Latest Updates
-
Easter Sunday 2026: क्यों मनाया जाता है 'ईस्टर संडे'? जानें ईसाई धर्म में इसका महत्व और इतिहास -
लाल, काली या नारंगी, सेहत के लिए कौन सी गाजर है सबसे ज्यादा पावरफुल? -
Delhi-NCR में भूकंप के झटको से कांपी धरती, क्या बाबा वेंगा की खौफनाक भविष्यवाणी सच होने वाली है? -
Aaj Ka Rashifal 4 April 2026: शनिवार को इन 5 राशियों पर होगी धनवर्षा, जानें अपनी राशि का भाग्य -
चेहरे पर पड़े चेचक के दाग हटाने के 5 घरेलू उपाय, जिद्दी गड्ढों और माता के निशान से पाएं छुटकारा -
क्यों मनाया जाता है World Rat Day? सबसे पहले किस देश में पैदा हुए चूहे, कैसे पूरी दुनिया में पहुंचे? -
International Carrot Day 2026: 4 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है विश्व गाजर दिवस? जानें रोचक कहानी -
Bridal Blouse Designs: लेटेस्ट ब्राइडल ब्लाउज बैक डिजाइन, डोरी से लेकर हैवी एम्ब्रॉयडरी तक, देखें 7 पैटर्न्स -
कंडोम की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं? जानें ईरान-इजरायल युद्ध का असर और कपल्स के लिए सेफ्टी टिप्स -
Musibat ki Dua: दुख, तंगी और गम से निजात की इस्लामी दुआएं, इनके जरिए होती है अल्लाह से सीधी फरियाद
Omg..!! तो इस वजह से इस गांव की औरतें करती है 5 मर्दों से शादी
यहां एक लड़की करती है पांच भाइयों से शादी ऐसा ही कुछ इस गांव की प्रथा
महाभारत की दोपद्री का किरदार किसे याद नहीं होगा। पांच पति होने के कारण जिसे पांचाली महाभारत की सबसे सशक्त किरदार थी। इतिहास में इसके बाद शायद ही अपने ऐसे किसी किरदार के बारे में सुना होगा जिसने पांच भाइयों से शादी की या जिसके पांच पति हो।
लेकिन आज इस आर्टिकल में हम हिमाचल के किन्नोर जिले के शादी के अलग रिवाज के बारे में बता रहे हैं जहां आज भी महिलाएं पांच पति से शादी करके घर बसा सकती है। आइए जानते है कि आखिर क्यूं आज भी यहां महिलाएं पांच मर्दों से शादी करके वैवाहिक संबंध बनाती है।

परम्परा का हिस्सा है पांच भाइयों से शादी करना
प्रदेश के 1 जिला किन्नौर में शादी को लेकर सबसे अलग ही रिवाज है. यहां सभी भाई एक साथ मिलकर एक लड़की से शादी करते हैं। ऐसा कहते है, कि महाभारत काल के दौरान किन्नौर जिले में पांडवों ने सर्दियों के दौरान एक गुफा में पत्नी द्रौपदी और माँ कुंती के साथ अज्ञातवास के कुछ समय बिताए थे। इसका संबंध आज भी यहां देखने को मिलता है। इस प्रथा को यहां की भाषा में घोटुल प्रथा कहते हैं। जिसमें एक युवती पांच भाइयों से विवाह करने के लिए स्वतंत्र है और यहां लोग इसे अपनी परम्परा से जोड़कर देखते हैं।

एक युवती की होती है सारे भाइयों से शादी
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में आज भी बहु पति विवाह किए जाते हैं। यहां रहने वाले परिवारों में महिलाओं के कई पति होते हैं। ऐसा नहीं है, कि यह पति अलग-अलग परिवारों के हो। महिला के पति एक ही परिवार के घर के होते हैं। घर की एक ही छत के नीचे रहने वाले परिवार के लिए सभी भाई एक युवती से परंपरा के अनुसार शादी करते हैं और विवाहित जीवन जीते हैं। अगर किसी महिला के पति में से किसी एक पति की मृत्यु हो जाती है तो भी महिला को दुःख नहीं मानाने दिया जाता।

एक टोपी पर चलता है वैवाहिक जीवन
यहां इन लोगों का वैवाहिक जीवन ‘एक टोपी' पर निर्भर करता है। मान लीजिये कि, जैसे किस परिवार में पांच भाई हैं और सभी का विवाह एक ही महिला से किया गया है. शादी के बाद अगर कोई भी भाई अपनी पत्नी के साथ कमरे में है तो वे कमरे के दरवाजे बंद कर अपनी टोपी बाहर रख देता है। भाइयों में मान मर्यादा कितनी रहती है की जब तक टोपी कमरे के दरवाजे पर रखी है। कोई भी दूसरा भाई अंदर नहीं घुसता है।
किन्नौर में विवाह की परंपरा भी अजीब ढंग से निभाई जाती है. जब किसी युवती की शादी होती है, लड़की के परिवार वाले लड़के के परिवार के बारे में पूरी जानकारी लेते हैं। विवाह में सभी भाई के दूल्हे के रुप में सम्मिलित होते हैं।

एक और कारण
अब प्रश्न यह उठता है ऐसा यहां किया क्यों जाता है? माना जाता है कि इसके पीछे एक कारण यह भी है कि गांवों में संसाधनों की कमी के चलते और पैतृक सम्पति के बंटवारे को रोकने की वजह से भी यह प्रथा चलन में आई।

महिला होती है घर की मुखिया
यहां महिलाएं घर का मुखिया होती है। जो घर के कामकाज से लेकर हर छोटे से बड़े फैसले में मुख्य भूमिका निभाती है। परिवार की सबसे बड़ी स्त्री को गोयने कहा जाता है। उसके सबसे बड़े पति को गोर्तेस कहते हैं। इसका मतलब है, घर का स्वामी।



Click it and Unblock the Notifications











