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महर्षि नारद ने भी बताया है बैसाख माह को सबसे उत्तम, आप भी जानें इसका महत्व
हिंदू कैलेंडर के मुताबिक बैसाख दूसरा माह होता है। 9 अप्रैल से शुरू हुआ ये महीना 7 मई तक चलेगा। भगवान मधुसूदन को बैसाख महीने का देवता माना जाता है। धार्मिक रूप से ये महीना काफी खास है। कई व्रत त्योहार भी इस महीने में आते हैं। गौरतलब है कि इस महीने पूर्णिमा तिथि पर विशाखा नक्षत्र होने की वजह से इसे वैशाख या बैसाख माह कहा जाता है। ग्रंथों में इसे पुण्य देने वाला महीना बताया गया है। बैसाख महीने की महत्ता स्कंद पुराण, महाभारत, पद्म पुराण एवं निर्णय सिंधु ग्रंथ में दी गयी है। इन ग्रंथों के मुताबिक वैशाख महीना भगवान विष्णु को प्रिय है।

बैसाख या वैशाख माह में करें इस विधि से पूजा
सूर्योदय से पहले उठकर स्नानादि करें। पवित्र नदी में स्नान करना संभव न हो तो घर पर नहाने के पानी में ही थोड़ा सा गंगाजल मिला लें। प्रतिदिन भगवान विष्णु की पूजा करें और शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। भगवान विष्णु को तुलसी पत्र अर्पित करें और पीपल को जल चढ़ाएं। इसके बाद ही आप दूध या अन्न ग्रहण करें। रोजाना थोड़े अन्न का दान करें। यदि मुमकिन हो तो इस माह प्रतिदिन एक ही समय पर भोजन करें। महाभारत के अनुशासन पर्व की मानें तो ऐसा करने से व्यक्ति द्वारा जाने अनजाने में किये सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।

वैशाख में दान करने का महत्व
बैसाख महीने को फल प्राप्ति का महीना बताया गया है। इस माह में दान करने का बहुत अधिक महत्व है। इस माह में दान पुण्य का काम करने से गरीबी दूर होती है। बैसाख में पवित्र नदी में स्नान करना भी जरुरी माना गया है। लोगों की आस्था है कि बैसाख महीने में पूजा उपासना में समय बिताने से जीवन में हर तरह की समस्याओं से मुक्ति मिलती है।

महर्षि नारद ने भी बताई है वैशाख माह की महत्ता
नारद जी के मुताबिक स्वयं ब्रह्मा जी ने बैसाख माह को अन्य महीनों में सबसे श्रेष्ठ बताया है। उनके अनुसार ये माह सभी जीवों को उनका मनचाहा फल देता है। नारद जी की मानें तो बैसाख माह धर्म, यज्ञ और तपस्या का सार है। उन्होंने इस माह की महत्ता बताते हुए कहा है कि जिस तरह विद्याओं में वेद, मंत्रों में ऊं, पेड़-पौधों में कल्पवृक्ष, कामधेनु, देवताओं में भगवान विष्णु, नदियों में मां गंगा, तेजों में सूर्य, शस्त्रों में चक्र, धातुओं में सोना और रत्नों में कौस्तुभमणि को श्रेष्ठ माना गया है, उसी तरह अन्य महीनों में वैशाख मास सबसे उत्तम है।

वैशाख महीने में खान पान से जुड़ी इन बातों का रखें ख्याल
इस माह लगातार तापमान बढ़ने लगता है। इस वजह से कई तरह की बीमारियों और रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है। इस महीने में ज्यादा पानी पिएं और तेल वाली चीजों से दूरी बनाएं। सत्तू और रसदार फलों को अपने भोजन में शामिल करें। साथ ही देर तक सोने से भी बचें।



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