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पितृ पक्ष में भूल कर भी ना करें 6 ये काम
आप सभी की जानकारी के लिये बता दें कि पितृ पक्ष 16 सितंबर से प्रारम्भ हो कर 30 सितंबर तक रहेगा। यह पितृ पक्ष पूरे साल में एक बार आता है इसलिये हमें अपने पितरों को प्रसन्न करने के लिये और घर में सुख शांति बनाए रखने के लिये श्राद्ध के नियमों को जरुर मानना चाहिये।
हिन्दू धर्म में मृत्यु के बाद श्राद्ध करना बेहद जरूरी माना जाता है। मान्यतानुसार अगर किसी मनुष्य का विधिपूर्वक श्राद्ध और तर्पण ना किया जाए तो उसे इस लोक से मुक्ति नहीं मिलती और वह भूत के रूप में इस संसार में ही रह जाता है। तो इसी बात पर आइये जानते हैं कि श्राद्ध में ऐसे कौन से कार्य हैं, जो हमें भूल कर भी नहीं करने चाहिये।

1. श्राद्ध में लोहे का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

2. श्राद्ध के दिन क्रोध, चिड़चिड़ापन और कलह से दूर रहना चाहिये।

3. श्राद्ध में ब्राह्मण को भोजन करवाना जरूरी है, जो व्यक्ति बिना ब्राह्मण के श्राद्ध कर्म करता है, उसके घर में पितर भोजन नहीं करते बल्कि उल्टा श्राप देकर लौट जाते हैं।

4. पितृ पक्ष के दौरान खाने में मसूर की दाल, चना, लहसुन, जीरा, काली उडद, काला नमक, राई, और बासी भोजन नहीं खाना चाहिए। इसके अलावा मांस मछली भी खाने से बचना चाहिये।

5. इस दौरान घर पर आए किसी भी महमान को बिना भोजन-पानी के नहीं जाने देना चाहिए। मान्यता है कि इन दिनों पितर किसी भी रूप में आपके घर पर आ सकते हैं। इसलिए अपने दरवाजे पर आने वाले किसी भी जीव का निरादर ना करें।

6. इन दिनों ना तो नए वाहन और ना ही नए कपड़े खरीदें और पहनने चाहिये। क्योंकि यह एक शोक का माहौल होता है और ऐसे में हमें अपने पूर्वजों के प्रति शोक प्रकट करना चाहिये ना कि भौतिक सुख का आनंद लेना चाहिये।



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