Latest Updates
-
Indira Ekadashi Vrat Katha: इंदिरा एकादशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, पितरों को मिलता है मोक्ष -
Indira Ekadashi 2026: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय...इंदिरा एकादशी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Navratri Vrat Recipes: नवरात्रि के लिए पहले ही बना लें ये स्वादिष्ट फलाहारी नमकीन, नौ दिन तक नहीं होगी खराब -
प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की हेमोरेजिक शॉक से हुई थी मौत, जानें क्या है यह गंभीर मेडिकल कंडीशन -
कौन थे मैड संधू? सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जिनकी गोली मारकर हुई हत्या, बिग बॉस में होनी थी एंट्री -
कौन हैं अविनाश मिश्रा? जो बने 'खतरों के खिलाड़ी 15' के विनर, ऋत्विक धनजानी और ओरी को हराकर जीते 20 लाख रुपए -
डायबिटीज में एक दिन में कितनी चीनी खाना है सुरक्षित? जानिए क्या है एक्सपर्ट की राय -
World Teachers Day 2026: 5 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है विश्व शिक्षक दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
कहीं आप भी तो नहीं पी रहे डिटर्जेंट वाला दूध? FSSAI के बताए इस सिंपल टेस्ट से मिनटों में करें चेक -
Indira Ekadashi 2026: 5 या 6 अक्टूबर, कब है इंदिरा एकादशी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि
सीता नवमी 2019: आज ही के दिन धरती से जन्मी थी सीता, जानें इस दिन पूजा करने के लाभ
वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की नवमी को सीता नवमी का पर्व मनाया जाता है। इस साल ये 13 मई को मनाया जाएगा। ऐसा माना जाता है कि आज ही के दिन राजा जनक ने संतान प्राप्ति के उद्देश्य से पूजा का आयोजन करवाया था। पुष्य नक्षत्र में जब राजा जनक ने यज्ञ भूमि तैयार करने के लिए उसे हल से जोता तब धरती मां की गोद से बालिका मिली। हल की नोक तथा जोती हुई धरती को सीता कहते हैं और उसके नाम पर ही उस बालिका का नाम सीता रखा गया।

आज के दिन पूरे देश में मां सीता की पूजा की जाती है। भक्त पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ आज उपवास रखते हैं और वो मां सीता से अपनी मनोकामना पूरी करने की गुजारिश करते हैं। जानते हैं सीता नवमी का महत्व और इस दिन पूजा तथा दान करने से भक्तों को क्या लाभ मिलते हैं।

ऐसे करें सीता नवमी पर पूजा
इस दिन श्रीराम और माता सीता की पूजा करने के लिए सबसे पहले तिल या घी का दीपक जलाएं। इसके बाद जानकी माता का सिंदूर लगाएं और प्रभु श्री राम को रोली लगाएं। फिर उन्हें चावल, धूप, दीपक और लाल रंग के फूल चढ़ाकर उनके चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लें।
इसके बाद आप उन्हें भोग लगाएं। इस पूजा में इन दो मंत्र का जाप अवश्य करें।
ॐ श्रीसीताये नमः ।।
और
'श्रीसीता-रामाय नमः।।

अच्छे स्वास्थ्य और निरोगी काया के लिए आज जरूर करें पूजा
माता सीता अपने भक्तों की मनोकामनाएं तो पूरी करती ही हैं वो उन्हें धन, बुद्धि, सेहत और समृद्धि भी प्रदान करती हैं। सूर्य, अग्नि और चंद्र से माता सीता का स्वरूप माना गया है। ऐसा माना जाता है कि आज चांद की विशेष औषधीय किरणें धरती पर पड़ती हैं। सीता नवमी पर भक्तों के लिए ये बहुत लाभदायक होती हैं। सीता नवमी पर श्री राम और माता सीता के साथ चंद्र देव की पूजा भी अवश्य करें।

आज के दिन सुहाग का सामान जरूर करें दान
माता सीता ने अपना पूरा जीवन ही पतिव्रता धर्म निभाने में बीता दिया था। जानकी नवमी पर माता की पूजा सोलह श्रृंगार के साथ करें। उन्हें लाल रंग की साड़ी चढ़ाएं और साथ ही लाल और पीले रंग के फूल अर्पित करें। आज के दिन दान पुण्य का महत्व भी काफी होता है। आप अपने पति की लंबी आयु और अपने रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए सुहाग का सामान दान में दें। वहीं जो महिलाएं संतान सुख पाना चाहती हैं वो लोग आज पूजा के दौरान सीता स्त्रोत का पाठ जरूर पढ़ें।



Click it and Unblock the Notifications
