Latest Updates
-
Myth Vs Fact: टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होता है? डॉक्टर से जानिए ऐसे ही 10 मिथ और उनकी सच्चाई -
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चांद दिखने का सटीक समय -
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर -
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय
Magh Purnima 2023: माघ पूर्णिमा पर बन रहे ये चार शुभ योग, जानें स्नान-दान का मुहूर्त और महत्व

माघ पूर्णिमा मुहूर्त 2023
4 फरवरी को रात 09:29 बजे से माघ पूर्णिमा तिथि पंचांग के अनुसार लग रही है, ये 05 फरवरी को रात 11:58 बजे तक रहेगी। वहीं 5 फरवरी 2023 को सूर्योदय के समय माघ पूर्णिमा तिथि रहेगी व रात में पूर्णिमा का चांद भी होगा। इस वजह से माघ पूर्णिमा व्रत, स्नान और दान 05 फरवरी को दिया जाएगा।

माघ पूर्णिमा का स्नान-दान
माघ पूर्णिमा के दिन स्नान और दान का बहुत महत्व है। 5 फरवरी 2923 को स्नान व दान सुबह से शुरु हो जाएगा। इस दिन प्रयागराज के संगम में माघ पूर्णिमा का स्नान करना बहुत ही पुण्य माना जाता है। माघ पूर्णिमा को स्नान के बाद किसी गरीब ब्राह्मण को अन्न, वस्त्र, दान किया जाता है। स्नान के बाद पितरों के लिए तर्पण किया जाता है।
माघ पूर्णिमा का महत्व
माघ पूर्णिमा के महत्व को आप इससे ही समध सकते हैं कि इसे संगम पर स्नान से अश्वमेध यज्ञ के समान ही पुण्य मिलता है। भगवान विष्णु अशीर्वाद देते हैं। माघ पूर्णिमा की रात को माता लक्ष्मी की पूजा करने से सुख, समृद्धि का वास घर में होता है। पुराणों में है कि माघ मास में किसी भी नदी का जल गंगा जल तुल्य पवित्र होता है। माघ पूर्णिमा के दिन खुद नारायण पृथ्वी पर जलराशियों में विशेषकर गंगा जल में वास करते हैं, इसलिए प्रयाग, हरिद्वार, काशी समेत अन्य श्रेष्ठ तीर्थों में भगवान महादेव खुद स्नान के लिए आते हैं।
Disclaimer- यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। Boldsky Hindi इसकी पुष्टि नहीं करता है।



Click it and Unblock the Notifications
