वीरता के साथ प्यार और इश्क के लिये भी पागल था अलाउद्दीन खिलजी

Subscribe to Boldsky

अल्लाउद्दीन खिलजी भारत के दक्षिणी हिस्से में अपने साम्राज्य को फैलाकर उसे जीत लेने वाला एक ऐसा मुस्लिम शासक जिसे इतिहास में अच्छे कामों के लिए कम और बुरे कामों के लिए ज्यादा याद किया जाता है।

खिलजी को किसी ने खूनी हत्यारा कहा है तो किसी ने निरंकुश, किसी ने असहिष्णु कहा तो किसी ने अनपढ़ लेकिन सबने उसे सफल और युद्ध के लिए योग्य सेनानायक जरूर कहा है। 

अल्लाउद्दीन खिलजी की मोहब्बत के इतिहास के पन्नों में कई रंग से लिखा हुआ है। पद्मावती के साथ खिलजी के संबंध पर इतिहासकारों ने बहुत ज्यादा तो नहीं लिखा है। लेकिन जिसने भी लिखा है उसने विवादों को शब्दों में समेटकर मोहब्बत की दास्तां बयां की है।

Alauddin Khilji Biography

अल्लाउद्दीन खिलजी, खिलजी वंश का दूसरा शासक था। कहा जाता है कि अपने जूनून के बल पर ही वो युद्ध में विजय का तिरंगा लहराता था। दक्षिण भारत में एक के बाद एक शानदार जीत के बाद उसका प्रभाव अचानक ही काफी बढ़ गया था। लगे हाथ उसका साम्राज्य भी बढ़ता चला गया।

एक तरफ खिलजी की ताकत बढ़ी दूसरी ओर उसके चाहने वालों की संख्या भी। ऐसा भी वक्त आ गया जब लोग दक्षिण के राज्यों में खिलजी के नाम पर थर-थर कांपते थे। इतिहासकार तो ये भी कहते हैं अल्लाउद्दीन ने दक्षिण में खूब लूट मचाई।

बचपन का नाम था जुना मोहम्मद खिलजी

1250 ईस्वी में अल्लाउद्दीन खिलजी का जन्म हुआ था। बचपन का नाम था जुना मोहम्मद खिलजी। खिलजी को कभी अच्छी शिक्षा नहीं मिली लेकिन वक्त के साथ-साथ वो शक्तिशाली और महान योद्धा बनकर सबके सामने आया। गद्दी हथियाने के लिए खिलजी ने अपने चाचा और ससूर को भी नहीं छोड़ा था। लेकिन इसके बाद उसे सालों तक विद्रोहियों का सामना करना पड़ा। इस समस्या का सामना खिलजी ने पूरी ताकत के साथ किया था।

अल्लाउद्दीन ने खुद से खुद का दूसरा नाम रख लिया था..

दूसरा नाम एलेक्जेंडर रखा। उसे सिकंदर-ए-शाही की उपाधी दी गई। कहते हैं कि अल्लाउद्दीन खिलजी ने अपने साम्राज्य के विस्तार और सुरक्षा के साथ-साथ राजस्व के लिए कई नीतियां बनाई...उसे साहित्य और कला से भी जबरदस्त प्रेम था, इसे बढ़ाने के लिए खिलजी ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था।

चित्तौड़गढ़ के किले पर आक्रमण किया

अल्लाउद्दीन खिलजी ने 1303 में चित्तौड़गढ़ के किले पर आक्रमण किया था। युद्ध में शानदार प्रदर्शन के बल पर उसे जीत भी मिली। इससे कुछ दिन पहले ही समर सिंह रावल के मरने के बाद उनके बेटे रतन सिंह रावल ने चित्तौड़ की गद्दी संभाली थी।

रानी पद्मावती की खूबसूरती बन गई मुसीबत

रतन सिंह की पत्नी पद्मावती बहुत सुंदर थी और उनकी सुंदरता के बारे में काफी दूर तक चर्चे थे। तब कोई नहीं जानता था कि रानी पद्मावती की बेपनाह खूबसूरती एक दिन आफत बन जाएगी। इसी बीच अल्लाउद्दीन खिलजी के सामने चित्तौड़ घराने के ही एक पुरोहित ने पद्मावती की सुंदरता का बखान किया।

खिलजी मन ही मन पद्मावती पर मरने लगा

कहते हैं कि पद्मावती को पाने के लिए खिलजी कुछ भी करने को तैयार था। वैसे इस प्रेम कहानी में कई तरह के किस्से हैं लेकिन एक कहानी ये भी है कि पद्मावती को सिर्फ देखने भर के लिए खिलजी चित्तौड़गढ़ पहुंच गया था। दसूरी तरफ पद्मावती किसी भी हाल में अल्लाउद्दीन के सामने नहीं आना चाहती थी। उसे काफी मनाया गया तो वो इस बात के लिए तैयार हुई कि खिलजी चाहें तो उसे आईने में देख लें...

पद्मावती को आईने में देखा खिलजी ने

पद्मावती को आईने में देखने के बाद उसे पाने के लिए खिलजी हर चाल चलने को राजी था। जिसका नतीजा ये हुआ कि रतन सिंह को उनके अपने किले में ही खिलजी ने बंदी बना लिया। खिलजी सिर्फ दो बातों के लिए राजी था...या तो पद्मावती चाहिए या फिर युद्ध होगा।

युद्ध हुआ और रतन सिंह मारे गए

बाद में दोनों तरफ से स्थिति इतनी विकट बन गई कि...युद्ध ही आखिरी रास्ता बचा। युद्ध में रतन सिंह मारे गए। हजारों सैनिकों की मौत हुई। कहते हैं कि इसके बाद पद्मावती ने जौहर का रास्ता चुना...वो किसी कीमत पर खिलजी के साथ जाने को तैयार नहीं थी।

पद्मावती ने खुद को चिता के हवाले कर दिया

इसका अंत इतना बुरा होगा ये खुद खिलजी भी नहीं जानता था। खिलजी के लाख चाहने के बाद भी पद्मावती के अफसाने में उसे सिर्फ राख ही नसीब हुआ। वैसे इतिहासकारों ने अपने-अपने हिसाब से अलाउद्दीन और पद्मावती के प्यार के बारे में लिखा है...1316 ईस्वी में 66 साल की उम्र में अल्लाउद्दीन खिलजी की मृत्यु हो गई...कहते हैं कि इसके कुछेक साल के भीतर ही खिलजी साम्राज्य का सूरज ढल गया था।

For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    Read more about: bizarre अजब गजब
    English summary

    वीरता के साथ प्यार और इश्क के लिये भी पागल था अलाउद्दीन खिलजी | Alauddin Khilji Biography

    Alauddin Khilji, the second and most powerful ruler of the Khalji dynasty of Delhi Sultanate, is in news nowadays.
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Boldsky sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Boldsky website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more