Latest Updates
-
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख -
कौन हैं 'हनुमान अंश' की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर? विदेश की नौकरी छोड़ बनाई ब्लॉकबस्टर फिल्म
Christmas 2023: ये देश 25 दिसंबर को नहीं 7 जनवरी को मनाते हैं क्रिसमस, जानिए इसकी वजह
Christmas 2023: दुनियाभर में हर साल 25 दिसंबर को क्रिसमस का त्योहार मनाया जाता है। पूरी दुनिया इस दिन को प्रभु यीशु के जन्म दिवस से जोड़कर मनाता है। क्या आपको पता है कि ऐसे कई देश हैं जो ईसाह मसीह के जन्म की तारीख 7 जनवरी मानते हैं और इसलिए वो क्रिसमस का पर्व 25 दिसंबर की बजाय 7 जनवरी को मनाते हैं। आइए आपको बताते हैं इन देशों के बारे में और इसकी वजह के बारे में-

कैलेंडर है वजह
25 दिसंबर की बजाय 7 जनवरी को क्रिसमस मनाने के पीछे की वजह कैलेंडर है। दरअसल, ग्रेगोरियन और जूलियन कैलेंडर में 13 दिनों का अंतर होता है और यही अंतर क्रिसमस की तारीख के बीच पड़ता है। ग्रेगोरियन कैलेंडर को वर्ष 1582 में पोप ग्रेगोरी ने शुरू किया था, जबकि जूलियन कैलेंडर को 46 BC में जूलियस सीजर ने शुरू किया था।
ये देश मनाते हैं 7 तारीख को क्रिसमय
7 जनवरी को क्रिसमस मनाने वाले देशों में बड़ा नाम है रूस, मिस्र और इजरायल का। इनके अलावा यूक्रेन, बुल्गारिया, मोल्दोवा, मैसेडोनिया, इथियोपिया, जॉर्जिया, ग्रीस, रोमानिया, सर्बिया, बेलारूस, मोंटेनेग्रो और कजाकिस्तान भी इस लिस्ट में शामिल हैं।
यीशू के जन्म की तारीख को लेकर भी कई मान्यताएं
यीशू के जन्म की तारीख को लेकर भी कई तरह की मान्यताएं हैं। कई लोग का मानना है कि यीशू ईस्टर के दिन अपनी मां के गर्भ में आए थे। गर्भ में आने का दिन कुछ लोग 25 मार्च तो वहीं कुछ लोग 6 से 7 अप्रैल मानते हैं। इसके आधार पर नौ महीने 25 दिसंबर और 6-7 जनवरी को पूरे होते है। इस कारण देशों में यीशू का जन्मदिन 25 दिसंबर और कुछ देशों में 6 और 7 जनवरी को मनाया जाता है। हालांकि इनमें से किसी भी डेट का सटीक प्रमाण नहीं है। यीशू के जन्म को लेकर कहीं भी किसी तारीख या दिन का जिक्र नहीं मिलता है।



Click it and Unblock the Notifications
