Latest Updates
-
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट -
जुबिन नौटियाल बने पापा, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, गणेश चतुर्थी पर घर आया नन्हा मेहमान -
'मन की बात' में PM मोदी ने बताया क्यों इतना खास है आंवला, जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका -
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके -
Pitru Paksha 2026: गया जी के इस मंदिर में जिंदा लोग खुद करते हैं अपना पिंडदान, बेहद अनोखी है मान्यता
किस करण से कुंभकर्ण सोता था 6 महीनों तक, जानें रहस्य
कुंभकर्ण रावण का भाई तथा विश्ववा का पुत्र था। कुंभकर्ण ने ब्रह्माजी से 6 महीने लंबी नींद का वरदान मांगा था। इस वरदान को ब्रह्माजी ने सहर्ष स्वीकार भी कर लिया था और उसी दिन से कुंभकर्ण 6 महीने की नींद में चला गया था।
READ: शालीग्राम की कहानी: विष्णु को श्राप क्यों मिला?
लेकिन क्या आपको पता है कि कुंभकर्ण इतनी लंबी नींद में क्यों गया। आज हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताएंगे। कुंभकर्ण रावण भाई था, हलाकि वह कद में रावण से कई गुना बढ़ा था साथ ही वह बुद्धिमान और अच्छे हृदय का भी था।
इसका सबसे बड़ा उदहारण यह है कि जब रावण और राम का युद्ध हो रहा था। रावण ने कुंभकर्ण से मदद मांगी। लेकिन जब रावण ने पूरी सचाई कुंभकर्ण को बताई तब कुंभकर्ण ने रावण को बहुत समझया कि वह जो कर रहा है सब गलत है।
READ: तुलसी की पत्तियों के साथ ना करें ये काम, नहीं तो हो जाएंगी नाराज़
लेकिन रावण ने उसकी कोई बात नहीं मानी और छोटे भाई होने के कारण कुंभकर्ण ने राम से युद्ध किया। यह माना जाता है कि चाहे वह कितना भी भोजन कर लें वह संतों, ऋषि और मुनियों को खाने से हिचकता नहीं था। तो चाहिए जानते हैं कुंभकर्ण के 6 महीने तक सोने का राज़।

इंद्र
इंद्र देवताओं के देवता थे लेकिन वे कुंभकर्ण से ईर्षा करते थे क्योंकि वह बहुत बुद्धिमान और बहादुर था। इसके लिए इंद्र कुंभकर्ण से बदला लेने के लिए सही समय का इंज़ार कर रहे थे।

यज्ञ
तीनों भाई रावण, कुंभकर्ण और विभीषण ने ब्रह्मा को प्रसन्न करने के लिए यज्ञ और यागा किया।

वरदान या अभिशाप
यज्ञ से प्रसन्न होके तीनो भाइयों को वरदान देने के लिए ब्रह्मा प्रकट हुए। और उन्होंने ने कुंभकर्ण से पूछा की उसे क्या वरदान चाहिए। तब कुंभकर्ण ने कहा कि उसे इंद्रासन चाहिए लेकिन उसके मुँह से निद्रासन निकला।

व्याकुल कुंभकर्ण
जब कुंभकर्ण ने इंद्रासन की बजाये निद्रासन कहा तब उसे अपनी गलती का अहसास हुआ की उसने क्या कहा दिया। जब तक उसे कुछ समझ आता ब्रह्मा तथाअस्तु बोल चुके थे। हालांकि की कुंभकर्ण ने कहा कि उसकी इच्छा पूरा ना करें लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

इंद्र की चाल
जैसे की हम सब जानते थे कि इंद्र कुंभकर्ण ईर्षा करते थे। जिसके चलते इंद्र ने देवी सरस्वती से जाके अनुरोध किया कि कुंभकर्ण इंद्रासन की बजाये निद्रासन कहे।

कुंभकर्ण की नींद
तभी से कुंभकर्ण 6 महीने की नींद में चले जाने के बाद फिर से 6 महीने के बाद तग जगता रहा और उसे जो कुछ भी प्राप्त हुआ वह उससे अपनी भूख मिटाता रहा।



Click it and Unblock the Notifications
