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आखिर क्यों भारत को माना जाता है कामसूत्र का जन्मदाता, कितनी सच है ये बात
कामसूत्र काफी प्रसिद्ध किताब है। इसके ऊपर कई फिल्मों भी बन चुकी है। फिर क्या कारण है आज भी इसका नाम लेते ही लोगो अंजान बनने का नाटक करते है। एक और जहां हमारा समाज आधुनिकता की बात कर रहा है तो वहीं अगर सेक्स या कामसूत्र की बात करते है तो लोगों को इससे शर्म आती है।
ये सच है कि भारत को कामसूत्र की जन्मभूमि कहा जाता है। ये किताब कई सदियों पहले लिखी गई थी जिसका संबंध सिर्फ सेक्स नहीं था। ये किताब उस देश में लिखी गई है जहां आज भी लड़के और लड़की आपस में इस तरह की बातें नहीं कर सकते है।
ऐसा देश जहां सेक्स की बात करना भी पाप माना जाता है आखिर इस देश में इस किताब का जन्म क्यों हुआ था। कई ऐसे सवाल है जो मन में सवाल पैदा करते है। आज हम कामसूत्र के बारे में बात करेंगें।

क्या है कामसूत्र का मतलब
कामसूत्र का नाम सुनते ही दिमाग में जो सबसे पहली चीज आती है वो होती है सेक्स से संबंधिक क्रिया। लेकिन इस किताब के टाइटल कामसूत्र का मतलब आनंद होता है। इसका मतलब किसी चीज से जो आनंद उत्पन्न होता है उसका कामसूत्र करते है।

सेक्स की पोजीशन को समझाया गया है
इस किताब में सेक्स से संबंधित कुछ क्रियाओं को समझाया गया है। इस किताब को तीसरी शताब्दी में लिखा गया था। इसका को मतलब को जरूर रहा होगी। इसमें सेक्स करने की पोजीशन्स को बताया गया है। इसका सीधा मतलब सेक्स के दौरान गलतियों को ध्यान में रखना है।

विचारों का सम्मान
इस किताब में स्त्री और पुरुष दोनो के सम्मान की बात गई है। इसमें बताया गया है कि किसी स्त्री के सहमति के बिना संभोग क्रिया को अंजाम देना गलत है। इसके लिए दोनो की सहमति आवश्यक है। इस किताब में दोनो के सम्मान की बात प्रमुख है।

प्राचीन मंदिरों में है तस्वीरें
भारत में एक नहीं बल्कि की पुराने मंदिरों में आपको ऐसी नग्न और अर्ध नग्न तस्वीरे मिल जाएंगी जिनमें कामवासना को अंजाम देते हुए दिखाया गया है। किसी चित्र में कोई अप्सरा मटके में पानी लेकर जाती हुई तो किसी में स्नान करते हुए भी दिख सकती है।

उस समय के सोच को बताती है तस्वीरें
कई तस्वीरों में आपको पुरुषों और महिलाओं की कामुकता को दिखाया गया है। ऐसी तस्वीरे ये बताती है कि उस समय की कहानी और मानसिकता किस तरह की रही होगी। उस समय की सोच आज की सोच से कितनी आगे थी। ये तस्वीरें इन चीजों भलिभांति दर्शाती है।

मुगलों को मानते है कामुकता के पतन का कारण
मुगलों के आने से पहले भारत में कामुकता पर खुलकर बात होने के साक्ष्य मिलते है। मुगलों के आने के बाद महिलाओं को पर्दे मे रखा जाने लगा। तभी से इस तरह की सभ्यताओं का पतन हुआ जिसका कारण मुगलों को माना जाता है।

क्या कहता है आज का दौर
आपको अगर आज के दौर की बात करे तो आज सेक्स की बात जो भी करता है उसके कैरेक्टर को खराब माना जाता है। आद के दौर में इसको काफी नीची निगाह से देखा जाता है।



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