सकट चौथ व्रत से भगवान गणेश का मिलता है आशीर्वाद, संतान को मिलता है चिरायु का वरदान

वैसे तो हर महीने की चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित है और उस दिन उनकी खास पूजा भी की जाती है। मगर माघ महीने में पड़ने वाली चतुर्थी बेहद खास मानी जाती है। माघ माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाले भगवान गणेश के इस दिन को संकष्टी या सकट चौथ के तौर पर मनाया जाता है।

सकट चौथ का अपना विशेष महत्व है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और अपनी संतान की लंबी उम्र, बेहतर स्वास्थ्य और रिद्धि-सिद्धि के लिए भगवान गणेश से विशेष प्रार्थना करती हैं। इस दिन सूर्य देव और चंद्र देव की पूजा करने के साथ उन्हें अर्घ्य देने की भी परंपरा है। जानते हैं इस साल सकट चौथ का व्रत किस दिन रखा जाएगा और इस दिन का क्या महत्व है।

सकट चौथ तिथि और मुहूर्त

सकट चौथ तिथि और मुहूर्त

चतुर्थी तिथि आरंभ समय: 31 जनवरी 2021 की रात 08 बजकर 24 मिनट से

चतुर्थी तिथि समाप्ति समय: 1 फरवरी 2021 को शाम 06 बजकर 24 मिनट पर

चन्द्रोदय का समय: रात्रि 08 बजकर 27 मिनट पर

सकट चौथ का महत्व

सकट चौथ का महत्व

सकट चौथ का व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, सुखी जीवन और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के साथ करती है। ऐसी मान्यता है कि ये व्रत रखने से भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में खुशियां बनी रहती हैं।

तिलकुट का प्रसाद

तिलकुट का प्रसाद

इस दिन घर में तिल और गुड़ से बनी चीजें तैयार की जाती है। इस वजह से कई जगह पर लोग इस दिन को तिलकुटा चौथ भी कहते हैं। इस दिन गणपति भगवान को तिलकुट के साथ मौसमी फल, गाजर, शकरकंदी आदि चढ़ाई जाती हैं। गणेश जी की कृपा पाने के साथ साथ इस दिन पूजा-अर्चना करने से बुध ग्रह की अशुभता दूर होती है और केतु के बुरे प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है।

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