Latest Updates
-
April Fool's Day 2026: लंगोटिया यारों की 'बत्ती गुल' कर देंगे ये फनी मैसेजेस, हंसी रोकना होगा मुश्किल -
Lucky Signs: घर से निकलते समय इन 5 चीजों का दिखना माना जाता है बेहद शुभ, समझ जाएं जल्द बदल सकती है किस्मत -
Mysterious Temples Of India: भारत के 5 रहस्यमयी मंदिर, जहां का प्रसाद घर ले जाना होता है मना -
नारियल या सरसों का तेल? बालों की ग्रोथ के लिए कौन है नंबर-1, जानें सफेद बालों का पक्का इलाज -
April Fool's Pranks: अपनों को बनाना चाहते हैं अप्रैल फूल? ट्राई करें ये प्रैंक्स, हंस-हंसकर हो जाएंगे लोटपोट -
Mahavir Jayanti 2026: अपने बेटे के लिए चुनें भगवान महावीर के ये 50+ यूनीक नाम, जिनका अर्थ है बेहद खास -
डायबिटीज के मरीज ब्रेकफास्ट में खाएं ये 5 चीजें, पूरे दिन कंट्रोल रहेगा ब्लड शुगर लेवल -
Today Bank Holiday: क्या आज बंद रहेंगे बैंक, स्कूल और शेयर बाजार; जानें आपके शहर का क्या है हाल -
Mahavir Jayanti 2026 Wishes:अहिंसा का दीप जलाएं…इन संदेशों के साथ अपनों को दें महावीर जयंती की शुभकामनाएं -
Mahavir Jayanti Quotes 2026: 'जियो और जीने दो', महावीर जयंती पर अपनों को शेयर करें उनके अनमोल विचार
सालों से सियाचीन में सैनिकों की रक्षा कर रहे हैं 'ओपी बाबा'
पाकिस्तान सियाचीन में टेंशन बढ़ाता है। लेकिन ‘ओपी बाबा’ ग्लेशियर के संरक्षक देवता हैं जो दशकों से हमारे जवानों की रक्षा कर रहे हैं। जी हाँ! यह कहना है भारतीय जवानों का।
सियाचिन ग्लेशियर की ऊंचाई और तेज ठंड, जहां तापमान ज़ीरो से 50 डिग्री नीचे चला जाता है, ऐसे में भारतीय सैनिक वहां मुस्तैदी से खड़े हैं। सियाचीन दुनिया का सबसे ऊंचाई पर स्थित युद्धस्थल है।
हालही में ग्लेशियर पर पाकिस्तानी फाइटर जेट उड़ने और इंडियन एयर स्पेस के उलंघन के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है।
एक सैनिक जो मरने के बाद भी 49 वर्षों से सरहद की कर रहा है सुरक्षा
हालांकि नई दिल्ली से इस बात को नकारा गया है कि स्थिति संवेदनशील है। आज हम आपको जां;;;बाज सिपाही ओम प्रकाश की कहानी बता रहे हैं, जिन्हें ओपी बाबा के नाम से जाना जाता है, ऐसा माना जाता है कि ये यहाँ तैनात भारतीय सैनिकों की रक्षा करते हैं।

ये किवदंती है
ओम प्रकाश नामक एक सैनिक ने 19 80 के दशक के अंत में सियाचिन में मालाउन पोस्ट पर अकेले दुश्मनों को हराया, जब कि अन्य सैनिकों को हैडक्वाटर बुला लिया गया था। अब वह सैनिक कौन था और उसके साथ क्या हुआ, यह एक रहस्य है। आर्मी को इस सैनिक के बारे में कुछ नहीं पता।

दिखाई देता है कोई सैनिक
तब से, सियाचीन में तैनात सैनिक मानते हैं कि कोई भली आत्मा उत्तर की बर्फीली सीमाओं पर कठिन परिस्थितियों में डटे रहने वाले इन सैनिकों को देखती है।

चेतावनी देकर अलर्ट करते हैं
ऐसा माना जाता है कि वह सैनिकों की दुश्मन के आक्रमण से रक्षा करता है और उन्हें सपने में दिखकर चेतावनी देता है। सैनिकों का मानना है कि वह एक सैनिक की तरह सियाचीन के असहनीय मौसम में रक्षा करता है।

औपचारिक रिपोर्ट दी जाती है
उसके बारे में यह कहानी सियाचीन में इतनी ज़्यादा मानी जाती है कि कमांडिंग ऑफिसर ग्लेशियर पर सोल्जर पार्टी की शुरुआत से पहले ‘ओपी बाबा' को एक औपचारिक रिपोर्ट भेजता है।

मानते है ओपी बाबा को
सभी सैनिक मिशन पर जाने से पहले और मिशन पूरा करने के बाद यहाँ आते हैं और उनके प्रति आदर प्रकट करते हैं।

2003 से बनाया मंदिर
साल 2003 में, उनका मंदिर एक श्रद्धालु मंदिर में बदल दिया गया है और श्रद्धालु ओपी बाबा को रिपोर्टिंग करने के बाद अन्य देवताओं की पूजा करते हैं।

सियाचीन ग्लेशियर की सुरक्षा
भारतीय सेना 1984 से सियाचीन ग्लेशियर की सुरक्षा कर रही है।

3 महीने की ट्रेनिं
सैनिकों को सियाचीन बेस कैंप में 3 महीने की ट्रेनिंग दी जाती है।



Click it and Unblock the Notifications











