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कुम्भ मेला 2019: प्रयागराज जा रहे हैं तो रखें इन बातों का ध्यान
उत्तर प्रदेश में प्रयाग कुम्भ की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। 14 जनवरी से शुरू होने वाले कुम्भ मेले के लिए पूरे शहर में साधु संत और भक्त जुट रहे हैं। आपको बता दें की इस बार कुम्भ में 13 नहीं बल्कि 14 अखाड़े होंगे क्योंकि इस दफा किन्नर अखाड़ा भी महामेले का हिस्सा बनेगा।

कुम्भ के दौरान इस जगह की छटा अद्भुत हो जाती है। संगम के घाटों पर पवित्र स्नान, पंडालों में धार्मिक मंत्रोच्चार, ऋषि मुनियों द्वारा ज्ञान और सत्य का पाठ, मधुर संगीत, ये सभी चीज़ें भक्तों को एक बार इस स्थान पर आकर दर्शन करने के लिए विवश कर देती है। अगर आप भी इस मेले का हिस्सा बनने के बारे में सोच रहे हैं तो इन बातों के बारे में जानना आपके लिए बेहतर रहेगा। अगले कुछ समय के लिए धार्मिक गतिविधियों का गढ़ बनने वाले इस स्थान पर भक्तों की भारी भीड़ पहुंचेगी, ऐसे में अपने स्वास्थ्य और सुरक्षा का भी ध्यान रखें।

तीर्थ स्थानों में प्रयाग का है अहम मकाम
ऐसा माना जाता है कि त्रिवेणी संगम पृथ्वी का केंद्र है। वहीं मत्स्य पुराण के अनुसार,महर्षि मार्कण्डेय ने युधिठिर से कहा था कि इस स्थान की रक्षा सभी देवताओं द्वारा की जाती है। यहां एक माह तक रहकर यदि पूर्ण परहेज़,ब्रम्हचर्य का पालन,देवताओं तथा पितरों का तर्पण किया जाये तो सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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संगम में स्नान से मिलता है मोक्ष
यहां भारी तादाद में लोग त्रिवेणी संगम पर पवित्र डुबकी लगाने के लिए आते हैं। माना जाता है कि यहां स्नान करने वाला व्यक्ति अपनी दस पीढ़ियों को पुनर्जन्म के चक्र से मुक्त करा देता है और मोक्ष पा लेता है। यहां आने वाले तीर्थयात्रियों की सेवा करके भी लोग पुण्य कमा सकते हैं।
अगर2019प्रयाग कुम्भ मेले में आप भी जाने का सोच रहे हैं तो कुछ बातों की जानकारी पहले ही हासिल कर लें। इन बातों को ध्यान में रख कर आप अपनी यात्रा को सुखद और कुम्भ मेले के अनुभव को बेहतर बना सकते हैं।

क्या करें
ज़्यादा सामान के साथ यात्रा ना करें। डॉक्टर द्वारा बताई दवाइयों को साथ रख लें।
अपने सामान के प्रति सजग रहें। उसकी सुरक्षा आपकी ही ज़िम्मेदारी है।
खाने पीने,अस्पताल तथा इमरजेंसी सेवाओं की जानकारी पहले ही हासिल कर लें।
पार्किंग और यातायात के बताये नियमों को मानें।
मेले द्वारा उपलब्ध कराए गए घाटों पर ही स्नान के लिए जाएं।
अपनी ओर से साफ़ सफाई का ध्यान रखें और इस काम में दूसरों का सहयोग करें।
कुछ संदिग्ध लगने पर तुरंत वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों को सूचित करें।

क्या ना करें
ज़्यादा महंगे सामान लेकर मेले में ना जाएं।
संदिग्ध लोगों से दूर रहें,उनपर विश्वास ना करें।
बीमार हैं तो भीड़भाड़ वाली जगह पर ज़्यादा देर ना रुकें।
घाटों पर साबुन,डिटर्जेंट आदि का प्रयोग ना करें।
पूजा में इस्तेमाल हुई सामग्री को जल में प्रवाहित करके नदी को दूषित ना करें।
प्लास्टिक की थैलियों का इस्तेमाल ना करें।
ज़्यादा गहरे पानी में जाने का प्रयास ना करें। ऐसा करना आपके लिए खतरनाक हो सकता है।



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