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सावन में पड़ेंगे ये तीज त्योहार
सावन का पवित्र महीना 28 जुलाई, 2018 से शुरू होने वाला है। महादेव के भक्तों को इस अवसर का बड़ी ही बेसब्री से इंतज़ार रहता है। हालांकि, कैलेंडर में अंतर के कारण दक्षिण भारतीय इलाकों में सावन का महीना 12 अगस्त से शुरू होने वाला है इसलिए जहां उत्तर भारत में सावन का पहला सोमवार 30 जुलाई को पड़ेगा वहीं दक्षिणी इलाकों में 13 अगस्त को पहले सोमवार को शिव जी की पूजा अर्चना की जाएगी।
सावन 28 जुलाई से शुरू होकर 26 अगस्त को समाप्त हो जाएगा।

इस माह की पवित्रता और धार्मिक उत्साह इसके महत्व को और भी बढ़ा देता है। कई सारे ऐसे त्योहार होते हैं जिन्हें हम पूरी श्रद्धा और उत्साह से मनाते हैं और जो भगवान की मौजूदगी का एहसास दिलाते हैं।
हर बार की तरह एक बार फिर हम आपके लिए सावन के महीने में पड़ने वाले त्योहारों की एक सूची तैयार की है। तो आइए जानते हैं किस दिन कौन सा त्योहार है।
अंगारकी चतुर्थी व्रत, 31 जुलाई
प्रत्येक माह में दो चतुर्थी आती है एक गणेश चतुर्थी और दूसरा संकष्टी चतुर्थी। ये चतुर्थियां भगवान गणेश को सम्पर्पित हैं। जब संकष्टी चतुर्थी मंगलवार को पड़ती है तो उसे अंगारकी चतुर्थी कहते हैं। इस योग को बेहद शुभ माना जाता है। इस बार अंगारकी चतुर्थी 31 जुलाई को है।
कालाष्टमी, 4 अगस्त
कालाष्टमी भगवान शिव के भैरव रूप को समर्पित है। इस दिन लोग भैरव देव की पूजा करते हैं। यह पर्व अष्टमी तिथि को या फिर हर माह शुक्ल पक्ष के आठवें दिन पड़ता है। इस माह कालाष्टमी 4 अगस्त, शनिवार को पड़ने वाला है।
प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि, 9 अगस्त
भगवान शिव को समर्पित सभी पूजाओं में प्रदोष व्रत भी एक है। यह पूजा प्रदोष काल में ही की जाती है यानी सूर्यास्त के बाद रात्रि का पहला पहर जिसे संध्या कहते हैं वह प्रदोष काल होता है। प्रत्येक माह दो प्रदोष व्रत पड़ते हैं। इस दिन शिव जी के साथ माता पार्वती की भी पूजा अर्चना की जाती है। इसे मासिक शिवरात्रि के नाम से भी जाना जाता है। इस बार यह 9 अगस्त, गुरुवार को पड़ने वाला है।
हरियाली अमावस्या, शनिश्चरी अमावस्या, 11 अगस्त
यह दिन विष्णु जी के कृष्ण अवतार से जुड़ा हुआ है। इस दिन भक्त मथुरा और वृन्दावन के मंदिर में एकत्रित होकर इस त्योहार को बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा से मनाते हैं। इस वर्ष यह पर्व 11 अगस्त शनिवार को पड़ने वाला है। यह त्योहार हर साल सावन महीने में शुक्ल पक्ष की पंद्रहवी तिथि को यानी हरियाली तीज के ठीक दो दिन पहले मनाया जाता है।
इस दिन शनिश्चरी अमावस्या भी पड़ने वाली है जो शनि देव को समर्पित है। लोग शनिदेव की पूजा के साथ व्रत भी रखते हैं।
चंद्र दर्शन, 12 अगस्त
अमावस्या के ठीक एक दिन बाद चंद्र दर्शन करना बेहद शुभ माना जाता है। इस बार चंद्र दर्शन 12 अगस्त रविवार को है।
हरियाली तीज, 13 अगस्त
श्रावण मास में शुक्ल पक्ष तृतीया को हरियाली तीज का त्योहार मनाया जाता है। उत्तर भारत में यह पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है ख़ास तौर पर हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली में इस पर्व का बड़ा ही महत्व है। यह व्रत सुहागनों के लिए होता है। इस दिन औरतें सोलाह श्रृंगार कर शिव जी और माता पार्वती की पूजा करती हैं। स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु लिए निर्जल व्रत भी रखती हैं। इस बार यह व्रत 13 अगस्त, सोमवार को पड़ने वाला है।
विनायक चतुर्थी/दूर्वा गणपति व्रत, 14 अगस्त
यह महीने में पड़ने वाली दूसरी चतुर्थी होती है जो गणेश जी को समर्पित है। इस दिन लोग गणपति की पूजा करते हैं साथ ही व्रत भी रखते हैं। शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली इस चतुर्थी को बहुत ही शुभ माना जाता है। इस बार 14 अगस्त मंगलवार को है।
नागपंचमी, 15 अगस्त
सावन माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी को नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। यह दिन सर्पों के स्वामी नाग देवता को समर्पित है। नागपंचमी पर सापों को दूध पिलाना शुभ होता है। इस बार नागपंचमी 15 अगस्त बुधवार को है।
श्री कल्कि जयंती, 16 अगस्त
माना जाता है कि कलयुग में सावन माह के शुक्ल पक्ष की छठी तिथि को भगवान विष्णु कल्कि के रूप में जन्म लेंगे। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा है। इस बार यह पूजा 16 अगस्त, गुरुवार को है।
शीतला जयंती, तुलसी जयंती 17 अगस्त
सावन माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी माता शीतला का जन्म हुआ था। इसी दिन महान कवी तुलसीदास जी का भी जन्म हुआ था। यह दिन माता शीतला और तुलसीदास की जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस बार यह जयंती 17 अगस्त, शुक्रवार को पड़ने वाली है।
दुर्गा अष्टमी/मेला चिंतपूर्णी/ ध्रुव अष्टमी, 18 अगस्त
हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को दुर्गा अष्टमी मनाई जाती है। इस दिन माँ दुर्गा की पूजा की जाती है और भक्त माता के लिए तरह तरह भोग बनाते हैं। यह भोग प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। इसके अलावा नौ कन्याओं को भी भोजन करवाया जाता है। इस बार दुर्गा अष्टमी 18 अगस्त, शनिवार को है।
सावन पुत्रदा एकादशी, 22 अगस्त
जैसा की हम सब जानते हैं कि हर माह में दो एकादशी पड़ती है और दोनों ही एकादशियां विष्णु जी को समर्पित होती हैं। दूसरी एकादशी जो सावन महीने में शुक्ल पक्ष की एकादशी को पड़ती है उसे सावन पुत्रदा एकादशी कहते हैं। इस बार पुत्रदा एकादशी, 22 अगस्त, बुधवार को पड़ने वाली है।
प्रदोष व्रत, 23 अगस्त
इस माह का दूसरा प्रदोष व्रत 23 अगस्त, गुरुवार को पड़ने वाला है।
हयग्रीव उत्पत्ति, 24 अगस्त
विष्णु जी के कई अवतारों में से हयग्रीव उनका एक अवतार है। इस अवतार में भगवान का सिर घोड़े और शरीर मनुष्य का है। मधु और कैटभ नामक दो दैत्यों ने जब वेदों की चोरी कर ली थी तब विष्णु जी ने यह अवतार लिया था और वेदों को वापस लेकर आये थे। इस बार हयग्रीव जयंती 24 अगस्त शुक्रवार को है।
सत्यनारायण व्रत, 25 अगस्त
भगवान सत्यनारायण की पूजा के लिए यह दिन बहुत ही शुभ होता है और यह प्रत्येक महीने में आता है। इस बार सत्यनारायण व्रत 25 अगस्त, शनिवार को है।
रक्षा बंधन, 26 अगस्त
श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 26 अगस्त, रविवार को मनाया जाएगा। इस त्योहार का बहनों को ख़ास तौर पर इंतज़ार रहता है। इस दिन बहने अपने भाई की कलाई पर राखी बांध कर उनसे अपनी रक्षा का वचन लेती हैं।
गायत्री जयंती, 26 अगस्त
यह दिन माता गायत्री के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। मां गायत्री वेद माता के नाम से भी जानी जाती हैं। इस दिन भक्त माता को प्रसन्न करने के लिए मंत्रों का जाप करते हैं। इस बार गायत्री जयंती 26 अगस्त, रविवार को है।
नरली पूर्णिमा, 26 अगस्त
श्रावण मास की पंद्रहवीं तिथि को नरली पूर्णिमा मनाई जाती है। इस दिन वरूण देव की पूजा की जाती है। लोग पेड़ पौधे लगाकर प्रकृति के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हैं। इस दिन वरूण देव को नारियल अर्पित किया जाता है। इस बार नरली पूर्णिमा, 26 अगस्त, रविवार को पड़ने वाली है।
संस्कृत दिवस, 26 अगस्त
श्रावणी पूर्णिमा के पावन अवसर पर संस्कृत दिवस मनाया जाता है। 1969 में इसकी शुरुआत हुई थी।



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