Latest Updates
-
Sarva Pitru Amavasya 2026: 9 या 10 अक्टूबर, सर्वपितृ अमावस्या कब है? जानें तिथि, कुतुप-रौहिण मुहूर्त और महत्व -
Indian Air Force Day 2026: दुनिया की सबसे ताकतवर एरयफोर्स में से एक है भारतीय वायुसेना, जानें 10 खास बातें -
35 साल की उम्र में दूसरी बार मां बनेंगी कियारा आडवाणी , जानिए इस उम्र में मां बनना कितना सेफ है? -
Nana Patekar Net Worth: 35 रुपये महीने से करोड़ों तक, जानें अपने पीछे कितनी संपत्ति छोड़ गए नाना पाटेकर? -
Nana Patekar Family: नाना पाटेकर के परिवार में कौन-कौन है? पत्नी से रहते थे अलग, कम उम्र में खो दिया था बेटा -
नाना पाटेकर का 75 की उम्र में Cardiac Arrest से निधन, समझिए हार्ट अटैक से कितने अलग होते है इसके लक्षण -
Shardiya Navratri 2026: नवरात्रि में किस दिन कौन से रंग के कपड़े पहनें? यहां देखें 11-19 अक्टूबर की पूरी लिस्ट -
Navratri Va Durga Puja: नवरात्रि और दुर्गा पूजा में क्या अंतर है? एक ही देवी, फिर क्यों अलग हैं दोनों पर्व -
Navratri Recipes 2026: डायबिटीज के मरीज नवरात्रि व्रत में खाएं ये 5 शुगर फ्री रेसिपी, नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर -
मानसून में डायबिटीज के मरीज पैरों का ख्याल कैसे रखें? डॉक्टर से जानें आसान फुट केयर टिप्स
ये है डॉक्टर हनुमान का मंदिर सिर्फ भभूति से ही हो जाता है कैंसर का ईलाज
ग्वालियर मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर की दूरी पर और भिंड जिले में स्थित दंदरौआ सरकार पूरे देश में विख्यात हैं। यहां हनुमान जी को डॉ. हनुमान के नाम से जाना जाता है।
ग्वालियर के आसपास सटे गांव वाले जब कभी बीमार पड़ते है तो किसी नामी डॉक्टर या अस्पताल के पास जाने के अलावा ये लोग भगवान हनुमान डॉक्टर के पास जाते हैं, और उनका ये मंदिर ही इनके लिए अस्पताल से कम नहीं हैं। सिर्फ भभूति लगाने मात्र से ये लोग ठीक हो जाते हैं।
चाहे कितनी बड़ी बीमारी ही क्यूं ना हो ? मान्यता है कि इस मंदिर के हनुमान स्वयं अपने एक भक्त का इलाज करने डॉक्टर बनकर पहुंचे थे। इस मंदिर से लाखों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। श्रद्धालुओं का मानना है कि, डॉ. हनुमान के पास सभी प्रकार के रोगों का कारगर इलाज है। आइए जानते है भगवान डॉक्टर हनुमान मंदिर के बारे में-
ग्वालियर मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर की दूरी पर और भिंड जिले में स्थित दंदरौआ सरकार पूरे देश में विख्यात हैं। यहां हनुमान जी को डॉ. हनुमान के नाम से जाना जाता है। यहां देश-विदेश के हजारों श्रद्धालु रोज भगवान के दर्शन के लिए आते हैं और डॉ. हनुमान उनके सभी असाध्य रोगों का सटीक इलाज करते हैं।

भभूती से करते हैं इलाज
डॉ. हनुमान के पास सभी प्रकार के रोगों का कारगर इलाज है। यहां भक्त दूर-दूर से आते हैं और हनुमान जी की भभूती से रोगों से मुक्ति पाते हैं। डॉ. हनुमान सभी प्रकार की बीमारियों के डॉक्टर हैं, लेकिन फोड़े, मुहांस और त्वचा संबंधी रोगों के लिए हनुमान जी की भभूती कारगर इलाज है।

एक और काहानी
इस मंदिर से जुड़ी मान्यता है कि एक साधु शिवकुमार दास को कैंसर था। उसे हनुमान जी ने मंदिर में डॉक्टर के वेश में दर्शन दिए थे। वे गर्दन में आला डाले थे, जिसके बाद साधु पूरी तरह स्वस्थ हो गया।

नृत्य की मुद्रा में है दंदरौआ सरकार
यहां हनुमान जी की जो मूर्ति है वो नृत्य की मुद्रा में है। यह देश की अकेली ऐसी मूर्ति है, जिसमें हनुमान जी को नृत्य करते हुए दिखाया गया है। यह मूर्ति करीब 300 साल पुरानी है और यह दिव्य मूर्ति एक तालाब में मिली थी।

दर्दहरौआ शब्द से पड़ा नाम
दंदरौआ धाम के महंत रामदास जी महाराज बताते हैं कि प्रभु की मूर्ति लगभग 300 साल पूर्व यहां के एक तालाब से निकली थी, जिसे बाद में मिते बाबा नाम के एक संत ने यहां मंदिर में स्थापित करवाया। तब से मूर्ति की पूजा-अर्चना शुरू की गई।
श्रद्धालुओं के विशेष रूप में मुंहासें, अल्सर और कैंसर जैसी बीमारियां भी मंदिर की पांच परिक्रमा करने पर ठीक हो जाती हैं। श्रद्धालुओं का दर्द दूर करने वाले हनुमान जी को पहले दर्दहरौआ कहा जाने लगा, जो कि अपभ्रंश होकर दंदरौआ हो गया।



Click it and Unblock the Notifications
