Latest Updates
-
Mahesh Navami 2026: महेश नवमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल आज, इन उपायों को करने से मिलेगी हनुमान जी की विशेष कृपा -
Happy Mahesh Navami 2026 Wishes: महेश जिनका नाम है...महेश नवमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 23 June 2026: मंगलवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी बजरंगबली की कृपा, जानें अपना भाग्य -
शाम 7 बजे के बाद गलती से भी मत करना ये 5 काम, बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क -
बिना मारे चूहों को घर से भगाने का देसी तरीका! आटे में मिलाकर रख दें ये एक चीज, फिर कभी नहीं आएंगे नजर -
Pahadi Crispy Snack Singal Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और कुरकुरा स्वाद -
कौन हैं पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी? आखिर क्यों हुआ जानलेवा हमला, गंभीर हालत में AIIMS में भर्ती -
Swapna Shastra: सपने में किन्नर को देखना होता है शुभ और अशुभ संकेत? जानिए इसका मतलब -
Cooling Summer Lunch Curd Rice Recipe: गर्मियों में पेट को ठंडक देने वाली सबसे आसान रेसिपी
उबलते-खौलते तेल में भी हाथ डालने से इस हलवाई के नहीं जलते है हाथ
मुकेश कुशवाह नामक हलवाई उबलते कढ़ाही में हाथ डाल देता है और इसे जलन या दर्द कुछ भी नहीं होता है।
अगर हमारे हाथ में गरम पानी की बूंदे गिर जाएं या खाना बनाते हुए तेल गिर जाएं तो हम कितना दर्द से कराहने लगते हैं। लेकिन धौलपुर में एक शख्स है जो, उबलते हुए तेल की कढ़ाई में हाथ डालकर कचौरी और समोसा तलता है।
एक-दो कचौरी नहीं, बल्कि तेल में तलने का हर काम वह बिना करछी ही करते हैं। उनकी हैरतअंगेज क्षमता न केवल लोगों को दांतों तले अंगुली दबाने को विवश कर देती है, बल्कि काफी लोग हर सुबह उनकी दुकान पर हाथ से तली कचौरी खाने पहुंच जाते हैं। इस शख्स का नाम मुकेश कुशवाह है जो उबलते कढ़ाही में हाथ डाल देता है और इसे जलन या दर्द कुछ भी नहीं होता है।

कुदरत ने ऐसा ही बनाया
मुकेश बताता है कि पंजे तक उसके हाथ गर्म तेल में नहीं जलते हैं, उसे गर्म का अहसास नहीं होता है। वहीं अगर पंजे से ऊपर तेल आ जाता है तो फफोले पड़ जाते हैं। वह दस साल से यह कार्य लगातार कर रहा है। उनका कहना है कि कुदरत ने उन्हें ऐसा ही बनाया है, लेकिन सामान्य लोग यह जोखिम कतई नहीं उठाएं। खासकर बच्चों को गर्म तेल में हाथ नहीं डालना चाहिए।

खोल ली अपनी दुकान
पहले वह मुरैना में हलवाइयों के साथ कार्य करने जाता था। उसने दस वर्ष तक वहां कार्य किया। इसी दौरान उसे पता चला कि गर्म कढ़ाई छूने पर भी उसे ताप नहीं लगता था। धीरे-धीरे कचौरी-बूंदी तलने के दौरान उबलते तेल में अंगुलियां डालीं तो पता चला कि इसका कोई असर नहीं हो रहा। अब चार साल से वो धोलपुर में अपनी कचौरियों की दुकान खोल ली हैं।



Click it and Unblock the Notifications