Latest Updates
-
पापमोचिनी एकादशी पर 10 मिनट में बनाएं चटपटे व्रत वाले आलू, स्वाद ऐसा कि हर कोई पूछेगा रेसिपी -
क्या Papmochini Ekadashi के दिन बाल धो सकते हैं? जानें इस दिन क्या करें और क्या न करें -
कौन थी 'फ्यूंली' जिसकी याद में मनाया जाता है फूलदेई त्योहार? पढ़ें भावुक लोककथा -
कौन हैं कुलदीप यादव की होने वाली पत्नी? मेहमानों के लिए शाही इंतजाम, 6000 की प्लेट और पहाड़ी 'कंडाली का साग' -
क्या फिर सच हो रही बाबा वेंगा की भविष्यवाणी! इजराइल-ईरान युद्ध के बीच LPG संकट की आहट -
Phool Dei 2026: उत्तराखंड की देहरियों पर कब बरसेंगे फूल? जानें 'फूलदेई' त्योहार की तिथि, महत्व और परंपरा -
शनिवार को तेल खरीदना शुभ या अशुभ? जानें धार्मिक कारण और पौराणिक कथा -
Hindu Nav Varsh 2026: कब से शुरू होगा हिंदू नववर्ष? जानें विक्रम संवत 2083 की तिथि और महत्व -
Kharmas 2026 Date: 14 या 15 मार्च, कब से शुरू हो रहा है खरमास? जानें इस दौरान क्या करें और क्या नहीं -
Friday the 13th: 13 तारीख को पड़ने वाले शुक्रवार को क्यों अशुभ मानते हैं लोग? जानें इसके पीछे का रहस्य
सालों तक बंद दरवाजों के पीछे गुमनामी में सड़ती रही ये लाश, कोई देखने तक नहीं आया
ऐसे बदकिस्मत लोगों की मौत के ये कुछ मामले देखकर लगता है कि हम किस तरह की दुनिया में रह रहे हैं जहां सालों तक कोई किसी की सुध नहीं लेता है।
दुनिया में ऐसे कई लोग हैं तो अकेले जी रहे हैं। ये लोग दोस्तों और परिवार के बिना ही अपनी जिंदगी काट रहे हैं। इनके आखिरी समय में भी इनकी देखभाल करने के लिए कोई नहीं होता है। इनमें से कुछ लोगों को मरने के लिए अकेला छोड़ दिया जाता है और सबसे दुख की बात ये है कि सालों तक कोई भी इनकी खैर-खैबर नहीं लेता है।
यहां तक कि मरने के भी कई सालों बाद इन लोगों की लाश मिलती है। इनकी मौत के बारे में कोई नहीं जानता है। ऐसे लोगों के पड़ोसी तक इनके मरने के बाद घर से अस रही बदबू पर ध्यान देना जरूरी नहीं समझते हैं।
ऐसे बदकिस्मत लोगों की मौत के ये कुछ मामले देखकर लगता है कि हम किस तरह की दुनिया में रह रहे हैं जहां सालों तक कोई किसी की सुध नहीं लेता है।

एक साल बाद मिली इसकी लाश
कार्यकर्ता, लेखक और प्रकाशक बार्बरा सालिनस नॉर्मन का मृत शरीर एक साल बाद मिला था। कुछ समय पहले ही 70 साल की उम्र में उनकी मृत्यु हुई थी। लाश मिलने से पहले इस लेखक की लाश एक साल तक इनके घर में पड़ी रही।

अचानक से हुई गायब
मरने से कुछ समय पहले तक ब्रिटिश महिला,जॉइस कैरोल विन्सेन्ट अपने दोस्तों के साथ थी। फिर वह अचानक वहां से निकल गई और कभी भी नहीं मिली। किसी को तब तक नहीं मालूम चला जब तीन साल के बाद उनके घर से उनकी लाश मिली।

3 साल बाद मिली ये लाश
अकेले रहने वाले सिमोन एलैन की लाश 3 साल तक उनके घर में पड़ी रही। 2013 में एक सफाई कर्मचारी को उनका मृत शरीर मिला यानि की उनकी मौत के तीन साल बाद। लाश ने मोजे पहने हुए थे और वो एक कुर्सी के पीछे ढह गई थी।

लोगों को लगा घर शिफ्ट कर लिया लेकिन फिर मिली डेड बॉडी
पड़ोसियों को लगा था कि जेनेवा चैंबर्स ने अचानक अपना घर शिफ्ट कर लिया है और अब वह उनके पड़ोस में नहीं रहती हैं लेकिन इसम में बात कुछ और ही थी। ये महिला तीन साल तक अपने घर में मृत पड़ी रही थी। उनकी लाश का पता तब चला जब बैक कर्मी उनकी प्रॉपर्टी पर प्रतिबंध लगाने आए थे।

3 साल तक मरे रहे दो जुड़वा भाई
एंड्रयू और एंथनी 63 साल के दो जुड़वा भाई थे। ये दोनों भाई सर्जिकल मास्क पहने पड़ोसियों को बागवानी करते दिख जाते थे। लेकिन दुर्भाग्यवश इनके गायब होने पर किसी ने भी इस ओर ध्यान देने की जरूरत नहीं समझी। मरने के 3 साल बाद इनका शरीर पुलिस को इनके घर से बरामद हुआ था। ये दोनों ही कुर्सी पर आराम करते हुए मिले थे।

4 साल तक पड़ोसियों को नहीं मिली मौत की खबर
दोस्तों और पड़ोसियों के बीच खूब पॉपुलर रहने वाले डेविड वॉकर मरने के बाद 4 साल तक अपने घर में कैद रहे थे। उन्होंने लोगों से कहा था कि वो किसी दूसरे शहर जा रहे हैं लेकिन उन्होंने अपने कमरे में खुद को गोली मार ली थी। उनकी बॉडी 4 साल तक उन्हीं के घर में पड़ी रही थी।

15 साल बाद मिली ये बॉडी
फ्रांस में एक शख्स की बॉडी 2012 में मिली थी जबकि उसकी मौत 15 साल पहले ही हो चुकी थी। रिपोर्ट के अनुसार उनका कोई भी रिश्ते दार नहीं था और वो अकेले ही रहते थे।

इस बॉडी को मिलने में लगे 7 साल
जर्मनी में एक 59 वर्षीय आदमी की लाश उनके घर में पलंग पर लेटी हई मिली। उनकी मौत सात साल पहले ही हो चुकी थी। रिपोर्ट्स के अनुसार उस आदमी के बैड के सिरहाने पर कुछ सिगरेट, एक पुरानी टीवी और कुछ डिट्शी मार्क कॉइंस मिले थे।

बॉडी मिलने में लग गए 8 साल
एक ऑस्ट्रेलियाई महिला नताली वुड अपने भाई से डिमेंशिया के चलते काफी दूर हो चुकी थीं। यहां तक कि उन्होंने अपने भाई को बताया था कि उन्हें ब्रेन ट्यूमर भी है। मौत के आठ साल बाद उनकी लाश उन्हीं के घर में साल 2011 में मिली थी।

5 साल बाद मिली लाश
घुम्मकड़ स्वभाव की पिआ फैरनकॉप्फ बहुत कम ही अपने परिवार से बात किया करती थीं। वो हमेशा अलग-अलग जगहों पर घूमती रहती थीं इसलिए उनके परिवार को भी पता नहीं होता था कि वो कहां हैं। पिआ के परिवार को तब काफी हैरानी हुई थी कि जब उनकी मौत के पांच साल बाद उनकी लाश पुलिस को बरामद हुई थी।
ऐसे मामलों को देखकर लगता है कि हम कितनी स्वार्थी दुनिया में जी रहे हैं।



Click it and Unblock the Notifications











