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इन दालों में छुपा है सेहत का राज़
भारत में दाल की बहुत ज्यादा खपत होती है। दालें अनाज में आतीं हैं। इन्हें पैदा करने वाली फसल को दलहन कहा जाता है। दालें हमारे भोजन का सबसे महत्वपूर्ण भाग होती हैं। हर दाल में अलग-अलग गुण छुपे हुए होते हैं और हर एक दाल एक दूसरे से बहुत अलग होती है। इसलिये हर प्रकार की दालों को एक साथ मिक्स कर के बनाना चाहिये।
दुर्भाग्यवश आज जिसे देखो वो फास्ट फूड के प्रचलन से इतना ज्यादा प्रभावित हो चुका है कि अब दालों का प्रयोग कम सा होता जा रहा है। इसका साफ-साफ दुष्प्रभाव लोगों, विशेषकर बच्चों एवं युवा वर्ग के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। दालों की सर्व प्रमुख विशेषता यह होती है कि आँच पर पकने के बाद भी उनके पौष्टिक तत्व सुरक्षित रहते हैं। इनमें प्रोटीन और विटामिन्स बहुतायत में पाए जाते हैं।
काली उरद दाल अैर मूंग दाल सभी प्रकार की दालों में से सबसे ज्यादा पौष्टिक मानी जाती हैं। अगर मसूर दाल की बात करें तो आप इसे रोज़ नहीं खा सकते क्योंकि यह थोड़ा नुकसान भी करती है। अगर आपने इसका प्रयोग कम नहीं किया तो यह यूरिक एसिड के लेवल को बढ़ा सकती है। तो आइये जानते हैं कि तरह-तरह की दालों में कौन से सेहत मंद गुण छुपे हुए हैं।

मूंग दाल
यदि आप वजन कम करना चाहते हैं तो यह दाल आपके लिये ही है। इसमें बहुत ही कम कैलोरी होती है और आयरन तथा पोटैशियम का भंडार होती है।

चना दाल
चना और चने की दाल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य और सौंदर्य में लाभकारी होती है, बल्कि अनेक रोगों की चिकित्सा करने में भी सहायक होती है। रक्ताल्पता, कब्ज, डायबिटिज और पीलिया जैसे रोगों में चने का प्रयोग लाभकारी होता है। बालों और त्वचा की सौंदर्य वृद्धि के लिए चने के आटे का प्रयोग हितकारी होता है।

मसूर दाल
इसकी प्रकृति गर्म, शुष्क, रक्तवर्द्धक एवं रक्त में गाढ़ापन लाने वाली होती है। दस्त, बहुमूत्र, प्रदर, कब्ज व अनियमित पाचन क्रिया में मसूर की दाल का सेवन लाभकारी होता है।

काबुली दाल
इस दाल में बहुत सारा आयरन होता है जिससे हीमोग्लोबिन बढता है। यह फोलिक एसिड को भी बढाती है।

उरद दाल
इस दाल में बहुत सारा प्रोटीन होता है। यह पाचन शक्ति, पौरूष शक्ति, सुंदरता निखारने और अर्श का नाश करती है। छिलके वाली दाल काफी लाभदायक होती है।

तूअर दाल
तूअर दाल में काफी सारा फाइबर होता है जो कि पेट को ठीक रखने के लिये बहुत ही अच्छा है।

मूँग दाल
मूँग साबुत हो या धुली, पोषक तत्वों से भरपूर होती है। अंकुरित होने के बाद तो इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्वों केल्शियम, आयरन, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और विटामिन्स की मात्रा दोगुनी हो जाती है। मूँग शक्तिवर्द्धक होती है। ज्वर और कब्ज के रोगियों के लिए इसका सेवन करना लाभदायक होता है।

लोबिया दाल
इसमें बहुत सारा जिंक पाया जाता है।

सोया दाल
इस दाल में बहुत सारा प्रोटीन और जरुरी विटामिन डी होता है जो कि बढ़ते हुए बच्चों के लिये अच्छा माना जाता है। इसके सेवन से हड्डियां मजबूत बनती हैं।



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