Vastu Tips for Cooler: हिंदू धर्म में ज्योतिष तथा वास्तु शास्त्र का खास महत्व है। वास्तु शास्त्र के नियम केवल घर बनाने तथा नए घर में प्रवेश करने के लिए ही नहीं होता बल्कि यह नियम संपूर्ण घर में रखी वस्तुओं के लिए भी होता है। वास्तु शास्त्र के नियम का विधिवत पालन करने से घर में सुख, शांति एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है।वास्तु शास्त्र के नियम का उल्लंघन करने से घर में मानसिक तनाव, क्लेश तथा आर्थिक संकट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस कारण वास्तु के नियमों का पालन करना बहुत ही आवश्यक है। वास्तु शास्त्र में कूलर रखने के कुछ अभिन्न नियम बताए गए हैं। आपके घर में अगर कूलर लगा है तो वास्तु शास्त्र के कुछ नियमों का पालन करना बहुत ही आवश्यक है। आइए जानते हैं वास्तु शास्त्र के नियम-घर में कूलर रखने के वास्तु नियम (Vastu Tips for Cooler)* वास्तु शास्त्र के मुताबिक अपने घर पर सफेद रंग का कूलर रखना बेहद ही अच्छा एवं शुभ माना जाता है। इसके अलावा आप क्रीम या सिल्वर रंग के कूलर भी रख सकते हैं। जान लें कि अन्य रंग के कूलर रखने से वास्तु दोष पड़ने की पूर्ण संभावना होती है इसलिए आप जब भी कूलर खरीदने जाए तो सफेद रंग के ही कूलर खरीदे।* वास्तु विशेषज्ञों के मुताबिक गलती से भी आप नीला, लाल तथा स्लेटी रंग के कूलर का उपयोग बिलकुल भी न करें क्योंकि इससे वास्तु दोष लगता है और घर में अशांति, क्लेश, मानसिक तनाव जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती है। इसलिए आप इन रंगों के कूलर बिल्कुल भी उपयोग न करें और न ही खरीदें।* अगर आपके घर में बिगड़े हुए तथा खराब वस्तुएँ पड़ी है तो इससे भी आपको वास्तु दोष लगता है। अगर आपके घर में खराब कूलर है तो उसे बिल्कुल भी ना रखें। एक बार वास्तु दोष लगने के पश्चात विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है और सबसे ज्यादा आर्थिक स्थिति पर इसका असर देखने को मिलता है। अगर घर में खराब कूलर है तो उसे दोबारा बनाकर उपयोग करें या फिर उसे बेंच दें।* वास्तु शास्त्रियों के मुताबिक कूलर का सीधा संबंध राहु, केतु, शनि तथा चंद्र से है। इसके लिए हमेशा कूलर को उत्तर पूर्व की दिशा में रखना चाहिए। इस दिशा में कूलर रखने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है। इसके साथ ही खुशियों का पिटारा भी खुल जाता है।* किसी अन्य कारणवश आप कूलर को यदि ईशान कोण पर नहीं रख पा रहे हैं तो उत्तर पश्चिम की दिशा पर रख दें। इससे भी आपको अनेकों लाभ प्राप्त होंगे। यह बात आपको जान लेनी चाहिए कि कूलर को भूलकर भी दक्षिण पश्चिम की दिशा में नहीं रखना चाहिए। अगर आप जगह की समस्या से कूलर को दक्षिण पश्चिम दिशा में रखना चाहते हैं तो उसे गुलाबी रंग के पेट में पेंट करा दें। इससे आपको वास्तु दोष लगने की संभावना कम रहेगी।नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।