संयुक्‍त परिवार में रहने के दुष्‍परिणाम

By Aditi Pathak

हर किसी की जिन्‍दगी में परिवार का अलग महत्‍व होता है। महिला के बच्‍चे पैदा करने से लेकर उसका लालन - पालन और उसकी जिन्‍दगी को संवारने का काम परिवार का ही होता है। हर किसी की जिन्‍दगी परिवार के बिना अधूरी होती है। लेकिन अब फैमिली के पैटर्न में अंतर आने लगा है। पहले लोग संयुक्‍त परिवार में रहते थे, एक साथ, एक ही छत के नीचे उनका जीवन गुजरता था।

संयुक्‍त परिवार में रहने से लोग खुश थे लेकिन समय बदला, लोगों की जरूरत बदली और वह एकल परिवार में बंटने लगे। संयुक्‍त परिवार में सभी के साथ रहने के कई दुष्‍परिणाम भी होते है। लोगों की संख्‍या ज्‍यादा होने पर सभी के बीच मतभेद होने की संभावना भी ज्‍यादा रहती है। ऐसे में बेहतर होगा कि एकल परिवार में रहा जाएं। संयुक्‍त परिवार की समस्‍याएं निम्‍म प्रकार है :

Ill effects of living in a joint family

1) फैमिली बॉस : संयुक्‍त परिवार में घर का सबसे बड़ा सदस्‍य मुखिया होता है, उसी की बात और निर्णय सभी को मानना पड़ता है। इस तरीके से परिवार में रूढि़वादिता जगह बना लेती है और नई सोच वाले लोगों को तकलीफ होती है। कई बार तो घर के ही लोगों को निर्णय अच्‍छे और सही लगते है लेकिन मजबूरी में मानना पड़ता है जिससे उनमें निगेटिविटी आ जाती है। इसलिए अगर ज्‍वाइंट फैमिली में रहना है तो परिवार के सभी सदस्‍यों की राय लेनी चाहिए।

2) नया काम नहीं होता : संयुक्‍त परिवार में कोई कुछ नया काम नहीं कर सकता है और न ही पहल करने की जुर्रत उठा सकता है। जैसे - फैमिली बिजनेस को छोड़कर नया बिजनेस न डालना या कोई भी फंक्‍शन आदि करना। आपको पुराने पैर्टन को ही फॉलो करना होता। लोग इस कारण से सबसे ज्‍यादा संयुक्‍त परिवार में रहने से कटते है, क्‍योंकि उन्‍हे अपने हिसाब से जीने की आदत होती है।

3) महिलाओं की स्थिति : संयुक्‍त परिवार में महिलाओं की स्थिति अच्‍छी नहीं होती है। वह सिर्फ किचेन तक सीमित रह जाती है। वह कुछ नया सीख नहीं सकती हैं, अपने पति की मदद नहीं कर सकती, या फिर बिजनेस में कोई टिप्‍स नहीं दे सकती हैं। ऐसे में खुद महिलाएं ही संयुक्‍त परिवार में नहीं रहना चाहती है।

4) प्राईवेसी : अगर आप संयुक्‍त परिवार में रहते है तो अपनी बीबी के साथ खुलेआम रोमांस करना भूल जाइए, अपने बच्‍चों के लिए ज्‍यादा समय देना भूल जाइए, क्‍योंकि आपको परिवार के बाकी सदस्‍यों को भी टाइम देना होता है। आप उनके साथ वीकेंड पर कहीं बाहर नहीं जा सकते हैं, आपको सभी को ले जाना होगा या सबसे पूछना पड़ेगा। ऐसे में प्राईवेसी खत्‍म हो जाती है जिसकी जरूरत इंसान को सबसे ज्‍यादा होती है।

5) आर्थिक स्थिति : संयुक्‍त परिवार में आप कितना भी कमाते हों, लेकिन आपको सभी को ध्‍यान में रखना पड़ता है। कोई कमाता है कोई नहीं लेकिन सभी के खर्चे होते है ऐसे में आप अपनी निजी सेविंग के बारे में सोच भी नहीं सकते है। किसी की बीमारी या बुरे वक्‍त में आपको खर्च करना पड़ता है जिसका हिसाब भी नहीं होता, ऐसे में लोगों को संयुक्‍त परिवार में रहना खटकता है।

यह सभी संयुक्‍त परिवार में रहने के दुष्‍परिणाम हैं लेकिन अगर आपसी समझ और खुले दिमाग से मिलकर रहा जाएं तो संयुक्‍त परिवार सबसे अच्‍छे होते है।

Story first published: Tuesday, December 24, 2013, 23:03 [IST]
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