इस अनोखे देश में लड़किया नहीं चला सकती है गाड़ियां

आज के दौर मे जहां लड़कियां हर कहीं लड़को के साथ कदम के कदम मिलाकर चल रही है वहीं कुछ ऐसी जगहे भी है जहां पर आज भी लड़कियों को कई चीजें करनी की इजाजत नहीं है।

जी हां ये सच कुछ देश आज भी उसी अंधकार में जी रहे है जो बरसो पहले से चला आ रहा है। यहां पर पर्दा प्रथा के कारण लड़कियो को कई तरह के ऐसे काम भी नहीं करने दिए जाते है।

जिनको करने में कोई खतरा या कोई आपत्ति नहीं होती है। आज हम आपको एक ऐसी ही जगह के बारे में बताएंगे जहां पर पर्दा प्रथा आज भी बहुत तेजी से फालो की जाती है और इस देश में महिलाओं को कार चलाने के लिए मनाही है।

इसकी इजाजत वहां पर नहीं है। आप सोच रहे होंगे कि इस मॉडर्न जमाने में ऐसा कौन शहर है जो इस बात को आज भी मानता है कि लड़कियों को हमेशा पर्दे में ही रहना चाहिए। आइए जानते है इस देश के बारे में...

सउदी अरब में होता है ये

सउदी अरब में होता है ये

आपको बता दें कि इस अनोखे देश का नाम सउदी अरब है। इस देश में आज भी कुछ ऐसी प्रथाएं है जिसमें लड़कियों को आज भी बहुत से काम करने की आजादी नहीं है। इस देश में लड़कियों के गाड़ी चलाने में भी पाबंदी है। इस देश का कानून ही कुछ इस तरह का है।

लड़कियों के लिए अलग कानून

लड़कियों के लिए अलग कानून

इस देश की एक खास बात ये है कि यहां पर लड़कियों के लिए अलग और लड़को के लिए अलग कानून बनाया गया है। यहां पर ये जरूरी नहीं है कि जो लड़के करते है वहीं काम लड़के करते है। इसके लिए यहां मनाही है।

महिलाओं को पर्दे में रखा जाता है

महिलाओं को पर्दे में रखा जाता है

आपको बता दे कि इस देश में लड़कियों को पर्दे में रखा जाता है। लड़कियो को बाहर काम करने की मनाही होती है। यहां तक की यहां कि लड़कियां कार तक नहीं चला सकती है। इस अजीब देश के बारे में आपको जरूर जानना चाहिए।

बहुत सख्त है यहां का कानून

बहुत सख्त है यहां का कानून

अगर आप सउदी अरब के कानून की बात करें तो आपको बता दें कि इस देश का कानून पूरे विश्व में सबसे सख्त माना जाता है। यहां पर अगर कोई चोरी करते हुए पकड़ा जाता है तो उसके हाथ काट लेते है। और अगर कोई रेप जैसे घिनौने कृत्य करते हुए पकड़ा गया को उसको बहुत कठोर सजा दी जाती है।

दूसरो का सहारा लेना पड़ता है

दूसरो का सहारा लेना पड़ता है

अगर यहां कि महिलाओं को घर के बाहर जाना होता है तो वो या तो अपने पति के साथ जाएं, ड्राइवर के साथ या अपने भाई के साथ जाएं। इतना आगे होने के बाद भी इनका ये कानून हैरत में डाल देता है।

कानून का है ये मानना

कानून का है ये मानना

इस देश के कानून का ये मानना है कि पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं ज्यादा एक्सीडेंट करती है इस कारण उनको गाड़ी चलाने की कोई जरूरत नहीं है। गाड़ी चलाना मर्दों काम है और ये काम मर्द ही करेंगें।

सामाजिक संगठनो ने उठाई आवाज

सामाजिक संगठनो ने उठाई आवाज

आपको बता दे कुछ सामाजिक संगठन ऐसे है जो इस बात को लेकर आंदोलन कर रहे है। इसमें उम्मीद ये है कि हो सकता है आने वाले समय में गाड़ी चलाने का अधिकार महिलाओं को मिल जाए।

Desktop Bottom Promotion