं तो वह हैं सूर्य देवता। इनकी पूजा करने का मतलब है सुबह सूर्य उदय से पहले उठ कर नहाना और फिर सूर्य को जल चढ़ाना। सूर्य को जल चढाने के बारे में हमारे वेद और पुराणों में भी लिखा है।

ऐसा कहा जाता है कि सूर्य को जल चढाने से मान सम्मान मिलता है,मन भी शांत रहता है और शरीर को कोई रोग या बीमारी नहीं होती है। इसके साथ ही ऐसा कहा जाता है कि सूर्य देव जल्द ही मनोकामना पूर्ति के देव भी हैं। सूर्य देव बुद्धि के देवता कहे जाते हैं।
आपने अपने माता पिता को अक्सर कहते सुना भी होगा कि रोज सुबह उठकर स्नान के बाद सूर्य को चल चढ़ाएं। आइये जानते हैं सूर्य मंत्र और इसके इसके फायदों के बारे में।

1. सूर्य मंत्र
सूर्य देव को जल चढ़ाने से सूर्यदेव की असीम कृपा की प्राप्ति होती है सूर्य भगवान प्रसन्न होकर आपको दीर्घायु , उत्तम स्वास्थ्य, धन, उत्कृष्ट संतान, मित्र, मान-सम्मान, यश, सौभाग्य और विद्या प्रदान करते हैं। इसके लिए सुबह जल्दी उठ कर स्नाना करे और साफ़ कपड़े पहने, फिर एक ताम्बे का लोटा लें और उसमें पानी भरे अब इसमें अष्टगंध, लाल फूल और कुछ अक्षत डालें। अब सूर्य को जल चढ़ाते वक़्त इस मंत्र का जाप करें ऊँ सूर्याय नम: जल चढाने के बाद अपने माथे को ज़मीन पर छुआएं और यह सूर्य मंत्र को अपने मन में बोलें ऊँ खखोल्काय शान्ताय करणत्रयहेतवे। निवेदयामि चात्मानं नमस्ते ज्ञानरूपिणे।। त्वमेव ब्रह्म परममापो ज्योती रसोमृत्तम्। भूर्भुव: स्वस्त्वमोङ्कार: सर्वो रुद्र: सनातन:।।

2 हम सूर्य को जल क्यों चढ़ाते हैं?
एक बार मंदेहस नाम का एक असुर था जो अरुणम नाम के द्वीप पर रहता था। इस असुर ने ब्रम्हा जी की खूब सपासिया की। जिसे देख कर ब्रम्हा जी इससे खुश हुए और इसे वैदां मांगे को कहा, जिसमें मंदेहस ने सूर्य देव को बंदी बनाने का वरदान मॅंगा। सूर्य देव के बंदी बनाने के बाद पृथ्वी पर अन्धकार छा गया। जिससे लोग बहुत परेशान हो गये। जब ब्रम्हा ने यह सब देखा तो उन्होंने ब्राह्मणों को एक उपाए बताया कि वे सब सुबह गायत्री मंत्र का उच्चारण करके सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसे सूर्य मंडेस राक्षस की कैद से मुक्त हो जाएगा। तब से यह माना जाता है कि मंदेहस राक्षस कहीं फिर से ना आजाये, इसलिए हमे सूर्य को जल देते रहना चाहिए।

3. सूर्य को जल देने के फायदे
सूर्य को जल चढ़ाने से व्यक्ति को किसी भी परेशानी को लड़ने के लिए मानसिक, शारीरिक और व्यावहारिक सोच मिलती है।

4. व्यक्ति निडर और वीर बनता
व्यक्ति निडर और वीर बनतासूर्य को जल देने से व्यक्ति निडर और वीर बनता है। सूर्य की पूजा से व्यक्ति विद्वान,और बुद्धिमान बनता है। यही नहीं रोज़ सूर्य की पूजा करने से व्यक्ति अहंकार, क्रोध, लालच, इच्छा और बुरे विचारों दूर रहता है।

5 अर्घ्य सुबह क्यों दी जाती है
'सूर्य की गर्मी सुबह के बाद किसी से भी बर्दाश नहीं होती है इसीलिए कहा गया है कि सुबह उठ कर सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए।

6 तांबे के बर्तन में ही क्यों
तांबे में पानी को भर कर रखने से, पानी की अशुद्धियाँ दूर होती हैं और पानी पीने लायक होता है। यही नहीं इसमें रखा पानी पीने से कई सारी बीमारियां भी दूर होती है। यही कारण है कि तांबे को बहुत ही शुद्ध धातु माना जाता है।



Click it and Unblock the Notifications
