Latest Updates
-
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट -
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ के बाद निमिषा सजयन ने ऐसे घटाया 14 किलो वजन, एक्ट्रेस ने शेयर की वेट लॉस जर्नी -
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय
गटर को ही बना दिया प्यार का घरौंदा... कौन हैं ये लोग?
एक जनाब़ ऐसे भी हैं कि जो पिछले 22 सालों से अपने परिवार के साथ सीवर में रह रहे हैं और आगे की जिदंगी भी वो वहीं बिताना चाहते हैं।
वैसे तो ये माना जाता है कि आदमी की इच्छाएं कभी न समाप्त होने वाली होती हैं। हमें अपने जीवन में एक अच्छा सा घर, परिवार और भोजन ही चाहिए होता है।
लेकिन आपको ऐसा कह दिया जाये कि अब आपको सीवर में रहना है तो शायद आपकी जान सूख जाएं। लेकिन एक जनाब़ ऐसे भी हैं कि जो पिछले 22 सालों से अपने परिवार के साथ सीवर में रह रहे हैं और आगे की जिदंगी भी वो वहीं बिताना चाहते हैं।
यह एक ऐसे दम्पत्ति की कहानी है जो पिछले कई सालों से एक सीवर में रह रहे हैं और वहां उन्होनें अपने जीवन के लिए आवश्यक हर सुविधाओं को जुटा लिया है। और इस सीवर में खुद के लिए और अपने परिवार के लिए एक छोटा सा घरोंदा तैयार के लिया।

कौन हैं ये लोग?
मारिया गार्सिया और उनके पति मिगुल रेस्टेपो पहले ड्रग के लती थे। वो एक बार नशे में वहां गिर गए और उन्हें वहीं प्यार हो गया। इसके बाद, उन दोनों ने वहीं अपना घर बसाया और प्यार से रहने लगे।

दुनिया बन गई कठिन -
जब उन्हें प्यार हुआ तो उनके लिए इस दुनिया में कई सारी दिक्कतें आ खड़ी हुईं। ऐसे में उन दोनों ने फैसला लिया कि वो एक -दूसरे की नशे की लत छुड़वा देंगे और साथ निभाएंगे। पर उनके परिवार और दोस्तों ने उनका साथ छोड़ दिया था।

सीवर में ली शरण -
ऐसी स्थिति में संकटग्रस्त होकर वो दोनों इस सीवर में आकर रहने लगे और यहीं उन्होंने शरण ले ली। इसे ही दोनों ने अपना घर बना लिया।

छोटा सा सीवर बना नन्हा सा घर-
इस सीवर में दोनों ने अपना आशियाना बना लिया। यहां सुख-सुविधा का हर सामान है। बिजली, छोटा सा किचन, टीवी और बिस्तर है। आप इसे स्वीट होम कह सकते हैं।

डॉग भी रहता है साथ
और तो और, आपको इस सीवर वाले घर में इन दोनों के अलावा, एक डॉग भी देखने को मिलेगा जिसका नाम ब्लैकी है। ये डॉग, अपने इस घर की रखवाली करता है जब इसके मालिक बाहर होते हैं।

शांतपूर्ण स्थान -
यह स्थान काफी शांत है और इस सीवर का इस्तेमाल पिछले कई सालों से किया ही नहीं जा रहा है। ये लोग त्यौहार के दिनों में अपने इसी घर को सजाते हैं।

नहीं छोंडेगे ये घर-
इस दम्पत्ति को इस घर को छोड़ने का कोई मन नहीं है। वो यहीं रहकर अपनी जिदंगी गुजर-बसर करना चाहते हैं। उनका कहना है कि इस घर ने उन्हें तब पनाह दी जब हर किसी ने उन्हें नकार दिया था। ऐसेमें अब वो इस घर को नहीं छोड़ सकते हैं।



Click it and Unblock the Notifications
